16 जुलाई 2026
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चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि: योगी समेत 8 मुख्यमंत्रियों ने किसान मसीहा को दी श्रद्धांजलि

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चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि: योगी समेत 8 मुख्यमंत्रियों ने किसान मसीहा को दी श्रद्धांजलि

सारांश

चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर योगी आदित्यनाथ से लेकर हिमंता बिस्वा सरमा तक — आठ मुख्यमंत्रियों ने एक्स पर उन्हें किसानों का मसीहा बताया। राष्ट्रीय लोकदल ने भी कई पोस्ट के ज़रिए उनकी विरासत को याद किया।

मुख्य बातें

29 मई को 'भारत रत्न' चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर राष्ट्रव्यापी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
योगी आदित्यनाथ, रेखा गुप्ता, पुष्कर सिंह धामी, भजन लाल शर्मा, सम्राट सिंह चौधरी, मोहन यादव, हिमंता बिस्वा सरमा और नायब सैनी — कुल 8 मुख्यमंत्रियों ने एक्स पर श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्रीय लोकदल (RLD) ने कई पोस्ट के माध्यम से चरण सिंह की विचारधारा और किसान-हित के संकल्प को याद किया।
सभी नेताओं ने चरण सिंह को ग्रामीण भारत, कृषि और सामाजिक न्याय के प्रति समर्पित नेता बताया।
चौधरी चरण सिंह 1979-80 में भारत के प्रधानमंत्री रहे और उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और 'भारत रत्न' चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर 29 मई 2026 को देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई भाजपा-शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने एक्स पर पोस्ट कर उन्हें किसानों का मसीहा बताया और उनके जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। चौधरी चरण सिंह को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था, जो ग्रामीण भारत और कृषक समुदाय के प्रति उनके आजीवन समर्पण की स्वीकृति थी।

मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, "किसानों, मजदूरों और ग्रामीण भारत की आवाज को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में स्थापित करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री, 'भारत रत्न' चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। उनका सादगीपूर्ण जीवन, किसानों के प्रति समर्पण और जनकल्याण की राजनीति हम सभी को सदैव प्रेरणा देती रहेगी।"

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि कृषि और ग्रामीण भारत के उत्थान के लिए चरण सिंह के ऐतिहासिक निर्णय और जन-कल्याणकारी नीतियाँ सदैव मार्गदर्शन करती रहेंगी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें "किसान कल्याण हेतु आजीवन समर्पित" नेता बताते हुए कोटिशः नमन किया।

राजस्थान, बिहार और मध्य प्रदेश की प्रतिक्रिया

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने एक्स पर लिखा कि किसानों के अधिकारों और आत्मसम्मान के लिए चरण सिंह के प्रयास राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान के रूप में सदैव स्मरणीय रहेंगे। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट सिंह चौधरी ने कहा कि किसानों, ग्रामीण भारत और सामाजिक न्याय के प्रति उनका समर्पण सदैव राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उन्हें "महान किसान नेता एवं स्वतंत्रता सेनानी" बताते हुए कहा कि राष्ट्रहित और ईमानदारी को लेकर उनकी प्रतिबद्धता सभी के लिए प्रेरणापुंज है।

असम और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों का नमन

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर लिखा, "देश के शीर्ष नेतृत्व में रहते हुए भी उन्होंने कभी किसान को नहीं भुलाया। खेत की मिट्टी से जुड़ा उनका नाता केवल राजनीतिक नहीं था, वह उनकी आत्मा में था।" हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि चरण सिंह का सम्पूर्ण जीवन किसानों के कल्याण और उत्थान के लिए समर्पित रहा, जो आज भी प्रेरणा का पर्याय है।

राष्ट्रीय लोकदल की भावभीनी श्रद्धांजलि

राष्ट्रीय लोकदल (RLD) ने एक्स पर कई पोस्ट के माध्यम से श्रद्धांजलि दी। पार्टी ने लिखा, "भारत की विकास यात्रा को समझना हो तो चौधरी चरण सिंह के विचारों को समझना होगा। उनका दृढ़ विश्वास था कि राष्ट्र की समृद्धि का मार्ग गांवों, खेतों और खलिहानों से होकर गुजरता है।" आरएलडी ने आगे कहा कि चौधरी साहब ने भारतीय राजनीति को सत्ता के गलियारों से निकालकर खेत-खलिहानों और किसानों की चौपाल तक पहुँचाने का ऐतिहासिक कार्य किया।

गौरतलब है कि चौधरी चरण सिंह 1979-80 में भारत के प्रधानमंत्री रहे और उनकी पहचान हमेशा कृषक वर्ग के सबसे मुखर पैरोकार के रूप में रही। उनकी विरासत आज भी उत्तर भारत की राजनीति में गहरी जड़ें रखती है और उनके नाम पर हर वर्ष राजनीतिक एकजुटता का यह सिलसिला जारी रहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उत्तर भारत के जाट और किसान मतदाताओं तक राजनीतिक संदेश भेजने की सुविचारित रणनीति भी है। दिलचस्प यह है कि जिस पार्टी ने दशकों तक चरण सिंह की विरासत से दूरी बनाए रखी, वही आज उनके नाम पर सबसे मुखर है — यह बदलाव 2024 के भारत रत्न सम्मान के बाद और तेज़ हुआ है। असली सवाल यह है कि इस श्रद्धांजलि की राजनीति के पीछे किसान-हित की नीतिगत प्रतिबद्धता कितनी है और चुनावी गणित कितना।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौधरी चरण सिंह कौन थे और उनकी पुण्यतिथि कब है?
चौधरी चरण सिंह भारत के पूर्व प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने 1979-80 में देश का नेतृत्व किया। वे किसानों और ग्रामीण भारत के सबसे मुखर पैरोकार माने जाते हैं और उन्हें मरणोपरांत 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया। उनकी पुण्यतिथि 29 मई को मनाई जाती है।
29 मई 2026 को किन मुख्यमंत्रियों ने चरण सिंह को श्रद्धांजलि दी?
उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की रेखा गुप्ता, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी, राजस्थान के भजन लाल शर्मा, बिहार के सम्राट सिंह चौधरी, मध्य प्रदेश के मोहन यादव, असम के हिमंता बिस्वा सरमा और हरियाणा के नायब सैनी ने एक्स पर श्रद्धांजलि दी। सभी ने उन्हें किसानों का मसीहा और ग्रामीण भारत की आवाज़ बताया।
राष्ट्रीय लोकदल ने चरण सिंह की पुण्यतिथि पर क्या कहा?
राष्ट्रीय लोकदल (RLD) ने एक्स पर कई पोस्ट के ज़रिए श्रद्धांजलि दी और कहा कि चरण सिंह का दृढ़ विश्वास था कि राष्ट्र की समृद्धि का मार्ग गांवों, खेतों और खलिहानों से होकर गुजरता है। पार्टी ने उन्हें किसान को राष्ट्र की अर्थव्यवस्था और लोकतंत्र की सबसे मज़बूत नींव मानने वाला नेता बताया।
चौधरी चरण सिंह को 'भारत रत्न' कब मिला?
चौधरी चरण सिंह को मरणोपरांत 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके किसान-हित, ग्रामीण भारत के उत्थान और राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान की स्वीकृति थी।
चरण सिंह की विरासत आज की राजनीति में क्यों प्रासंगिक है?
चरण सिंह उत्तर भारत के जाट और किसान समुदाय के सबसे बड़े प्रतीक माने जाते हैं। उनकी विचारधारा — कि राष्ट्र की समृद्धि का रास्ता गाँव और खेत से होकर जाता है — आज भी कृषि-केंद्रित नीति बहस में उद्धृत होती है। राजनीतिक दल उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देकर किसान मतदाताओं से जुड़ाव बनाए रखते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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