5 जुलाई 2026
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रामविलास पासवान जयंती: योगी, भजनलाल समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, सामाजिक न्याय के योद्धा को किया नमन

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रामविलास पासवान जयंती: योगी, भजनलाल समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, सामाजिक न्याय के योद्धा को किया नमन

सारांश

रामविलास पासवान की जयंती पर 5 जुलाई को योगी आदित्यनाथ, भजनलाल शर्मा और मोहन यादव समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें याद किया। दलितों और वंचितों के इस अथक योद्धा की विरासत आज भी सामाजिक न्याय की राजनीति का आधार बनी हुई है।

मुख्य बातें

रामविलास पासवान की जयंती 5 जुलाई 2026 को देशभर में मनाई गई।
योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट कर पासवान के सामाजिक न्याय के योगदान को 'अविस्मरणीय' बताया।
भजनलाल शर्मा (राजस्थान), मोहन यादव (मध्य प्रदेश) और केशव प्रसाद मौर्य ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने पासवान को वंचितों की 'सशक्त आवाज़' बताया।
पासवान लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के संस्थापक और पद्म भूषण से सम्मानित थे।

पूर्व केंद्रीय मंत्री, लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के संस्थापक और पद्म भूषण से सम्मानित रामविलास पासवान की जयंती पर 5 जुलाई 2026 को देशभर के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। दलितों, वंचितों और पिछड़े वर्गों की आवाज़ बुलंद करने वाले पासवान को उनके सामाजिक न्याय के संघर्ष के लिए याद किया गया।

मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। उन्होंने आजीवन शोषितों और वंचितों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। सामाजिक न्याय के लिए उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा।'

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, 'जनसेवा, सामाजिक समरसता और समाज के कमजोर वर्गों के सशक्तीकरण के लिए समर्पित उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।' मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी एक्स पर पोस्ट कर पासवान को सादर नमन अर्पित किया।

केंद्रीय व प्रदेश नेताओं का नमन

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने लिखा, 'वंचितों और गरीबों के अधिकारों के लिए आपका समर्पण और सेवा भाव सदैव स्मरणीय रहेगा।' उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पासवान को 'शत-शत नमन' करते हुए जनसेवा और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के प्रति उनके समर्पण को याद किया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद दिनेश शर्मा और वरिष्ठ भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने भी श्रद्धांजलि दी। नकवी ने पासवान को 'पिछड़े और कमजोर तबकों की सशक्त आवाज़' बताया।

रामविलास पासवान का योगदान

रामविलास पासवान भारतीय राजनीति में दलित और वंचित वर्गों के सबसे प्रमुख प्रतिनिधियों में से एक रहे। उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी की स्थापना की और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का नेतृत्व किया। उनके निधन के बाद पार्टी की बागडोर उनके पुत्र चिराग पासवान ने संभाली है।

गौरतलब है कि पासवान ने अपने राजनीतिक जीवन में विभिन्न गठबंधनों के साथ काम करते हुए हमेशा सामाजिक न्याय को प्राथमिकता दी। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय में उनके कार्यकाल को विशेष रूप से सराहा जाता है।

आम जनता पर असर

पासवान की विरासत आज भी बिहार और देशभर के दलित व पिछड़े समुदायों को राजनीतिक प्रेरणा देती है। उनकी जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। उनके जन्मदिन पर नेताओं का यह एकजुट नमन उनकी सर्वदलीय स्वीकार्यता और सामाजिक न्याय आंदोलन में उनके अमिट स्थान को दर्शाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली सवाल यह है कि पासवान जिन नीतिगत बदलावों के लिए लड़े — आरक्षण, खाद्य सुरक्षा, दलित सशक्तिकरण — उनकी ज़मीनी स्थिति क्या है। श्रद्धांजलि देना आसान है; उनकी विरासत को नीति में जीवित रखना असली कसौटी है।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामविलास पासवान कौन थे?
रामविलास पासवान भारत के著名 दलित नेता, लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के संस्थापक और कई बार केंद्रीय मंत्री रहे। उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था और वे दशकों तक वंचित व पिछड़े वर्गों की आवाज़ बने रहे।
रामविलास पासवान की जयंती कब मनाई जाती है?
रामविलास पासवान की जयंती 5 जुलाई को मनाई जाती है। 2026 में इस अवसर पर देशभर के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
योगी आदित्यनाथ ने पासवान को कैसे याद किया?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि पासवान ने आजीवन शोषितों और वंचितों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और सामाजिक न्याय के लिए उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा।
रामविलास पासवान की राजनीतिक विरासत क्या है?
पासवान ने लोक जनशक्ति पार्टी की स्थापना की और केंद्र में उपभोक्ता मामले व खाद्य मंत्रालय सहित कई अहम पदों पर काम किया। उनके निधन के बाद उनके पुत्र चिराग पासवान पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं।
किन-किन नेताओं ने पासवान जयंती पर श्रद्धांजलि दी?
5 जुलाई 2026 को योगी आदित्यनाथ, भजनलाल शर्मा, मोहन यादव, केशव प्रसाद मौर्य, पंकज चौधरी, दिनेश शर्मा और मुख्तार अब्बास नकवी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्र प्रेस
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