शांगहाई में एपेक वरिष्ठ अधिकारियों की दूसरी बैठक संपन्न, चीन ने 'साझा समृद्धि' पर दिया जोर
सारांश
मुख्य बातें
एपेक के वरिष्ठ अधिकारियों की दूसरी बैठक 18 से 19 मई 2026 तक चीन के शांगहाई में आयोजित की गई। इस बैठक में चीनी उप विदेश मंत्री मा छाओशू ने उद्घाटन समारोह में भाग लेते हुए एशिया-प्रशांत सहयोग को नई दिशा देने का आह्वान किया। यह बैठक एपेक के 'चीन वर्ष' के अंतर्गत आयोजित प्रमुख राजनयिक गतिविधियों की कड़ी में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
मुख्य घटनाक्रम
उद्घाटन संबोधन में मा छाओशू ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने इस बात पर जोर दिया है कि चीन युग की प्रवृत्ति का अनुसरण करेगा और सभी सदस्य अर्थव्यवस्थाओं की आवाज को सम्मान देगा। उन्होंने एशिया-प्रशांत समुदाय के निर्माण के लिए सभी पक्षों के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
मा छाओशू के अनुसार, इस सहयोग से एशिया-प्रशांत क्षेत्र और व्यापक विश्व में शांति एवं विकास को नई गति मिलेगी तथा एपेक के 'चीन वर्ष' में सहयोग का मार्ग प्रशस्त होगा।
एपेक 2026 का केंद्रीय विषय
इस वर्ष के एपेक सम्मेलन का केंद्रीय विषय है — 'साझा समृद्धि के लिए एक एशिया-प्रशांत समुदाय का निर्माण'। चीन इस विषय के इर्द-गिर्द अपनी अध्यक्षता को केंद्रित करेगा और एपेक नेताओं की शनचन घोषणा को एक आधार दस्तावेज के रूप में उपयोग करते हुए एशिया-प्रशांत समुदाय के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए एक रोडमैप तैयार करेगा।
यह रोडमैप व्यापार, संपर्क, नवाचार और विकास — इन चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित होगा। गौरतलब है कि ये चारों क्षेत्र एशिया-प्रशांत की दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी के लिए निर्णायक माने जाते हैं।
सदस्य अर्थव्यवस्थाओं की प्रतिक्रिया
बैठक में उपस्थित सभी पक्षों ने इस वर्ष विभिन्न क्षेत्रों में एपेक सहयोग में हुई प्रगति की सराहना की। सदस्य अर्थव्यवस्थाओं के प्रतिनिधियों ने एपेक बैठक की मेजबानी के लिए चीन की प्रशंसा की और 'चीन वर्ष' में फलदायी परिणाम प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई।
आगे का रोडमैप
यह बैठक वर्ष के अंत में प्रस्तावित एपेक नेताओं की शिखर बैठक की तैयारियों का हिस्सा है। वरिष्ठ अधिकारियों की इस बैठक में हुई चर्चाएँ और सहमतियाँ नेताओं की बैठक के एजेंडे और परिणाम दस्तावेजों की नींव तैयार करती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता और बहुपक्षीय सहयोग की आवश्यकता एक साथ बढ़ रही है।