एपेक सम्मेलन: सूचो में 700+ उद्यम, 60% अमेरिकी कंपनियाँ चीन में निवेश बढ़ाने को तैयार
सारांश
मुख्य बातें
सूचो (च्यांगसू प्रांत, चीन) में 21 मई 2026 को आयोजित एशिया-प्रशांत व्यापार साझेदारी वार्ता और 2026 सूचो वैश्विक निवेश संवर्धन सम्मेलन में 30 से अधिक देशों और क्षेत्रों के 700 से ज़्यादा उद्यमों के प्रतिनिधि शामिल हुए। एपेक व्यापार मंत्री सम्मेलन की इस विस्तारित गतिविधि में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों ने चीन में आर्थिक और व्यापारिक सहयोग के व्यापक अवसरों की उम्मीद जताई।
सम्मेलन का महत्त्व और भागीदारी
यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हुआ जब वैश्विक व्यापार तनाव और आपूर्ति-श्रृंखला पुनर्गठन की चर्चाएँ तेज़ हैं। एपेक के मंच का उपयोग करते हुए चीन ने विदेशी कंपनियों को अपने बाज़ार में निवेश के लिए आकर्षित करने का प्रयास किया। च्यांगसू प्रांत का सूचो शहर पहले से ही बहुराष्ट्रीय विनिर्माण कंपनियों का प्रमुख केंद्र रहा है।
अमेरिकी कंपनियों की प्रतिक्रिया
इस सम्मेलन में अमेरिकी कंपनियों के प्रतिनिधियों की संख्या सर्वाधिक रही। अमेरिका की टेक्नीमार्क समूह के मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) रॉब इउप्पा ने कहा कि उनकी कंपनी लंबे समय से सूचो में व्यापार कर रही है और एपेक व्यापार मंत्री सम्मेलन में विनिर्माण के अंतर्राष्ट्रीय सहयोग तथा नवोदित व्यवसायों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि चीन के साथ-साथ एशिया-प्रशांत क्षेत्र के अन्य देशों के साथ भी सहयोग बढ़ेगा, जिससे कंपनी का इस बाज़ार में विस्तार हो सके।
अमेरिका की 3M कंपनी के वैश्विक वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं चीनी अध्यक्ष तथा शांगहाई में अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के निदेशक तिंग होंगयू ने कहा कि इस सम्मेलन ने एपेक देशों में व्यापार करने वाली कंपनियों को सहयोग के ठोस अवसर उपलब्ध कराए। उन्होंने डिजिटल परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सतत विकास को पूरी औद्योगिक श्रृंखला के उन्नयन का आधार बताया।
निवेश के आँकड़े
चीन में अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के ताज़ा आँकड़ों के अनुसार, 60 प्रतिशत अमेरिकी कंपनियाँ चीन में अपना निवेश बढ़ाने की योजना बना रही हैं। गौरतलब है कि यह आँकड़ा ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका-चीन व्यापार संबंधों में उतार-चढ़ाव जारी है।
आगे क्या
विशेषज्ञों का मानना है कि एपेक मंच का उपयोग कर चीन विदेशी निवेशकों को दीर्घकालिक भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने की रणनीति पर काम कर रहा है। डिजिटल अर्थव्यवस्था, हरित ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएँ सबसे अधिक बताई जा रही हैं। अगले एपेक व्यापार मंत्री सम्मेलन की गतिविधियों पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों की नज़र बनी रहेगी।