8 जुलाई 2026
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चंद्रशेखर पुण्यतिथि: योगी आदित्यनाथ, रेखा गुप्ता और मनोहर लाल समेत देशभर के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

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चंद्रशेखर पुण्यतिथि: योगी आदित्यनाथ, रेखा गुप्ता और मनोहर लाल समेत देशभर के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

सारांश

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पुण्यतिथि पर 8 जुलाई को देशभर के नेताओं ने एकस्वर से नमन किया — योगी से लेकर रेखा गुप्ता तक। दलीय सीमाओं से परे यह श्रद्धांजलि उनकी उस विरासत की याद दिलाती है जो सादगी और जनसरोकार पर टिकी थी।

मुख्य बातें

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पुण्यतिथि पर 8 जुलाई को देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुए।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा कि चंद्रशेखर 'उपेक्षितों, पीड़ितों और वंचितों की आवाज' बने रहे।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उनकी 'सादगी, साहस और सिद्धांतनिष्ठ राजनीति' को स्मरण किया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा , मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव , केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और पंकज चौधरी ने भी श्रद्धांजलि दी।
चंद्रशेखर ने 1990-91 में भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया था और अपनी 'भारत यात्रा' के लिए प्रसिद्ध थे।

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पुण्यतिथि पर 8 जुलाई को देशभर के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और अन्य कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उनके सादगीपूर्ण जीवन, लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता और जनसेवा के प्रति समर्पण को नमन किया।

मुख्य श्रद्धांजलियाँ और नेताओं के उद्गार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'जननायक, पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। सड़क से लेकर सदन तक वे उपेक्षितों, पीड़ितों और वंचितों की आवाज बने रहे। उनकी सादगी, वैचारिक दृढ़ता और समाज के अंतिम व्यक्ति के प्रति संवेदनशीलता देश के लोकतंत्र को आज भी राह दिखाती है।'

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपनी श्रद्धांजलि में कहा, 'सादगी, साहस और सिद्धांतनिष्ठ राजनीति के लिए उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। राष्ट्रहित के प्रति उनका समर्पण भावी पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।'

राज्यों के मुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लिखा, 'उनका सादगीपूर्ण जीवन, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पण और राष्ट्रहित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।' मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी पूर्व प्रधानमंत्री को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

केंद्रीय मंत्रियों का नमन

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने चंद्रशेखर को 'लोकप्रिय जननेता और ओजस्वी वक्ता' बताते हुए कहा, 'लोकतांत्रिक मूल्यों, शोषितों एवं वंचितों के समग्र उत्थान के लिए आपके प्रखर विचार व कृतित्व सदैव स्मरणीय रहेंगे।' केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष पंकज चौधरी ने लिखा कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए जनसेवा के लिए चंद्रशेखर का समर्पण और संघर्ष भारतीय राजनीति में सदैव स्मरणीय रहेगा।

चंद्रशेखर की विरासत

गौरतलब है कि चंद्रशेखर ने 1990-91 के दौरान भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया था। वे अपनी सादगी, जनसरोकारों से जुड़ाव और निडर राजनीतिक शैली के लिए जाने जाते थे। उनकी 'भारत यात्रा' — जिसमें उन्होंने पैदल देशभ्रमण किया — आज भी जनता से सीधे संपर्क की एक अनूठी मिसाल मानी जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब देश में लोकतांत्रिक मूल्यों और जनप्रतिनिधित्व को लेकर राजनीतिक विमर्श तेज हो रहा है।

आगे की दिशा

चंद्रशेखर की पुण्यतिथि पर विभिन्न दलों के नेताओं का एकसाथ श्रद्धांजलि देना इस बात का संकेत है कि उनकी राजनीतिक विरासत दलीय सीमाओं से परे मानी जाती है। आने वाले दिनों में उनके गृह राज्य उत्तर प्रदेश में भी स्मृति कार्यक्रमों के आयोजन की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि चंद्रशेखर कभी इसी दल के वैचारिक विरोधी माने जाते थे। यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि विपक्षी नेताओं की विरासत को 'राष्ट्रीय प्रतीक' के रूप में अपनाना अब एक स्थापित राजनीतिक रणनीति बन चुकी है। असली सवाल यह है कि क्या ये श्रद्धांजलियाँ चंद्रशेखर के उन मूल्यों — विशेषकर वंचितों की आवाज उठाने और सत्ता से टकराने की निडरता — को वास्तव में आगे बढ़ाती हैं, या केवल औपचारिकता बनकर रह जाती हैं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर कौन थे?
चंद्रशेखर भारत के आठवें प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने 1990-91 में देश का नेतृत्व किया। वे अपनी सादगी, जनसरोकारों से जुड़ाव और 'भारत यात्रा' के लिए प्रसिद्ध थे, जिसमें उन्होंने पैदल देशभ्रमण कर आम जनता से सीधा संपर्क किया।
चंद्रशेखर की पुण्यतिथि कब है?
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पुण्यतिथि 8 जुलाई को मनाई जाती है। इस वर्ष 8 जुलाई को देशभर के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
योगी आदित्यनाथ ने चंद्रशेखर को किस रूप में याद किया?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चंद्रशेखर को 'जननायक' कहते हुए कहा कि वे सड़क से सदन तक उपेक्षितों और वंचितों की आवाज बने रहे। उन्होंने चंद्रशेखर की 'सादगी, वैचारिक दृढ़ता और अंतिम व्यक्ति के प्रति संवेदनशीलता' को लोकतंत्र की राह दिखाने वाला बताया।
किन-किन नेताओं ने चंद्रशेखर को श्रद्धांजलि दी?
8 जुलाई को योगी आदित्यनाथ, रेखा गुप्ता, भजनलाल शर्मा, मोहन यादव, मनोहर लाल और पंकज चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। इनमें केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल रहे।
चंद्रशेखर की राजनीतिक विरासत क्या है?
चंद्रशेखर की विरासत सादगी, निडरता और जनसेवा पर आधारित मानी जाती है। उनकी 'भारत यात्रा' और वंचित वर्गों के लिए आवाज उठाने की शैली उन्हें दलीय सीमाओं से परे एक सम्मानित नेता बनाती है।
राष्ट्र प्रेस
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