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एपेक व्यापार मंत्री बैठक में चीनी उप प्रधानमंत्री हे लीफंग का आह्वान — मुक्त व्यापार और WTO सुधार पर एकजुटता जरूरी

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एपेक व्यापार मंत्री बैठक में चीनी उप प्रधानमंत्री हे लीफंग का आह्वान — मुक्त व्यापार और WTO सुधार पर एकजुटता जरूरी

सारांश

सूचो में एपेक की 32वीं व्यापार मंत्री बैठक में चीनी उप प्रधानमंत्री हे लीफंग ने WTO सुधार और क्षेत्रीय एकीकरण पर एकजुटता का आह्वान किया। उन्होंने WTO महानिदेशक और थाईलैंड की उप प्रधानमंत्री से द्विपक्षीय वार्ता भी की — वैश्विक व्यापार तनाव के बीच चीन की बहुपक्षीय कूटनीति का स्पष्ट संकेत।

मुख्य बातें

चीनी उप प्रधानमंत्री हे लीफंग ने 23 मई 2025 को सूचो में एपेक के व्यापार मंत्रियों की 32वीं बैठक में भाषण दिया।
उन्होंने पारस्परिक सम्मान, सहयोग और साझी जीत के आधार पर एपेक सदस्यों की साझा समृद्धि का आह्वान किया।
चीन ने WTO सुधार के समर्थन और क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
हे लीफंग ने WTO महानिदेशक न्गोजी ओकोन्जो-इवेला और थाईलैंड की उप प्रधानमंत्री सुफाजी सुथुम्पुन से अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता की।
एपेक में 21 सदस्य अर्थव्यवस्थाएँ हैं जो विश्व GDP का करीब 60% प्रतिनिधित्व करती हैं।

चीन के उप प्रधानमंत्री हे लीफंग ने 23 मई 2025 को पूर्वी चीन के सूचो शहर में आयोजित एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग संगठन (एपेक) के व्यापार मंत्रियों की 32वीं बैठक में भाग लिया और एक महत्वपूर्ण संबोधन दिया। उन्होंने एपेक सदस्यों से पारस्परिक सम्मान, सहयोग और साझी समृद्धि के मार्ग पर चलने का आग्रह किया।

मुख्य संबोधन के बिंदु

हे लीफंग ने अपने भाषण में कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में अभूतपूर्व बदलाव तेज़ गति से हो रहे हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि एपेक के सदस्य देश केवल पारस्परिक सम्मान और विश्वास तथा सहयोग एवं साझी जीत के सिद्धांतों पर टिके रहकर ही समान समृद्धि सुनिश्चित कर सकते हैं। उनके अनुसार, खुला, गुणवत्तापूर्ण, संतुलित और सुरक्षित विकास इसी रास्ते से संभव है।

चीन की ओर से उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजिंग विभिन्न पक्षों के साथ नवोदित क्षेत्रों में संवाद मज़बूत करने, विश्व व्यापार संगठन (WTO) के सुधार का समान रूप से समर्थन करने और क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को व्यावहारिक व लचीले तरीके से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि चीनी आधुनिकीकरण की नई उपलब्धियाँ एशिया-प्रशांत क्षेत्र और वैश्विक आर्थिक विकास में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेंगी।

द्विपक्षीय वार्ताएँ

इस बैठक के दौरान हे लीफंग ने अलग-अलग विश्व व्यापार संगठन की महानिदेशक न्गोजी ओकोन्जो-इवेला और थाईलैंड की उप प्रधानमंत्री सुफाजी सुथुम्पुन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। ये बैठकें वैश्विक व्यापार नीति और क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

व्यापक संदर्भ और महत्व

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक व्यापार पर संरक्षणवाद और भू-राजनीतिक तनावों का दबाव बढ़ रहा है। गौरतलब है कि एपेक, जिसमें 21 सदस्य अर्थव्यवस्थाएँ शामिल हैं, विश्व के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 60% और वैश्विक व्यापार का करीब 47% हिस्सा प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में चीन का यह रुख बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था को बनाए रखने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

WTO सुधार का मुद्दा विशेष रूप से संवेदनशील है — विकासशील और विकसित देशों के बीच इस पर गहरे मतभेद रहे हैं। चीन का WTO सुधार को समर्थन देने का आह्वान उसकी बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली में भागीदारी की नीति के अनुरूप है।

आगे की राह

32वीं एपेक व्यापार मंत्री बैठक के निष्कर्ष वर्ष के अंत में होने वाले एपेक नेताओं के शिखर सम्मेलन की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएँगे। चीन की सक्रिय भागीदारी और द्विपक्षीय वार्ताएँ यह संकेत देती हैं कि बीजिंग क्षेत्रीय आर्थिक एजेंडे को आकार देने में प्रमुख भूमिका निभाना चाहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आलोचकों का कहना है कि चीन की घरेलू बाज़ार नीतियाँ इस संदेश से मेल नहीं खातीं। WTO महानिदेशक के साथ द्विपक्षीय वार्ता संकेत देती है कि बीजिंग वैश्विक व्यापार संस्थाओं में अपनी साख मज़बूत करना चाहता है — खासकर तब जब अमेरिका-चीन व्यापार तनाव चरम पर है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एपेक व्यापार मंत्रियों की 32वीं बैठक कहाँ और कब हुई?
यह बैठक 23 मई 2025 को पूर्वी चीन के सूचो शहर में आयोजित हुई। इसमें एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग संगठन (एपेक) के सदस्य देशों के व्यापार मंत्रियों ने भाग लिया।
हे लीफंग ने एपेक बैठक में क्या कहा?
उन्होंने एपेक सदस्यों से पारस्परिक सम्मान, सहयोग और साझी जीत के सिद्धांतों पर चलने का आग्रह किया। चीन ने WTO सुधार के समर्थन और नवोदित क्षेत्रों में संवाद मज़बूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
हे लीफंग ने किन नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता की?
उन्होंने WTO की महानिदेशक न्गोजी ओकोन्जो-इवेला और थाईलैंड की उप प्रधानमंत्री सुफाजी सुथुम्पुन के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। ये वार्ताएँ वैश्विक व्यापार नीति और क्षेत्रीय सहयोग के संदर्भ में हुईं।
एपेक क्या है और इसमें कौन-से देश शामिल हैं?
एपेक (एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग संगठन) में 21 सदस्य अर्थव्यवस्थाएँ शामिल हैं, जो विश्व GDP का करीब 60% और वैश्विक व्यापार का लगभग 47% प्रतिनिधित्व करती हैं। इसमें भारत सदस्य नहीं है, लेकिन चीन, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्थाएँ शामिल हैं।
इस बैठक का वैश्विक व्यापार पर क्या असर होगा?
इस बैठक के निष्कर्ष वर्ष के अंत में होने वाले एपेक नेताओं के शिखर सम्मेलन की दिशा तय करेंगे। वैश्विक व्यापार तनाव और संरक्षणवाद के बढ़ते दबाव के बीच चीन की बहुपक्षीय व्यापार की वकालत क्षेत्रीय आर्थिक एजेंडे को प्रभावित कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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