मंगल पांडे जयंती: PM मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह ने 1857 के क्रांतिवीर को किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 19 जुलाई — 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के अग्रदूत वीर मंगल पांडे की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ने कहा कि मंगल पांडे का साहसिक जीवन आज भी प्रत्येक भारतीय के हृदय में गर्व और प्रेरणा का संचार करता है।
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, 'महान क्रांतिकारी मंगल पांडे को उनकी जयंती पर शत-शत नमन। मातृभूमि के स्वाभिमान और सम्मान की रक्षा के लिए उन्होंने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनका साहसिक जीवन आज भी हर भारतीय को गर्व से भर देता है। राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत उनकी शौर्यगाथा देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।'
लोकसभा स्पीकर और रक्षा मंत्री की श्रद्धांजलि
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एक्स पर लिखा कि 29 मार्च 1857 को बैरकपुर छावनी में मंगल पांडे का साहस और देशप्रेम भारतीय इतिहास का वह निर्णायक क्षण बना, जिसने विदेशी शासन की नींव को चुनौती दी और स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि मंगल पांडे का बलिदान आने वाले दशकों तक अनगिनत क्रांतिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि मंगल पांडे ने विदेशी शासन के विरुद्ध जिस निर्भीकता से क्रांति का शंखनाद किया, उसने पूरे भारत में देशभक्ति की भावना को प्रज्वलित किया और असंख्य देशवासियों को मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष की प्रेरणा दी।
गृह मंत्री अमित शाह का संदेश
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पोस्ट किया कि क्रांतिवीर मंगल पांडे ने 1857 की क्रांति का बिगुल फूंककर स्वसंस्कृति, स्वाभिमान और राष्ट्रहित के लिए संघर्ष की जनचेतना जागृत की। शाह ने कहा, 'अंग्रेजी दमन और अन्याय से मां भारती को मुक्त कराने के लिए उन्होंने अपने प्राणों तक की आहुति दे दी। उनके बलिदान से प्रज्वलित हुई क्रांति की चिंगारी आगे चलकर स्वतंत्रता की महाज्वाला में परिवर्तित हुई।'
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का संदेश
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि मंगल पांडे के अदम्य साहस और अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की नींव रखी तथा पूरे देश में स्वाधीनता की लौ प्रज्वलित की। नड्डा ने उनके त्याग और मातृभूमि के प्रति समर्पण को सदा प्रेरणादायी बताया।
ऐतिहासिक महत्व
गौरतलब है कि 29 मार्च 1857 को बैरकपुर में ब्रिटिश अधिकारियों के विरुद्ध विद्रोह करने वाले मंगल पांडे को इतिहासकार 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम का प्रतीक पुरुष मानते हैं। उनकी यह कार्रवाई उस व्यापक सिपाही विद्रोह की पूर्वपीठिका बनी जो कालांतर में पूरे उपमहाद्वीप में फैल गया। हर वर्ष उनकी जयंती पर राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें स्मरण किया जाता है और आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान से प्रेरणा लेने का आह्वान किया जाता है।