रामविलास पासवान जयंती: PM मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत दिग्गजों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 जुलाई को पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि जनसेवा तथा राष्ट्रसेवा के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए वे सदैव स्मरण में रहेंगे। प्रधानमंत्री के साथ-साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित देश के शीर्ष नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर पासवान को नमन किया।
PM मोदी की श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, 'पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की जयंती पर उन्हें मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि। समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए उन्होंने अहम योगदान दिया। जनसेवा और राष्ट्रसेवा के प्रति अपने समर्पण भाव के लिए वे हमेशा याद किए जाएंगे।' मोदी की इस पोस्ट ने रामविलास पासवान की विरासत को एक बार फिर राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में ला दिया।
वरिष्ठ नेताओं की प्रतिक्रिया
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपनी पोस्ट में कहा कि पद्मभूषण से अलंकृत रामविलास पासवान का सामाजिक न्याय और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित सार्वजनिक जीवन सदैव स्मरणीय रहेगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा कि पासवान का पूरा सार्वजनिक जीवन सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा दलितों, पिछड़ों और वंचितों के अधिकारों के संघर्ष के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि पासवान ने नीति-निर्माण में यह सुनिश्चित करने का निरंतर प्रयास किया कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी न्याय, अवसर और सम्मान मिले।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा कि रामविलास पासवान का पूरा जीवन गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित रहा। शाह ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि आपातकाल के दौरान पासवान ने लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए लंबा संघर्ष किया और अनेक यातनाएं सहीं।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी पासवान को 'लोकप्रिय राजनेता और पद्मभूषण से सम्मानित' बताते हुए कहा कि राष्ट्रसेवा और समाज के कमजोर वर्ग के उत्थान के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यों के लिए उन्हें सदैव याद किया जाएगा।
रामविलास पासवान की विरासत
रामविलास पासवान भारतीय राजनीति के उन विरले नेताओं में शुमार थे जिन्होंने विभिन्न विचारधाराओं की सरकारों में केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य किया। वे दलित और वंचित वर्गों की आवाज़ के रूप में पहचाने जाते थे। उनकी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) बिहार की राजनीति में एक महत्त्वपूर्ण शक्ति रही है। गौरतलब है कि पासवान को भारत सरकार ने पद्मभूषण से सम्मानित किया था, जो उनकी सार्वजनिक सेवा की राष्ट्रीय स्वीकृति का प्रतीक है।
आगे की राह
रामविलास पासवान की जयंती पर इस व्यापक श्रद्धांजलि ने उनके पुत्र और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की राजनीतिक विरासत को भी रेखांकित किया है, जो अपने पिता की नीतियों को आगे बढ़ाने का दावा करते हैं। देशभर में पासवान के समर्थकों ने उनकी स्मृति में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए।