शिवाजी पार्क में बिना अनुमति जमावड़ा: CJP के 10 समर्थकों पर केस, 'जेल भरो' आंदोलन में शामिल हुए शबाना आजमी-नसीरुद्दीन शाह
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के शिवाजी पार्क में बिना सरकारी अनुमति के जमा होने, नारे लगाने और लाउडस्पीकर इस्तेमाल करने के आरोप में 3 अक्टूबर 2026 को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के कम से कम 10 नामज़द समर्थकों सहित 400 से 500 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस मामला दर्ज किया गया है। दादर वेस्ट में मीनाताई ठाकरे मेमोरियल के सामने गेट नंबर 6 पर हुआ यह जमावड़ा CJP के 'जेल भरो' आंदोलन का हिस्सा था, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग उठाई गई।
मुख्य घटनाक्रम
मुंबई पुलिस के अनुसार, यह जमावड़ा 2 अक्टूबर 2026 की शाम 4 बजे से 7 बजे के बीच शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में हुआ। जिन नामज़द सदस्यों पर मामला दर्ज किया गया है उनमें CJP सदस्य अजिंक्य शिंदे, प्रणय अहीरे, आशुतोष रंका, अभिजीत दिपके, सौरव दास, आफरीन नवाज, सौम्या कोर्डे, अंकित भारद्वाज, विजय मलंगी और योगेश इंगले शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने एक सार्वजनिक मार्ग पर अनुमति के बिना जमा होकर नारे लगाए और आवश्यक अनुमति के बगैर लाउडस्पीकर का उपयोग किया, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हुई।
'जेल भरो' आंदोलन की पृष्ठभूमि
CJP ने यह विरोध प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की माँग को लेकर शुरू किया था, जो चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों की खबरों के बाद उठाई गई। आयोजकों ने इसे अपने आंदोलन का 'सीजन 2' बताया। मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की औपचारिक अनुमति नहीं दी थी, फिर भी हजारों नागरिक और समर्थक स्थल पर जमा हुए।
गौरतलब है कि दादर इलाके के कई हिस्सों में बैरिकेड्स लगाए गए थे और भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे, इसके बावजूद भीड़ को नियंत्रित करना कठिन रहा।
बॉलीवुड और सार्वजनिक हस्तियों की उपस्थिति
इस सभा को जानी-मानी हस्तियों का समर्थन मिला। अभिनेत्री शबाना आजमी, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और संगीतकार विशाल ददलानी कार्यक्रम में मौजूद रहे और उन्होंने मतदान के अधिकारों व लोकतांत्रिक संस्थानों की रक्षा के महत्व पर जोर दिया। अभिनेता प्रकाश राज ने एक रिकॉर्डेड वीडियो संदेश के माध्यम से अपना समर्थन व्यक्त किया और नागरिकों से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की अपील की।
CJP संस्थापक का बयान
सभा को संबोधित करते हुए CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आलोचना की। उन्होंने तर्क दिया कि मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए शांतिपूर्वक एकत्रित होना एक मौलिक संवैधानिक अधिकार है।
दिपके ने मुख्यमंत्री फडणवीस को सीधे चुनौती देते हुए कहा, 'मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, आपने हमें सिर्फ तीन दिन के लिए जेल में डालने की बात कही थी। अगर आपने तीन महीने कहा होता तो पूरा मुंबई शहर पूरी तरह ठप हो जाता।'
आगे क्या होगा
यह मामला अब शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में दर्ज है और जाँच जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग की स्वायत्तता और नागरिक अधिकारों को लेकर देश भर में बहस तेज हो रही है। मामले का अगला कदम नामज़द व्यक्तियों को समन और संभावित गिरफ्तारी हो सकती है, जबकि CJP ने संकेत दिए हैं कि वह अपना आंदोलन जारी रखेगी।