क्या उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का गठबंधन भाजपा के लिए चुनौती बनेगा?

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क्या उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का गठबंधन भाजपा के लिए चुनौती बनेगा?

सारांश

मुंबई में बीएमसी चुनाव के पहले, भाजपा विधायक राम कदम ने उद्धव और राज ठाकरे के गठबंधन पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि ठाकरे ब्रदर्स केवल मीडिया में चर्चा में रह सकते हैं, लेकिन इसका चुनावों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इस समाचार में राजनीतिक समीकरणों की रोचक जानकारी है।

मुख्य बातें

उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का गठबंधन चुनावों में असर नहीं डालेगा।
भाजपा विधायक राम कदम ने ठाकरे ब्रदर्स पर तीखा कटाक्ष किया।
महायुति का ध्वज पूरे महाराष्ट्र में लहराएगा।
कांग्रेस के खिलाफ राम मंदिर का मुद्दा उठाया गया।
प्रियंका गांधी के बारे में गंभीर सवाल उठाए गए।

मुंबई, २४ दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के पहले, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच के राजनीतिक गठबंधन पर भाजपा के विधायक राम कदम ने तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि 27 सितंबर 2005 को उद्धव ठाकरे ने राज ठाकरे के साथ इतना खराब व्यवहार किया कि उन्हें पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। आज वही उद्धव उनके दरवाजे पर खड़े होकर समर्थन मांग रहे हैं।

राम कदम ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, 'ठाकरे ब्रदर्स' केवल मीडिया में सुर्खियां बटोर सकते हैं, लेकिन इससे चुनावों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बुधवार को 12 बजे कैंपेन के दौरान भीड़ दिखेगी, लेकिन यह वोट में नहीं बदलने वाली है। मुंबई को महाराष्ट्रियों से बांटने के लिए भावनात्मक अपीलें होंगी। हालांकि, मुंबई का हर नागरिक जानता है कि कोविड के दौरान उद्धव ठाकरे और उनकी सरकार ने शहर को लूटने का काम किया।

उन्होंने आगे कहा कि आज मुंबई में सारा विकास देवेंद्र फडणवीस की नेतृत्व में हुआ है। उद्धव ठाकरे और उनकी सरकार ने केवल '20 टका कमीशन' का खेल खेला। उनकी मनमानी के कारण हम मुंबई का नाम ऊंचा नहीं कर पाए।

राम कदम ने यह भी कहा कि अब कोई 'ठाकरे ब्रांड' नहीं बचा है। यह केवल बाबासाहेब ठाकरे के समय था। अगर वास्तव में आज 'ठाकरे ब्रांड' होता, तो निकाय चुनावों में हार का सामना नहीं करना पड़ता। दोनों के साथ आने के बावजूद, मुंबई और पूरे महाराष्ट्र में महायुति का ध्वज लहराएगा।

इसी बीच, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बयान का समर्थन करते हुए राम कदम ने कहा, 'आजादी के बाद जब कांग्रेस पार्टी सत्ता में आई, तो उसने जानबूझकर एक विशेष धर्म का पक्ष लिया और हिंदुओं को दबाया व परेशान किया।'

उन्होंने कहा कि हिंदुओं की आस्था और मंदिरों के साथ कांग्रेस नेताओं का बर्ताव भी एक उदाहरण है। राम मंदिर को लेकर भी कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाए थे।

राम कदम ने कहा, 'क्या आपने कभी राहुल गांधी या प्रियंका गांधी को अयोध्या जाते देखा है? ऐसा इसलिए है क्योंकि उनके मन में हिंदुओं के खिलाफ दुश्मनी है। अगर कांग्रेस ने शुरू से ही प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए नारे 'सबका साथ, सबका विकास' को माना होता, तो आजादी के बाद ऐसे विवाद नहीं होते।'

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद द्वारा प्रियंका गांधी वाड्रा को पीएम का चेहरा बताने पर राम कदम ने कहा, 'जिस नेता ने प्रियंका गांधी वाड्रा को प्रधानमंत्री बनाने की बात की, उन्हें शायद पता होना चाहिए कि रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ कितने गंभीर केस चल रहे हैं। क्या ऐसा परिवार प्रधानमंत्री बनकर देश चला सकता है?'

भाजपा विधायक ने कहा कि अगर प्रियंका गांधी सत्ता में आईं, तो वे पूरे देश को लूट लेंगी। ऐसी बेबुनियाद कल्पना, अगर पचास या सौ साल बाद भी कभी हुई, तो देश बिक जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन क्या यह गठबंधन सच में भाजपा के लिए चुनौती बनेगा? यह देखना दिलचस्प होगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम कदम ने उद्धव और राज ठाकरे को लेकर क्या कहा?
राम कदम ने कहा कि ठाकरे ब्रदर्स केवल मीडिया में चर्चा में रह सकते हैं, लेकिन इसका चुनावों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
क्या उद्धव ठाकरे का 'ठाकरे ब्रांड' अब खत्म हो गया है?
राम कदम के अनुसार, अब कोई 'ठाकरे ब्रांड' नहीं बचा। यह केवल बाबासाहेब ठाकरे के समय था।
राष्ट्र प्रेस
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