एपेक व्यापार मंत्रियों की बैठक 2026: सूचो में उद्घाटन, चीन तीसरी बार मेजबान
सारांश
मुख्य बातें
एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) के व्यापार मंत्रियों की 2026 की बैठक शुक्रवार, 22 मई को चीन के च्यांगसू प्रांत के सूचो शहर में औपचारिक रूप से उद्घाटित हुई। यह तीसरा अवसर है जब चीन ने एपेक की मेजबानी का दायित्व संभाला है।
बैठक के मुख्य एजेंडा बिंदु
इस बैठक में चार प्रमुख क्षेत्रों पर सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है — एशिया-प्रशांत मुक्त व्यापार क्षेत्र का निर्माण, बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था की रक्षा, डिजिटल सहयोग और हरित अर्थव्यवस्था। वैश्विक व्यापार तनावों के बीच यह बैठक क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
डिजिटल व्यापार में एपेक की प्रगति
हाल के वर्षों में एपेक ने कागज रहित व्यापार, सीमा-पार ई-कॉमर्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्मार्ट कस्टम्स जैसे डिजिटल क्षेत्रों में व्यापक व्यावहारिक सहयोग किया है। चीन द्वारा शुरू किया गया एशिया-प्रशांत मॉडल इलेक्ट्रॉनिक पोर्ट नेटवर्क अब क्षेत्रीय व्यापार में डिजिटल सहयोग का एक प्रमुख मंच बन चुका है।
चीनी वाणिज्य मंत्री का बयान
चीनी वाणिज्य मंत्री वांग वनथाओ ने कहा कि एपेक में भागीदारी के 35 वर्षों में चीन हमेशा इस मंच का दृढ़ समर्थक और अहम योगदानकर्ता रहा है। उन्होंने कहा कि चीन सक्रियता से एशिया-प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक व व्यापारिक सहयोग को बढ़ावा देता रहा है और इस दिशा में नेतृत्व की भूमिका निभाता रहेगा।
चीन-एपेक व्यापार: आँकड़ों की तस्वीर
वर्ष 2025 में चीन एपेक की 13 अर्थव्यवस्थाओं का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया। एपेक अर्थव्यवस्थाओं के साथ चीन का व्यापार 37 खरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचा, जो चीन के कुल विदेश व्यापार का 57.8 प्रतिशत है। यह आँकड़ा एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन की आर्थिक केंद्रीयता को रेखांकित करता है।
आगे की राह
वाणिज्य मंत्री वांग ने कहा कि समान वैश्विक चुनौतियों के सामने चीन एक जिम्मेदार बड़े देश की भूमिका निभाता रहेगा और सुधार तथा उच्च स्तरीय खुलेपन के जरिए एशिया-प्रशांत क्षेत्र और दुनिया को नए अवसर प्रदान करेगा। बैठक के निष्कर्ष क्षेत्रीय व्यापार नीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।