क्या बीएमसी चुनावों में भाजपा–शिवसेना गठबंधन की जीत निश्चित है?
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा-शिवसेना गठबंधन की जीत की संभावना बढ़ रही है।
- ठाकरे बंधुओं को चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
- बीएमसी चुनाव लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाता है।
- मतदान प्रक्रिया 15 जनवरी को संपन्न हुई।
- मतगणना शुक्रवार को होगी।
मुंबई, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना गठबंधन की भारी जीत की आशंका जताई जा रही है। विभिन्न मतदान एजेंसियों के एग्जिट पोल्स के अनुसार, मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि ‘एकजुट’ ठाकरे बंधुओं को इस चुनाव में कड़ी चुनौती के बावजूद विशेष सफलता नहीं मिलती नजर आ रही है।
कम से कम दो एग्जिट पोल्स ने भाजपा-शिवसेना गठबंधन के लिए स्पष्ट और निर्णायक जनादेश का अनुमान लगाया है। इन अनुमानों के अनुसार, ठाकरे बंधु बड़े अंतर से पीछे चल रहे हैं, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन एक बार फिर कमजोर प्रदर्शन की ओर बढ़ता दिख रहा है।
एग्जिट पोल्स के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन उत्तर और दक्षिण भारत से आए प्रवासी मतदाताओं की पहली पसंद बनकर उभरा है। इसके अलावा, मराठा वोटों का एक बड़ा हिस्सा भी इस गठबंधन को मिलने की संभावना जताई गई है। वहीं, ठाकरे चचेरे भाई मराठी और मुस्लिम वोटों को पूरी तरह एकजुट करने में नाकाम नजर आ रहे हैं। शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) गठबंधन पर इन वर्गों का भरोसा पूरी तरह से नहीं बन रहा है।
एक्सिस माई इंडिया और जेवीसी (जेवीसी) नामक दो प्रमुख पोल एजेंसियों ने बीएमसी के इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले में भाजपा–शिवसेना गठबंधन की शानदार जीत का अनुमान लगाया है।
जेवीसी के अनुसार, भाजपा–शिवसेना गठबंधन 138 वार्डों में जीत हासिल कर सकता है, जबकि शिवसेना (यूबीटी) को 59 वार्ड मिलने की संभावना है। कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन काफी पीछे बताया गया है और उसके खाते में केवल 23 वार्ड आने का अनुमान है।
वहीं, एक्सिस माई इंडिया ने भाजपा–शिवसेना गठबंधन को 131 से 151 वार्डों में जीत का अनुमान दिया है, जबकि शिवसेना (यूबीटी) के नेतृत्व वाले गठबंधन को 58 से 68 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।
एक अन्य एजेंसी ‘द सकाळ पोल’ के मुताबिक, बीएमसी चुनाव में मुकाबला भाजपा–शिवसेना और शिवसेना (यूबीटी)–मनसे गठबंधन के बीच कड़ा हो सकता है। हालांकि, इसमें भी भाजपा–शिवसेना गठबंधन को मामूली बढ़त मिलती दिखाई गई है। इस एजेंसी के अनुसार, भाजपा–शिवसेना गठबंधन 119 वार्ड जीत सकता है, जबकि शिवसेना (यूबीटी) को 75 वार्ड मिल सकते हैं। कांग्रेस की सीटें 20 से कम रहने का अनुमान है।
बीएमसी चुनाव के लिए ठाकरे चचेरे भाई उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे करीब 20 वर्षों के राजनीतिक अलगाव के बाद एक साथ आए थे। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की मनसे ने भाजपा–शिवसेना गठबंधन की चुनौती से निपटने के लिए अपने पुराने मतभेद भुला दिए थे।
इस चुनाव में शिवसेना (यूबीटी) ने करीब 160 वार्डों में उम्मीदवार उतारे, जबकि मनसे ने लगभग 53 सीटों पर प्रत्याशी खड़े किए।
गौरतलब है कि बीएमसी देश की सबसे अमीर नगर निगम है। इसके चुनाव गुरुवार को महाराष्ट्र की 28 अन्य नगरपालिकाओं के साथ संपन्न हुए। बीएमसी के 227 वार्डों के लिए सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक मतदान हुआ। मतगणना शुक्रवार को की जाएगी।