8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एपेक व्यापार मंत्रियों की बैठक 2026: सूचो में उद्घाटन, चीन तीसरी बार मेजबान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एपेक व्यापार मंत्रियों की बैठक 2026: सूचो में उद्घाटन, चीन तीसरी बार मेजबान

सारांश

चीन के सूचो शहर में एपेक व्यापार मंत्रियों की 2026 बैठक शुरू हुई — मुक्त व्यापार, डिजिटल सहयोग और हरित अर्थव्यवस्था केंद्र में। 2025 में एपेक की 13 अर्थव्यवस्थाओं से चीन का व्यापार 37 खरब डॉलर रहा, जो उसके कुल विदेश व्यापार का 57.8% है।

मुख्य बातें

एपेक व्यापार मंत्रियों की 2026 बैठक 22 मई को सूचो, च्यांगसू में उद्घाटित हुई।
यह तीसरी बार है जब चीन ने एपेक की मेजबानी की है।
बैठक में मुक्त व्यापार क्षेत्र , बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था , डिजिटल सहयोग और हरित अर्थव्यवस्था — चार प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान।
2025 में चीन एपेक की 13 अर्थव्यवस्थाओं का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना; व्यापार 37 खरब डॉलर तक पहुँचा।
यह आँकड़ा चीन के कुल विदेश व्यापार का 57.8 प्रतिशत है।
वाणिज्य मंत्री वांग वनथाओ ने एपेक में 35 वर्षों की चीन की भागीदारी को रेखांकित किया।

एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) के व्यापार मंत्रियों की 2026 की बैठक शुक्रवार, 22 मई को चीन के च्यांगसू प्रांत के सूचो शहर में औपचारिक रूप से उद्घाटित हुई। यह तीसरा अवसर है जब चीन ने एपेक की मेजबानी का दायित्व संभाला है।

बैठक के मुख्य एजेंडा बिंदु

इस बैठक में चार प्रमुख क्षेत्रों पर सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है — एशिया-प्रशांत मुक्त व्यापार क्षेत्र का निर्माण, बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था की रक्षा, डिजिटल सहयोग और हरित अर्थव्यवस्था। वैश्विक व्यापार तनावों के बीच यह बैठक क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

डिजिटल व्यापार में एपेक की प्रगति

हाल के वर्षों में एपेक ने कागज रहित व्यापार, सीमा-पार ई-कॉमर्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्मार्ट कस्टम्स जैसे डिजिटल क्षेत्रों में व्यापक व्यावहारिक सहयोग किया है। चीन द्वारा शुरू किया गया एशिया-प्रशांत मॉडल इलेक्ट्रॉनिक पोर्ट नेटवर्क अब क्षेत्रीय व्यापार में डिजिटल सहयोग का एक प्रमुख मंच बन चुका है।

चीनी वाणिज्य मंत्री का बयान

चीनी वाणिज्य मंत्री वांग वनथाओ ने कहा कि एपेक में भागीदारी के 35 वर्षों में चीन हमेशा इस मंच का दृढ़ समर्थक और अहम योगदानकर्ता रहा है। उन्होंने कहा कि चीन सक्रियता से एशिया-प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक व व्यापारिक सहयोग को बढ़ावा देता रहा है और इस दिशा में नेतृत्व की भूमिका निभाता रहेगा।

चीन-एपेक व्यापार: आँकड़ों की तस्वीर

वर्ष 2025 में चीन एपेक की 13 अर्थव्यवस्थाओं का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया। एपेक अर्थव्यवस्थाओं के साथ चीन का व्यापार 37 खरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचा, जो चीन के कुल विदेश व्यापार का 57.8 प्रतिशत है। यह आँकड़ा एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन की आर्थिक केंद्रीयता को रेखांकित करता है।

आगे की राह

वाणिज्य मंत्री वांग ने कहा कि समान वैश्विक चुनौतियों के सामने चीन एक जिम्मेदार बड़े देश की भूमिका निभाता रहेगा और सुधार तथा उच्च स्तरीय खुलेपन के जरिए एशिया-प्रशांत क्षेत्र और दुनिया को नए अवसर प्रदान करेगा। बैठक के निष्कर्ष क्षेत्रीय व्यापार नीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या एपेक का बहुपक्षीय ढाँचा द्विपक्षीय तनावों को वास्तव में कम कर सकता है। डिजिटल और हरित एजेंडा महत्वाकांक्षी हैं, परंतु इनके क्रियान्वयन की गति और पारदर्शिता ही इस बैठक की विरासत तय करेगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एपेक व्यापार मंत्रियों की 2026 बैठक कहाँ और कब हुई?
यह बैठक 22 मई 2026 को चीन के च्यांगसू प्रांत के सूचो शहर में उद्घाटित हुई। यह तीसरा अवसर है जब चीन ने एपेक की मेजबानी की है।
इस बैठक में किन मुख्य विषयों पर चर्चा हो रही है?
बैठक में चार प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित है — एशिया-प्रशांत मुक्त व्यापार क्षेत्र का निर्माण, बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था की रक्षा, डिजिटल सहयोग और हरित अर्थव्यवस्था। कागज रहित व्यापार, ई-कॉमर्स और AI जैसे डिजिटल क्षेत्र भी एजेंडे में हैं।
एपेक अर्थव्यवस्थाओं के साथ चीन का व्यापार कितना है?
2025 में चीन एपेक की 13 अर्थव्यवस्थाओं का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना और इन अर्थव्यवस्थाओं के साथ व्यापार 37 खरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचा। यह चीन के कुल विदेश व्यापार का 57.8 प्रतिशत है।
चीनी वाणिज्य मंत्री वांग वनथाओ ने बैठक में क्या कहा?
वांग वनथाओ ने कहा कि एपेक में 35 वर्षों की भागीदारी में चीन हमेशा इस मंच का दृढ़ समर्थक और अहम योगदानकर्ता रहा है। उन्होंने कहा कि चीन सुधार और उच्च स्तरीय खुलेपन के जरिए एशिया-प्रशांत और दुनिया को नए अवसर देता रहेगा।
एशिया-प्रशांत मॉडल इलेक्ट्रॉनिक पोर्ट नेटवर्क क्या है?
यह चीन द्वारा शुरू किया गया एक डिजिटल व्यापार मंच है जो क्षेत्रीय व्यापार में डिजिटल सहयोग को सुगम बनाता है। यह नेटवर्क एपेक सदस्यों के बीच कागज रहित व्यापार और स्मार्ट कस्टम्स जैसी प्रक्रियाओं को एकीकृत करता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले