सीजेपी प्रोटेस्ट पर शिवसेना का पलटवार: 'उनके पास कोई जायज़ मुद्दा नहीं', शाइना एनसी और मनीषा कायंदे का विपक्ष पर निशाना
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना नेता शाइना एनसी और मनीषा कायंदे ने 10 अक्टूबर 2026 को मुंबई में सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) के विरोध-प्रदर्शन पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और आरोप लगाया कि संगठन के पास कोई जायज़ मुद्दा नहीं है। दोनों नेताओं ने बिना अनुमति के प्रदर्शन करने पर पुलिस कार्रवाई को उचित ठहराया और प्रदर्शनकारियों पर देश में अस्थिरता फैलाने का इरादा रखने का आरोप लगाया।
शाइना एनसी की प्रतिक्रिया
शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कहा, 'सरकार का रुख साफ है — लोग विरोध-प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें इसके लिए इजाजत लेनी होगी। अगर लोग बिना इजाजत के विरोध-प्रदर्शन करके दूसरों को परेशानी में डालते हैं, तो पुलिस के पास कानून-व्यवस्था बनाए रखने का अधिकार है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि हर किसी को विरोध करने का अधिकार है, किंतु किसी को भी दंगे भड़काने का अधिकार नहीं है।
शाइना एनसी ने आगे कहा कि लोगों ने सीजेपी को 'कांग्रेस जनता पार्टी' के तौर पर पहचाना है और उनका मानना है कि संगठन के पास कोई जायज़ मुद्दा नहीं है। उन्होंने महात्मा गांधी का हवाला देते हुए कहा, 'बापू ने कहा था कि सत्य का रास्ता कानून तोड़ने का नहीं है — कानून मानना नैतिक जिम्मेदारी है।'
शाइना एनसी ने यह भी चेतावनी दी कि बिना परमिशन प्रोटेस्ट करने से अगर दंगे का वातावरण बनता है, तो पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ेगी। उनके अनुसार, 'उनकी मनमानी से नहीं चलेगा।'
मनीषा कायंदे का आरोप
शिवसेना नेता और एमएलसी मनीषा कायंदे ने इस प्रदर्शन को सोशल मीडिया-प्रेरित अफरातफरी की कोशिश बताया। उन्होंने कहा, 'जिन लोगों का इस देश, इसकी मिट्टी, यहाँ के लोगों, उनके रहन-सहन, व्यवहार या तरक्की से कोई लेना-देना नहीं है और जो समाज की परवाह किए बिना सिर्फ सोशल मीडिया पर मशहूर हैं, वे देश में अफरा-तफरी फैलाना चाहते हैं।'
कायंदे ने यूट्यूबर ध्रुव राठी और उनके जैसे लोगों का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उनका एकमात्र काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत और प्रशासन को बदनाम करना तथा पुलिस-प्रशासन को मुश्किल में डालना है। उन्होंने कहा कि ये लोग अराजकता फैलाना और देश को अस्थिर करना चाहते हैं, 'जो कभी नहीं होगा।'
एनडीए सरकार की स्थिति
मनीषा कायंदे ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार मजबूती से डटी रही है और हर चुनौती का सामना किया है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को चेताया कि इस तरह की कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी।
क्या है विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि सीजेपी ने हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के विरोध में प्रदर्शन का आयोजन किया था। शिवसेना नेताओं ने इस प्रदर्शन को राजनीति से प्रेरित बताया और आरोप लगाया कि यह कांग्रेस के इशारे पर किया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में इस विवाद का राजनीतिक असर और गहरा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।