क्या जो जमीन पर काम करते हैं, वही जनादेश पाते हैं? : शाइना एनसी

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क्या जो जमीन पर काम करते हैं, वही जनादेश पाते हैं? : शाइना एनसी

सारांश

मुंबई में बीएमसी चुनावों की काउंटिंग के दौरान शिवसेना नेताओं शाइना एनसी और मनीषा कायंदे ने एग्जिट पोल और उद्धव ठाकरे की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो लोग जमीन पर काम करते हैं, वही जनादेश पाते हैं। क्या यह सही है?

मुख्य बातें

महायुति गठबंधन को मजबूत समर्थन मिला है।
जो लोग जमीन पर काम करते हैं, वही जनादेश पाते हैं।
एग्जिट पोल वास्तविकता का सही प्रतिनिधित्व नहीं करते।

मुंबई, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुंबई में बीएमसी चुनावों की काउंटिंग जारी है। इस बीच एग्जिट पोल और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इस पर शिवसेना नेता शाइना एनसी और मनीषा कायंदे ने प्रतिक्रिया दी।

शिवसेना के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाइना एनसी ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि जनता ने महायुति गठबंधन को लगातार मजबूत समर्थन दिया है। चाहे लोकसभा हो, विधानसभा हो या फिर नगर निगम चुनाव, नतीजे लगातार एक जैसे रहे हैं। विकास के मामले में एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस की जोड़ी को लोग बेजोड़ मानते हैं। जनता का संदेश साफ है कि जो लोग घर बैठे राजनीति करते हैं, उन्हें घर पर ही रहना चाहिए। जो जमीन पर काम करते हैं, वही जनता का जनादेश पाते हैं।

उन्होंने एग्जिट पोल और मतदान के दौरान उठाए जा रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी।

शाइना एनसी ने कहा, "स्याही को लेकर कोई मुद्दा नहीं है। कुछ घंटों में जब नतीजे यूबीटी सेना तक पहुंचेंगे, तो चुनाव आयोग, ईवीएम, नोटों की उपलब्धता या स्याही के कथित दुरुपयोग जैसे सभी बहाने अपने आप बेबुनियाद साबित हो जाएंगे। अगर ऐसे आरोप लगाने वाले पिछले 25 सालों से जमीन पर उतरकर काम करते, तो शायद नतीजे उनके पक्ष में होते।"

इसके साथ ही उन्होंने मतदान के दौरान उद्धव ठाकरे के प्रेस कॉन्फ्रेंस करने को लेकर भी टिप्पणी की।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करना चाहिए। चुनाव आयोग यह बताता है कि क्या सही है और क्या गलत, ताकि सभी लोग नियमों से अवगत रहें।

वहीं, शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने एग्जिट पोल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अलग-अलग एजेंसियों के एग्जिट पोल में आंकड़े अलग हो सकते हैं, लेकिन उन्हें अपने काम पर पूरा भरोसा है।

उन्होंने कहा, "पिछले साढ़े तीन वर्षों में मुंबई ने एकनाथ शिंदे और बाद में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में अभूतपूर्व विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार देखा है।"

उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए मनीषा कायंदे ने कहा, "यही बात उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान भी कही थी। उस समय भी पहले दो-तीन महीनों में एक फर्जी नैरेटिव बनाया गया था। अब उन्होंने मतदान के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की नई रणनीति शुरू कर दी है।"

उन्होंने अपनी उंगली पर लगी स्याही दिखाते हुए कहा, "देखिए, मेरी उंगली पर स्याही लगी है। मैंने इसे कल नेल पॉलिश रिमूवर से हटाने की कोशिश की, लेकिन यह नहीं हटी।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या एग्जिट पोल हमेशा सही होते हैं?
नहीं, एग्जिट पोल हमेशा सही नहीं होते हैं, वे केवल अनुमान होते हैं।
क्या मतदान के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस करना सही है?
यह लोकतंत्र में उचित है कि सभी को चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
शिवसेना के नेताओं का विकास पर क्या कहना है?
शिवसेना के नेताओं का कहना है कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में मुंबई में अभूतपूर्व विकास हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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