10 अक्टूबर 2026
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सीजेपी प्रोटेस्ट पर शिवसेना का पलटवार: 'उनके पास कोई जायज़ मुद्दा नहीं', शाइना एनसी और मनीषा कायंदे का विपक्ष पर निशाना

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सीजेपी प्रोटेस्ट पर शिवसेना का पलटवार: 'उनके पास कोई जायज़ मुद्दा नहीं', शाइना एनसी और मनीषा कायंदे का विपक्ष पर निशाना

सारांश

शिवसेना नेताओं शाइना एनसी और मनीषा कायंदे ने सीजेपी के प्रदर्शन को 'कांग्रेस-प्रेरित अराजकता' करार दिया और ध्रुव राठी जैसे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पर देश को अस्थिर करने का आरोप लगाया। बिना अनुमति प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को दोनों ने उचित बताया।

मुख्य बातें

शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कहा कि सीजेपी के पास कोई जायज़ मुद्दा नहीं और लोगों ने उसे 'कांग्रेस जनता पार्टी' के रूप में पहचाना है।
शाइना एनसी ने महात्मा गांधी का हवाला देते हुए कहा कि कानून तोड़ना सत्य का रास्ता नहीं है।
बिना अनुमति विरोध-प्रदर्शन से दंगे का वातावरण बनने पर पुलिस कार्रवाई को दोनों नेताओं ने उचित ठहराया।
एमएलसी मनीषा कायंदे ने यूट्यूबर ध्रुव राठी पर देश को अस्थिर करने की कोशिश का आरोप लगाया।
एनडीए सरकार हर चुनौती का सामना करने में सक्षम है — मनीषा कायंदे।

शिवसेना नेता शाइना एनसी और मनीषा कायंदे ने 10 अक्टूबर 2026 को मुंबई में सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) के विरोध-प्रदर्शन पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और आरोप लगाया कि संगठन के पास कोई जायज़ मुद्दा नहीं है। दोनों नेताओं ने बिना अनुमति के प्रदर्शन करने पर पुलिस कार्रवाई को उचित ठहराया और प्रदर्शनकारियों पर देश में अस्थिरता फैलाने का इरादा रखने का आरोप लगाया।

शाइना एनसी की प्रतिक्रिया

शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कहा, 'सरकार का रुख साफ है — लोग विरोध-प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें इसके लिए इजाजत लेनी होगी। अगर लोग बिना इजाजत के विरोध-प्रदर्शन करके दूसरों को परेशानी में डालते हैं, तो पुलिस के पास कानून-व्यवस्था बनाए रखने का अधिकार है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि हर किसी को विरोध करने का अधिकार है, किंतु किसी को भी दंगे भड़काने का अधिकार नहीं है।

शाइना एनसी ने आगे कहा कि लोगों ने सीजेपी को 'कांग्रेस जनता पार्टी' के तौर पर पहचाना है और उनका मानना है कि संगठन के पास कोई जायज़ मुद्दा नहीं है। उन्होंने महात्मा गांधी का हवाला देते हुए कहा, 'बापू ने कहा था कि सत्य का रास्ता कानून तोड़ने का नहीं है — कानून मानना नैतिक जिम्मेदारी है।'

शाइना एनसी ने यह भी चेतावनी दी कि बिना परमिशन प्रोटेस्ट करने से अगर दंगे का वातावरण बनता है, तो पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ेगी। उनके अनुसार, 'उनकी मनमानी से नहीं चलेगा।'

मनीषा कायंदे का आरोप

शिवसेना नेता और एमएलसी मनीषा कायंदे ने इस प्रदर्शन को सोशल मीडिया-प्रेरित अफरातफरी की कोशिश बताया। उन्होंने कहा, 'जिन लोगों का इस देश, इसकी मिट्टी, यहाँ के लोगों, उनके रहन-सहन, व्यवहार या तरक्की से कोई लेना-देना नहीं है और जो समाज की परवाह किए बिना सिर्फ सोशल मीडिया पर मशहूर हैं, वे देश में अफरा-तफरी फैलाना चाहते हैं।'

कायंदे ने यूट्यूबर ध्रुव राठी और उनके जैसे लोगों का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उनका एकमात्र काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत और प्रशासन को बदनाम करना तथा पुलिस-प्रशासन को मुश्किल में डालना है। उन्होंने कहा कि ये लोग अराजकता फैलाना और देश को अस्थिर करना चाहते हैं, 'जो कभी नहीं होगा।'

एनडीए सरकार की स्थिति

मनीषा कायंदे ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार मजबूती से डटी रही है और हर चुनौती का सामना किया है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को चेताया कि इस तरह की कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी।

क्या है विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि सीजेपी ने हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के विरोध में प्रदर्शन का आयोजन किया था। शिवसेना नेताओं ने इस प्रदर्शन को राजनीति से प्रेरित बताया और आरोप लगाया कि यह कांग्रेस के इशारे पर किया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में इस विवाद का राजनीतिक असर और गहरा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि कानून-व्यवस्था का मुद्दा बनाना। ध्रुव राठी जैसे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर का नाम लेना इस बात का संकेत है कि सत्तारूढ़ दल डिजिटल असहमति को राजनीतिक खतरे की तरह देखने लगा है। गौरतलब है कि विरोध-प्रदर्शन के अधिकार और पूर्व-अनुमति की शर्त के बीच की रेखा अक्सर विवाद का केंद्र रही है — इस तर्क का उपयोग विभिन्न राज्य सरकारें अपने-अपने सुविधा अनुसार करती आई हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वह यह है: सीजेपी के असल मुद्दे और उसकी माँगें इस बहस में गायब हो गई हैं।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीजेपी प्रोटेस्ट क्या है और शिवसेना ने इस पर क्यों प्रतिक्रिया दी?
सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) ने हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के विरोध में प्रदर्शन आयोजित किया था। शिवसेना नेताओं ने इसे राजनीति से प्रेरित और कांग्रेस के इशारे पर किया गया बताया तथा संगठन पर 'जायज़ मुद्दा न होने' का आरोप लगाया।
शाइना एनसी ने बिना परमिशन प्रदर्शन पर क्या कहा?
शाइना एनसी ने कहा कि बिना अनुमति प्रदर्शन करने और दूसरों को परेशान करने पर पुलिस के पास कानून-व्यवस्था बनाए रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इससे दंगे का माहौल बनता है तो पुलिस कार्रवाई अनिवार्य होगी।
मनीषा कायंदे ने ध्रुव राठी पर क्या आरोप लगाए?
शिवसेना एमएलसी मनीषा कायंदे ने ध्रुव राठी और उन जैसे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पर आरोप लगाया कि उनका एकमात्र काम पीएम मोदी, भारत और प्रशासन को बदनाम करना और देश में अराजकता फैलाना है।
शिवसेना नेताओं ने महात्मा गांधी का जिक्र क्यों किया?
शाइना एनसी ने महात्मा गांधी के हवाले से कहा कि सत्य का रास्ता कानून तोड़ने का नहीं है और कानून मानना नैतिक जिम्मेदारी है। यह तर्क उन्होंने सीजेपी की बिना अनुमति विरोध-प्रदर्शन की रणनीति को नैतिक आधार पर गलत ठहराने के लिए दिया।
इस विवाद का महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर हो सकता है?
यह टकराव ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में एनडीए और विपक्ष के बीच राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा होने की संभावना है, खासकर सोशल मीडिया की भूमिका और विरोध-प्रदर्शन की अनुमति को लेकर।
राष्ट्र प्रेस
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