3 अक्टूबर 2026
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शिवाजी पार्क सीजेपी प्रदर्शन पर भाजपा का पलटवार: दरेकर बोले — 'राजनीतिक ड्रामा, जनसमर्थन शून्य'

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शिवाजी पार्क सीजेपी प्रदर्शन पर भाजपा का पलटवार: दरेकर बोले — 'राजनीतिक ड्रामा, जनसमर्थन शून्य'

सारांश

मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP प्रदर्शन पर BJP नेता प्रवीण दरेकर का तीखा पलटवार — 'राजनीतिक ड्रामा, जनसमर्थन शून्य'। अंबेडकर पर कथित विवादित बयान से गर्माया माहौल, माफी की माँग।

मुख्य बातें

भाजपा नेता और विधान परिषद सदस्य प्रवीण दरेकर ने 2 अक्टूबर 2026 को शिवाजी पार्क में हुए CJP प्रदर्शन को 'राजनीतिक ड्रामा' और पूरी तरह विफल करार दिया।
दरेकर का आरोप — प्रदर्शन का असली निशाना मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की संस्थागत छवि को नुकसान पहुँचाना था।
कार्यकर्ता अभिजीत दिपके के डॉ.
बीआर अंबेडकर पर कथित विवादित बयान की निंदा करते हुए दरेकर ने सार्वजनिक माफी की माँग की।
शिवसेना (यूबीटी) और मनसे कार्यकर्ताओं की मौजूदगी को भाजपा ने विपक्ष द्वारा प्रदर्शन 'हाईजैक' करने का प्रमाण बताया।
दरेकर ने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य सूची को शुद्ध बनाना है, न कि नाम मनमाने ढंग से हटाना।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र विधान परिषद सदस्य प्रवीण दरेकर ने 2 अक्टूबर 2026 को मुंबई के शिवाजी पार्क में सिटीजंस फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) द्वारा आयोजित प्रदर्शन को 'पूरी तरह विफल' और 'सुनियोजित राजनीतिक ड्रामा' करार दिया। दरेकर ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन का असली मकसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की संस्थागत छवि को नुकसान पहुँचाना था।

प्रदर्शन पर BJP का आरोप

दरेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि शुरुआत में इस आंदोलन को छात्रों के मुद्दों से जुड़ा बताया गया था, लेकिन धीरे-धीरे यह मुख्य चुनाव आयुक्त को निशाना बनाने वाले राजनीतिक मंच में तब्दील हो गया। उनके अनुसार, प्रदर्शन स्थल पर भीड़ बेहद कम थी और इसे अपेक्षित जनसमर्थन नहीं मिला।

दरेकर ने यह भी दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) विधायक महेश सावंत, साईनाथ दुर्गे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कई कार्यकर्ताओं की उपस्थिति से साफ हुआ कि विपक्षी राजनीतिक नेताओं ने प्रदर्शन को 'अपने कब्जे में' ले लिया।

अभिजीत दिपके के बयान पर तीखी आपत्ति

दरेकर ने कार्यकर्ता अभिजीत दिपके के उस कथित बयान की कड़ी निंदा की, जिसमें कहा गया था कि डॉ. बीआर अंबेडकर का कद और बौद्धिक क्षमता मुख्य रूप से जवाहरलाल नेहरू के कारण बढ़ी। उन्होंने इस बयान को 'बेहद आपत्तिजनक' और भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पकार डॉ. अंबेडकर की विरासत का अपमान बताया।

दरेकर ने दिपके से सार्वजनिक रूप से तत्काल माफी माँगने की माँग की। उन्होंने यह भी कहा कि आयोजकों को स्वयं प्रदर्शन के दौरान दिपके को बार-बार शांत रहने के लिए कहना पड़ा, जो आंतरिक असमंजस को दर्शाता है।

मतदाता सूची पुनरीक्षण पर BJP का पक्ष

मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर उठाई जा रही चिंताओं पर दरेकर ने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य मनमाने तरीके से नाम हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को शुद्ध और सटीक बनाना है। उन्होंने कहा कि केवल अपात्र व्यक्तियों अथवा एक से अधिक बार दर्ज नामों को हटाया जाता है और हर नागरिक के लिए दावा एवं आपत्ति दर्ज कराने की व्यवस्था उपलब्ध है।

दरेकर के अनुसार, CJP पर आरोप है कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बदनाम करने और चुनाव आयोग की संस्थागत विश्वसनीयता को कमज़ोर कर अपना राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री फडणवीस की आलोचना पर पलटवार

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर दिपके द्वारा की गई आलोचना को भी दरेकर ने खारिज किया। उन्होंने कहा कि फडणवीस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संस्कारों में पले-बढ़े नेता हैं और उन्होंने कभी मंत्री पद की चाह में सत्ता की राजनीति नहीं की। दरेकर के मुताबिक, फडणवीस की राजनीतिक यात्रा का समुचित अध्ययन किए बिना उन पर आरोप लगाना तथ्यहीन है।

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में विपक्ष और सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के बीच राजनीतिक तनाव लगातार बना हुआ है। आगे देखना होगा कि CJP और विपक्षी दल BJP के इन आरोपों का किस प्रकार जवाब देते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें चुनाव आयोग और मतदाता सूची जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विपक्षी आंदोलनों को 'संस्था-विरोधी' साबित किया जाए। गौरतलब है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण पर चिंताएँ केवल विपक्ष की नहीं, बल्कि नागरिक समाज के व्यापक वर्ग की भी हैं — इन्हें 'राजनीतिक एजेंडा' कहकर खारिज करना उस बहस को ही दबाने की कोशिश है। अंबेडकर के बयान पर माफी की माँग भले ही तथ्यपरक आधार पर हो, लेकिन इसे पूरे प्रदर्शन को नकारने के औज़ार के रूप में इस्तेमाल करना रणनीतिक दिखता है।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिवाजी पार्क में CJP का प्रदर्शन किस बारे में था?
CJP (सिटीजंस फॉर जस्टिस एंड पीस) द्वारा 2 अक्टूबर 2026 को मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल से जुड़ी चिंताओं पर केंद्रित था। भाजपा के अनुसार, प्रदर्शन शुरू में छात्र मुद्दों से जुड़ा बताया गया था।
प्रवीण दरेकर ने CJP प्रदर्शन को 'राजनीतिक ड्रामा' क्यों कहा?
दरेकर ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में भीड़ बेहद कम थी, विपक्षी नेताओं ने इसे 'हाईजैक' कर लिया और मूल मुद्दे से भटककर यह चुनाव आयोग को बदनाम करने का मंच बन गया। उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) और मनसे कार्यकर्ताओं की मौजूदगी इसे साफ राजनीतिक आयोजन साबित करती है।
अभिजीत दिपके के अंबेडकर संबंधी बयान पर विवाद क्यों हुआ?
कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने कथित तौर पर कहा कि डॉ. बीआर अंबेडकर का कद मुख्य रूप से जवाहरलाल नेहरू के कारण बढ़ा। दरेकर ने इस बयान को संविधान निर्माता अंबेडकर की विरासत का अपमान बताते हुए दिपके से तत्काल सार्वजनिक माफी की माँग की।
मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पर भाजपा का क्या कहना है?
दरेकर ने स्पष्ट किया कि विशेष पुनरीक्षण का मकसद केवल मतदाता सूची को शुद्ध और सटीक बनाना है — केवल अपात्र या एक से अधिक बार दर्ज नाम हटाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अधिकार है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर लगे आरोपों पर दरेकर ने क्या कहा?
दरेकर ने फडणवीस की आलोचना को निराधार बताते हुए कहा कि वे RSS के संस्कारों में पले-बढ़े नेता हैं और उन्होंने कभी सत्ता की राजनीति नहीं की। उन्होंने आलोचकों से फडणवीस की लंबी राजनीतिक यात्रा का अध्ययन करने की सलाह दी।
राष्ट्र प्रेस
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