चीन अंतरराष्ट्रीय निवेश व व्यापार मेला 2025: 129 देशों की भागीदारी के साथ 'चीनी अवसर 2.0' का संकेत
सारांश
मुख्य बातें
श्यामन (चीन) में 8 से 11 सितंबर 2025 तक आयोजित 26वें चीन अंतरराष्ट्रीय निवेश और व्यापार मेले में 129 देशों व क्षेत्रों तथा 30 अंतरराष्ट्रीय संगठनों की 1,200 से अधिक आधिकारिक संस्थाओं और औद्योगिक-व्यापारिक मंडलों ने हिस्सा लिया — जो इस मेले के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड है। कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि 'चीनी अवसर 2.0' का लाभ उठाना उनकी वैश्विक रणनीति का अहम हिस्सा बन चुका है।
सऊदी अरामको सहित बड़ी कंपनियों की गहरी रुचि
सऊदी अरब ऑयल कंपनी (अरामको) के डाउनस्ट्रीम व्यवसाय महानिदेशक मोहम्मद खटानी ने मेले में बताया कि उनकी कंपनी ने चीन में 3,300 करोड़ अमेरिकी डॉलर का निवेश किया है। खटानी ने कहा, 'चीन हमारे लिए केवल एक बड़ा बाज़ार नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदार है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद कई बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ चीन में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही हैं।
अमेरिकी उद्यमों के लिए 'चीनी अवसर 2.0' पर ज़ोर
चीन-अमेरिका व्यापार संघ के अध्यक्ष माइकल हार्ट ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में अमेरिकी कंपनियों को 'चीनी अवसर 2.0' का फ़ायदा उठाने में सहायता करना उनके संघ की शीर्ष प्राथमिकताओं में है। गौरतलब है कि अमेरिका-चीन व्यापार तनावों के बीच भी दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध बेहद गहरे बने हुए हैं, और कई अमेरिकी कंपनियाँ चीनी बाज़ार में अपना विस्तार जारी रखे हुई हैं।
विदेशी निवेश का बदलता स्वरूप
चीनी वाणिज्य मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, 2025 के अंत तक चीन में विदेशी पूँजी वाले उद्यमों की संख्या 5 लाख 33 हज़ार तक पहुँच गई थी और विदेशी पूँजी का कुल पैमाना लगभग 40 खरब अमेरिकी डॉलर हो चुका था। मंत्रालय ने स्वीकार किया कि चीन में विदेशी निवेश का तर्क गहराई से बदल रहा है — अब निवेशक सस्ती श्रमिक शक्ति और भूमि जैसे परंपरागत कारकों से आगे बढ़कर कुशल व्यावसायिक पारिस्थितिकी, बेहतर बुनियादी ढाँचे, कुशल सप्लाई चेन और उच्च गुणवत्ता वाली प्रतिभाओं की उपलब्धता पर अधिक ध्यान दे रहे हैं।
नवाचार का केंद्र बनता चीन
विदेशी निवेशकों का व्यापक मानना है कि चीन में प्रचुर अनुप्रयोग परिदृश्य, नवाचार-संचालित उपभोग बाज़ार और तेज़ी से विकसित हो रही तकनीकी इकोसिस्टम मौजूद है। कोन कॉर्पोरेशन के कार्यकारी उप महानिदेशक जो बाओ ने चीन को भविष्य का सबसे बड़ा नवाचार अवसर बताया। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी चीन में स्थापित विश्व के दूसरे सबसे बड़े अनुसंधान एवं विकास केंद्र के माध्यम से डिजिटल परिवर्तन को गति दे रही है और स्थानीय उद्यमों के साथ रोबोटिक्स तथा IoT जैसे क्षेत्रों में सहयोग कर रही है।
आगे की राह
वैश्विक अनिश्चितता के दौर में चीन खुद को एक स्थिर और विश्वसनीय निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने पर ज़ोर दे रहा है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि चीन की आर्थिक वृद्धि दर में हालिया मंदी, रियल एस्टेट संकट और भू-राजनीतिक जोखिम विदेशी निवेशकों के लिए चुनौतियाँ बनाए हुए हैं। यह देखना अहम होगा कि 'चीनी अवसर 2.0' की यह अवधारणा ज़मीनी स्तर पर कितनी कारगर साबित होती है और क्या यह नए विदेशी निवेश की ठोस लहर ला पाती है।