चौधरी चरण सिंह पुण्यतिथि: सीएम योगी ने लखनऊ में अर्पित की श्रद्धांजलि, किसानों का मसीहा बताया
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 29 मई 2025 को पूर्व प्रधानमंत्री एवं 'भारत रत्न' चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर लखनऊ स्थित विधान भवन में उनकी प्रतिमा पर पुष्पार्चन कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने उन्हें 'भारत माँ का महान सपूत' और 'किसानों का मसीहा' बताते हुए उनके योगदान को अविस्मरणीय करार दिया।
चौधरी चरण सिंह का जीवन परिचय
चौधरी चरण सिंह का जन्म 23 दिसंबर 1902 को उत्तर प्रदेश के एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की और बाद में स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गए। महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर उन्होंने अंग्रेजों के विरुद्ध कई आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में योगदान
स्वतंत्रता के पश्चात चौधरी चरण सिंह ने किसानों, भूमिहीनों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए। देश में कृषि एवं राजस्व के क्षेत्र में किए गए व्यापक सुधारों का श्रेय उन्हें दिया जाता है। उनका दृढ़ मत था कि 'देश के विकास का रास्ता गाँव, खेत और खलिहानों से होकर जाता है' तथा शासन की प्राथमिकता में किसान सर्वोपरि होना चाहिए।
भारत रत्न सम्मान और विरासत
देशहित में किए गए उनके अतुलनीय कार्यों को मान्यता देते हुए उन्हें भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित किया गया। 29 मई 1987 को उनका निधन हुआ था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि एक प्रमुख राजनेता होने के साथ ही उन्होंने देश और समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उत्तर प्रदेश सरकार की श्रद्धांजलि पहल
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार चौधरी चरण सिंह की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए किसान-हित से जुड़े अनेक कार्यक्रम संचालित कर रही है। इनमें लखनऊ में चौधरी चरण सिंह सीड पार्क का निर्माण विशेष रूप से उल्लेखनीय है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब राज्य सरकार कृषि-केंद्रित नीतियों को विकास के केंद्र में रखने का प्रयास कर रही है।