एपेक व्यापार मंत्री सम्मेलन 22-23 मई को सूचो में, 700 प्रतिनिधि करेंगे भागीदारी
सारांश
मुख्य बातें
एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) का व्यापार मंत्री सम्मेलन 22 और 23 मई को चीन के च्यांगसू प्रांत के सूचो शहर में आयोजित होगा। एपेक की 21 आर्थिक शक्तियों और विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के करीब 700 प्रतिनिधि इस सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। 18 मई से ही परामर्श और विचार-विमर्श की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
सम्मेलन का महत्व और पृष्ठभूमि
चीनी राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग के विदेशी आर्थिक अनुसंधान संस्थान के व्यापार और निवेश अनुसंधान कक्ष के उप प्रमुख युआन छ्यान के अनुसार, एपेक एशिया और प्रशांत क्षेत्र में सर्वोच्च स्तर, सबसे व्यापक और सबसे प्रभावशाली आर्थिक सहयोग व्यवस्था है। यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब एशिया-प्रशांत मुक्त व्यापार क्षेत्र की परिकल्पना प्रस्तुत हुए 20 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
युआन छ्यान ने कहा कि इस अवसर पर एपेक का व्यापार मंत्री स्तरीय मंच बहुपक्षीय व्यापारिक व्यवस्था को बनाए रखने, एशिया-प्रशांत सहयोग को स्थिर करने और वैश्विक खुले विकास का नेतृत्व करने में सक्रिय भूमिका निभाएगा।
मुख्य एजेंडा: डिजिटल अर्थव्यवस्था और हरित आपूर्ति श्रृंखला
इस सम्मेलन के विमर्श में डिजिटल अर्थव्यवस्था, इलेक्ट्रॉनिक बिल ऑफ लैडिंग (ई-बीएल) और हरित आपूर्ति श्रृंखला जैसे विषय केंद्र में हैं। गौरतलब है कि वैश्विक व्यापार में डिजिटल दस्तावेज़ीकरण की माँग तेज़ी से बढ़ रही है, और ई-बिल ऑफ लैडिंग इस बदलाव का अहम हिस्सा है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
चीनी वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और आर्थिक सहयोग अनुसंधान संस्थान के अमेरिका और ओशिनिया अध्ययन केंद्र के उप प्रमुख चो मी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में ई-बिल ऑफ लैडिंग की भूमिका निर्णायक है। उनके अनुसार, यह तकनीक मध्यम और छोटी अर्थव्यवस्थाओं तथा विकासशील देशों की अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में भागीदारी की क्षमता और व्यापार की दक्षता को काफी हद तक बेहतर बनाएगी।
आगे क्या होगा
सम्मेलन के निष्कर्ष एपेक की व्यापक नीति दिशा को आकार देंगे और वैश्विक व्यापार तनावों के बीच एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बहुपक्षीय सहयोग को मज़बूत करने की कोशिश का हिस्सा माने जा रहे हैं।