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बीएमसी चुनाव: क्या महायुति ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है, और 'ठाकरे ब्रदर्स' की पार्टियां क्यों पिछड़ीं?

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बीएमसी चुनाव: क्या महायुति ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है, और 'ठाकरे ब्रदर्स' की पार्टियां क्यों पिछड़ीं?

सारांश

बीएमसी चुनाव में महायुति ने बहुमत का आंकड़ा पार किया है। भाजपा का नेतृत्व वाला गठबंधन बढ़त में है, जबकि ठाकरे बंधुओं की पार्टियों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा है। जानिए इस चुनावी नतीजे का क्या मतलब है।

मुख्य बातें

महायुति ने बीएमसी चुनावों में बहुमत प्राप्त किया है।
भाजपा का नेतृत्व वाला गठबंधन सबसे बड़ी ताकत बना है।
ठाकरे ब्रदर्स की पार्टियों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है।
पुणे में चुनावी गठबंधन की स्थिति का परीक्षण हो रहा है।
मतदाता संख्या में वृद्धि हुई है, खासकर मुंबई में।

मुंबई, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) तथा महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों के लिए मतगणना का कार्य जारी है। दोपहर तक के रुझानों में भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन बढ़त बनाए हुए है। बीएमसी चुनाव में महायुति ने बहुमत प्राप्त कर लिया है। हालांकि, अब तक के रुझानों में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की पार्टियों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है।

चुनाव आयोग के अनुसार, शुक्रवार दोपहर तक के रुझानों में भारतीय जनता पार्टी बीएमसी चुनावों में सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है, और उसके गठबंधन को निर्णायक बढ़त मिली है। कुल 119 वार्डों में महायुति के प्रत्याशियों ने बढ़त बनाई है, जिसमें भाजपा 88 वार्डों में और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के शिवसेना गुट 31 वार्डों में आगे हैं।

हालांकि, 'ठाकरे ब्रदर्स' की संयुक्त ताकत उम्मीदों से कम रही है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) 64 वार्डों में आगे है, जबकि राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) को केवल छह वार्डों में बढ़त मिली है। राजनीतिक एकजुटता के प्रयासों के बावजूद, दोनों दल भाजपा गठबंधन से काफी पीछे रह गए हैं।

मुंबई के अलावा, पूरे राज्य में भी रुझान भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के पक्ष में थे। 29 नगर निगमों में, भाजपा को 909 वार्डों में बढ़त मिली है, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना 237 वार्डों में आगे चल रही है।

पुणे एक और महत्वपूर्ण युद्ध का मैदान बनकर उभरा है, जहां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों ने नगर निगम चुनावों के लिए हाथ मिलाया है। पुणे में परिणाम को जमीनी स्तर पर गठबंधन की चुनावी व्यवहार्यता की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने मतगणना के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "जो हिंदू हित की बात करेगा वही महाराष्ट्र पर राज करेगा। जय श्री राम।"

ध्यान दें कि महाराष्ट्र के 29 नगर निकायों के 893 वार्डों में कुल 2,869 सीटों के लिए मतदान हुआ। मतदाताओं ने 15,931 उम्मीदवारों की राजनीतिक किस्मत का फैसला किया, जिसमें अकेले मुंबई में लगभग 1,700 उम्मीदवार शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

ठाकरे बंधुओं की पार्टियों को अब पुनर्गठन की आवश्यकता है। यह परिणाम न केवल मुंबई बल्कि पूरे राज्य की राजनीतिक भूगोल को प्रभावित करेगा।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीएमसी चुनाव में किसने बढ़त बनाई है?
बीएमसी चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन बढ़त में है।
महायुति का प्रदर्शन कैसा रहा?
महायुति ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है।
ठाकरे ब्रदर्स की पार्टियों का प्रदर्शन कैसा रहा?
ठाकरे ब्रदर्स की पार्टियों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा है।
पुणे में चुनावों की स्थिति क्या है?
पुणे में एनसीपी के दो गुटों ने गठबंधन किया है, जो चुनावी व्यवहार्यता का परीक्षण है।
मतदान में कितने उम्मीदवार शामिल हुए?
मतदान में कुल 15,931 उम्मीदवार शामिल हुए, जिनमें 1,700 से अधिक सिर्फ मुंबई से हैं।
राष्ट्र प्रेस
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