चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि: योगी समेत 8 मुख्यमंत्रियों ने किसान मसीहा को दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और 'भारत रत्न' चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर 29 मई 2026 को देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई भाजपा-शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने एक्स पर पोस्ट कर उन्हें किसानों का मसीहा बताया और उनके जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। चौधरी चरण सिंह को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था, जो ग्रामीण भारत और कृषक समुदाय के प्रति उनके आजीवन समर्पण की स्वीकृति थी।
मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, "किसानों, मजदूरों और ग्रामीण भारत की आवाज को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में स्थापित करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री, 'भारत रत्न' चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। उनका सादगीपूर्ण जीवन, किसानों के प्रति समर्पण और जनकल्याण की राजनीति हम सभी को सदैव प्रेरणा देती रहेगी।"
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि कृषि और ग्रामीण भारत के उत्थान के लिए चरण सिंह के ऐतिहासिक निर्णय और जन-कल्याणकारी नीतियाँ सदैव मार्गदर्शन करती रहेंगी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें "किसान कल्याण हेतु आजीवन समर्पित" नेता बताते हुए कोटिशः नमन किया।
राजस्थान, बिहार और मध्य प्रदेश की प्रतिक्रिया
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने एक्स पर लिखा कि किसानों के अधिकारों और आत्मसम्मान के लिए चरण सिंह के प्रयास राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान के रूप में सदैव स्मरणीय रहेंगे। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट सिंह चौधरी ने कहा कि किसानों, ग्रामीण भारत और सामाजिक न्याय के प्रति उनका समर्पण सदैव राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उन्हें "महान किसान नेता एवं स्वतंत्रता सेनानी" बताते हुए कहा कि राष्ट्रहित और ईमानदारी को लेकर उनकी प्रतिबद्धता सभी के लिए प्रेरणापुंज है।
असम और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों का नमन
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर लिखा, "देश के शीर्ष नेतृत्व में रहते हुए भी उन्होंने कभी किसान को नहीं भुलाया। खेत की मिट्टी से जुड़ा उनका नाता केवल राजनीतिक नहीं था, वह उनकी आत्मा में था।" हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि चरण सिंह का सम्पूर्ण जीवन किसानों के कल्याण और उत्थान के लिए समर्पित रहा, जो आज भी प्रेरणा का पर्याय है।
राष्ट्रीय लोकदल की भावभीनी श्रद्धांजलि
राष्ट्रीय लोकदल (RLD) ने एक्स पर कई पोस्ट के माध्यम से श्रद्धांजलि दी। पार्टी ने लिखा, "भारत की विकास यात्रा को समझना हो तो चौधरी चरण सिंह के विचारों को समझना होगा। उनका दृढ़ विश्वास था कि राष्ट्र की समृद्धि का मार्ग गांवों, खेतों और खलिहानों से होकर गुजरता है।" आरएलडी ने आगे कहा कि चौधरी साहब ने भारतीय राजनीति को सत्ता के गलियारों से निकालकर खेत-खलिहानों और किसानों की चौपाल तक पहुँचाने का ऐतिहासिक कार्य किया।
गौरतलब है कि चौधरी चरण सिंह 1979-80 में भारत के प्रधानमंत्री रहे और उनकी पहचान हमेशा कृषक वर्ग के सबसे मुखर पैरोकार के रूप में रही। उनकी विरासत आज भी उत्तर भारत की राजनीति में गहरी जड़ें रखती है और उनके नाम पर हर वर्ष राजनीतिक एकजुटता का यह सिलसिला जारी रहता है।