एपेक 'चीन वर्ष' को मिली नई दिशा: सूचोउ बैठक में '1+1' आर्थिक उपलब्धियाँ दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
2026 एपेक व्यापार मंत्रियों की बैठक चीन के च्यांग्सू प्रांत के सूचोउ शहर में संपन्न हुई, जिसमें भाग लेने वाले सदस्य देशों ने एक संयुक्त घोषणापत्र और सेवा क्षेत्र के नए रोडमैप के रूप में '1+1' व्यावहारिक आर्थिक एवं व्यापारिक उपलब्धियाँ हासिल कीं। यह बैठक वर्ष के अंत में शनचन में होने वाली एपेक नेताओं की अनौपचारिक शिखर बैठक के लिए एक ठोस आधार तैयार करती है।
एपेक में चीन की मेज़बानी का विशेष महत्व
इस वर्ष चीन के एपेक में शामिल होने की 35वीं वर्षगांठ है और यह तीसरा अवसर है जब चीन इस बहुपक्षीय मंच की मेज़बानी कर रहा है। यह ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक अस्थिरता, बढ़ते एकतरफावाद, संरक्षणवाद और धीमी पड़ती आर्थिक विकास दर जैसी चुनौतियाँ अंतरराष्ट्रीय व्यापार परिदृश्य को जटिल बना रही हैं।
नानखाई विश्वविद्यालय के एपेक अनुसंधान केंद्र के निदेशक ल्यू छनयांग के अनुसार, इस बैठक के परिणाम क्षेत्रीय विकास से जुड़ी प्रमुख समस्याओं का सटीक समाधान प्रस्तुत करते हैं। उनका कहना है कि इससे एशिया-प्रशांत अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी और यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि यह क्षेत्र बहुपक्षवाद और पारस्परिक लाभ वाले सहयोग के प्रति प्रतिबद्ध है।
मुख्य घटनाक्रम: डिजिटल और हरित व्यापार पर ज़ोर
इस वर्ष चीन ने एपेक के लिए 'खुलापन, नवाचार और सहयोग' को अपने तीन प्रमुख फोकस क्षेत्रों के रूप में प्राथमिकता दी। सूचोउ घोषणापत्र ने बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली जैसे पारंपरिक मुद्दों के साथ-साथ डिजिटल व्यापार, हरित व्यापार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे उभरते क्षेत्रों को भी समान महत्व दिया।
डिजिटल व्यापार के मोर्चे पर बैठक के दौरान एपेक डिजिटल व्यापार सहयोग फ्रेमवर्क पर महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई। सभी पक्षों ने डिजिटल विभाजन को कम करने और लघु एवं मध्यम आकार की अर्थव्यवस्थाओं को डिजिटल परिवर्तन के लाभों में भागीदार बनाने की प्रतिबद्धता जताई। गौरतलब है कि यह कदम कई विकासशील सदस्य देशों के लिए सहयोग के नए द्वार खोलता है।
चीन की डिजिटल और AI क्षमता: आँकड़े क्या कहते हैं
आँकड़ों के अनुसार, चीन की डिजिटल अर्थव्यवस्था के प्रमुख उद्योग अब उसके सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 10.5 प्रतिशत से अधिक हिस्सा बन चुके हैं। इसके अलावा, चीन का कृत्रिम बुद्धिमत्ता उद्योग 1.2 ट्रिलियन युआन से अधिक का हो चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की यह नवोन्मेषी विकास क्षमता अन्य एशिया-प्रशांत अर्थव्यवस्थाओं के लिए ठोस सहयोग के अवसर प्रदान करती है।
सेवा क्षेत्र रोडमैप: अगले दस वर्षों की योजना
बैठक का एक और उल्लेखनीय परिणाम संशोधित सेवा रोडमैप रहा, जो एशिया-प्रशांत सेवा क्षेत्र के लिए अगले दस वर्षों की विकास रूपरेखा प्रस्तुत करता है। इसका लक्ष्य सेवा उद्योग को क्षेत्रीय आर्थिक विकास और रोज़गार के प्रमुख आधार के रूप में और सुदृढ़ करना है।
एक प्रमुख वैश्विक सेवा व्यापार राष्ट्र के रूप में चीन लगातार अपने सेवा उद्योग का विस्तार और उन्नयन कर रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, 'चीनी सेवाओं' का यह विस्तार एशिया-प्रशांत देशों के लिए व्यापक सहयोग के नए अवसर खोलेगा।
आगे क्या: शनचन शिखर बैठक पर नज़रें
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार तनाव और अमेरिकी शुल्क नीतियों के कारण बहुपक्षीय मंचों की प्रासंगिकता पर नए सिरे से बहस छिड़ी हुई है। सूचोउ की उपलब्धियाँ अब शनचन में होने वाली एपेक नेताओं की अनौपचारिक बैठक के एजेंडे को आकार देंगी। चीन का स्पष्ट संकेत है कि वह एपेक के 'चीन वर्ष' को केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि ठोस नीतिगत परिणामों से भरपूर बनाना चाहता है।