राघव जुयाल के 35 साल: 'किंग ऑफ स्लो मोशन' का देहरादून से बॉलीवुड तक का संघर्ष
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेता और डांसर राघव जुयाल 10 जुलाई 2026 को अपना 35वाँ जन्मदिन मना रहे हैं। देहरादून, उत्तराखंड में 10 जुलाई 1991 को जन्मे राघव आज भारतीय नृत्य और मनोरंजन जगत के उन चुनिंदा नामों में शामिल हैं जिन्होंने बिना किसी फॉर्मल ट्रेनिंग के अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनकी यह यात्रा एक छोटे शहर के युवा के सपने से शुरू होकर 'किंग ऑफ स्लो मोशन' के खिताब तक पहुँची है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और शुरुआती जीवन
राघव का जन्म एक गढ़वाल ब्राह्मण परिवार में हुआ। उनके पिता दीपक जुयाल पेशे से वकील हैं, जबकि माँ अलका बख्शी जुयाल गृहिणी हैं। उनके छोटे भाई यशस्वी जुयाल भी परिवार का हिस्सा हैं।
राघव ने अपनी स्कूली पढ़ाई दून इंटरनेशनल स्कूल से पूरी की और आगे दाव (पीजी) कॉलेज से बी.कॉम की डिग्री हासिल की। गौरतलब है कि उन्होंने कभी कोई औपचारिक डांस अकादमी नहीं जॉइन की — यूट्यूब वीडियो देखकर और घर में घंटों अभ्यास करके उन्होंने अपनी कला को निखारा।
टेलीविज़न से मिली पहचान
स्कूल के दिनों से ही नृत्य प्रतियोगिताओं में पुरस्कार जीतने वाले राघव ने जब मुंबई का रुख किया तो असली संघर्ष सामने आया। 'डांस इंडिया डांस' सीजन 3 में उन्होंने 'क्रॉकरॉक्ज' नाम से भाग लिया और अपने अनोखे स्लो मोशन मूव्स से दर्शकों और जजों का ध्यान खींचा। हालाँकि वे टॉप 18 में जगह नहीं बना सके, लेकिन जज मिथुन चक्रवर्ती के फैसले ने उन्हें दूसरा मौका दिया — जो उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
इसके बाद 'डांस इंडिया डांस लिटिल मास्टर्स 2' में कप्तान की भूमिका और 'डांस के सुपरकिड्स' में अपनी टीम को जिताकर उन्होंने कोरियोग्राफी में भी अपनी दक्षता साबित की।
बॉलीवुड में कदम और फिल्मी सफर
टेलीविज़न की सफलता के बाद राघव ने फिल्मों की ओर रुख किया। 'सोनाली केबल' से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा और 'एबीसीडी 2' में नज़र आए। 2024 में रिलीज़ हुई फिल्म 'किल' में उनके एक्शन अवतार ने दर्शकों को चौंका दिया और आलोचकों की तारीफ बटोरी।
अब 30 जुलाई 2026 को रिलीज़ होने वाली फिल्म 'भाई तेरा स्टार है' को लेकर वे एक बार फिर चर्चा में हैं। इस फिल्म के निर्देशक विवेक बी. अग्रवाल हैं और हाल ही में इसका फर्स्ट लुक जारी किया गया है।
स्लो मोशन का अनोखा अंदाज़
राघव ने स्लो मोशन वॉक और डांस मूव्स को एक नई परिभाषा दी है, जिसके चलते उन्हें 'किंग ऑफ स्लो मोशन' का खिताब मिला। यह ऐसे समय में आया जब भारतीय टेलीविज़न पर डांस रियलिटी शोज़ की बाढ़ थी — और राघव उस भीड़ में अपनी अलग छाप छोड़ने में सफल रहे।
आगे क्या
35 साल की उम्र में राघव जुयाल एक डांसर से अभिनेता बनने की यात्रा को नई ऊँचाइयाँ दे रहे हैं। युवा नर्तकों के लिए वे एक प्रेरणा बन चुके हैं। 'भाई तेरा स्टार है' की रिलीज़ के साथ यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अभिनेता के रूप में अपनी पहचान को और कितना मज़बूत कर पाते हैं।