शिवसेना का CJP प्रदर्शन पर कड़ा रुख: शाइना एनसी बोलीं — बिना इजाज़त आंदोलन स्वीकार्य नहीं
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना नेताओं ने 11 अक्टूबर 2026 को सिटीज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के प्रदर्शनों पर कड़ी आपत्ति जताई और स्पष्ट किया कि बिना सरकारी अनुमति के आयोजित किए जाने वाले किसी भी आंदोलन को वैध नहीं माना जा सकता। शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी और एमएलसी मनीषा कायंदे ने एक सुर में CJP के विरोध प्रदर्शनों की आलोचना करते हुए कहा कि इससे आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
शाइना एनसी का सरकारी रुख पर बयान
शाइना एनसी ने कहा, 'सरकार का रुख स्पष्ट है। बिना इजाज़त के विरोध प्रदर्शन नहीं किया जा सकता और अगर बिना अनुमति के ऐसे प्रदर्शन आयोजित किए जाते हैं तो सरकार एहतियाती कार्रवाई कर सकती है।' उन्होंने यह भी कहा कि स्वयं दीपक ने माना है कि वे गिरफ़्तार होने के इरादे से आए थे।
शाइना एनसी ने आगे कहा, 'जंतर मंतर पर कोई हिंसा नहीं होनी चाहिए और कानून व्यवस्था बनी रहनी चाहिए। जो लोग झूठी कहानी फैला रहे हैं, उन्हें अपना पक्ष पटियाला हाउस कोर्ट में रखना चाहिए और अदालत को फैसला करने देना चाहिए।' यह बयान उस समय आया है जब जंतर मंतर पर CJP से जुड़े आंदोलन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।
मनीषा कायंदे की आलोचना — बार-बार आंदोलन से परेशान जनता
शिवसेना एमएलसी मनीषा कायंदे ने CJP के बार-बार होने वाले प्रदर्शनों को आम जनजीवन के लिए बाधक बताया। उन्होंने कहा, 'बार-बार आंदोलन करना और लोगों को तकलीफ देना बिल्कुल सही नहीं है क्योंकि दिल्ली के लोग आंदोलन से परेशान हैं।'
कायंदे ने स्पष्ट किया कि यदि बार-बार सड़कों पर उतरने से आम नागरिकों का जीवन प्रभावित होता है, तो पुलिस कार्रवाई अपरिहार्य हो जाती है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पिछली बार जंतर मंतर पर हुए आंदोलन के दौरान भी नियमों का उल्लंघन किया गया था।
राहुल गांधी पर निशाना
मनीषा कायंदे ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी आरोप लगाए। उनके अनुसार, राहुल गांधी 'वोट चोरी का फर्जी नैरेटिव' फैलाने और जनता को गुमराह करने में माहिर हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को भी इस तरह के आंदोलन में घसीटना गलत है और राहुल गांधी ने कभी छात्रहित में कोई ठोस काम नहीं किया।
कानून-व्यवस्था और सरकारी ज़िम्मेदारी
मनीषा कायंदे ने कहा कि केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की ज़िम्मेदारी है कि नागरिकों का जीवन सामान्य बना रहे और उन्हें आए दिन किसी बाधा का सामना न करना पड़े। गौरतलब है कि जंतर मंतर पर अनुमति-संबंधी विवाद पहले भी उठ चुके हैं, और यह बयान उसी लंबी कड़ी का हिस्सा है। आगामी दिनों में CJP और सरकार के बीच इस मुद्दे पर रुख और स्पष्ट होने की संभावना है।