26 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मंगल पांडे: बलिदान दिवस पर नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, मातृभूमि के प्रति अदम्य समर्पण का प्रतीक

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मंगल पांडे: बलिदान दिवस पर नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, मातृभूमि के प्रति अदम्य समर्पण का प्रतीक

सारांश

१८५७ की क्रांति के नायक मंगल पांडे के बलिदान दिवस पर कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके अदम्य साहस और बलिदान को याद करते हुए, नेताओं ने राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा दी।

मुख्य बातें

मंगल पांडे का बलिदान स्वतंत्रता संग्राम की नींव है।
उनका साहस और संघर्ष आज भी प्रेरणा स्रोत है।
नेताओं ने श्रद्धांजलि देकर उनके योगदान को याद किया।
भारत की एकता और अखंडता के लिए उनका योगदान अमूल्य है।
उनका जीवन मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक है।

नई दिल्ली, ८ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। १८५७ की क्रांति के महानायक मंगल पांडे के बलिदान दिवस पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित अनेक प्रमुख नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने मंगल पांडे के अदम्य साहस, बलिदान और १८५७ की क्रांति में उनके योगदान को याद करते हुए राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा बताया।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "१८५७ की क्रांति के अमर नायक वीर मंगल पांडे के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। मंगल पांडे के अदम्य साहस और अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष ने हमारे स्वतंत्रता संग्राम की नींव रखी और पूरे देश में स्वाधीनता की लौ प्रज्वलित की। मंगल पांडे का जीवन देशभक्ति, पराक्रम और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उनका त्याग और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को अन्याय के खिलाफ खड़े होने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता रहेगा।"

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'एक्स' पर लिखा, "१८५७ की क्रांति को अपने अदम्य शौर्य से नई ऊर्जा देने वाले मंगल पांडे ने युवाओं को मां भारती की स्वतंत्रता के लिए प्रेरित किया। उनके नेतृत्व में बैरकपुर छावनी अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक बन गई। मातृभूमि के प्रति उनकी अटूट निष्ठा, साहस और बलिदान गाथा आज भी राष्ट्रप्रेम की भावना को और मजबूत बनाती है। महान स्वतंत्रता सेनानी मंगल पांडे को उनके बलिदान दिवस पर नमन करता हूं।"

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी मंगल पांडे को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, "अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह का बिगुल फूंककर क्रांति की ज्वाला प्रज्वलित करने वाले अमर बलिदानी, मां भारती के वीर सपूत मंगल पांडे के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटिशः नमन करता हूं।"

उन्होंने आगे लिखा, "आज़ादी की लड़ाई की पहली हुंकार भरने वाले महान क्रांतिकारी मंगल पांडे ने १८५७ में आज ही के दिन अपने प्राणों की आहुति देकर अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी और उनकी ओर से शुरू की गई स्वतंत्रता संग्राम की चिंगारी पूरे देश में फैल गई। भारत की एकता और अखंडता के लिए मंगल पांडे का त्याग और बलिदान सम्पूर्ण राष्ट्र को अनंतकाल तक स्मरण रहेगा।"

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मंगल पांडे को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, "उन्होंने बैरकपुर छावनी से अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ जो विद्रोह की ज्वाला प्रज्वलित की थी, उसी ने आगे चलकर स्वाधीनता के एक विशाल महायज्ञ का रूप लिया। मातृभूमि के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान सभी राष्ट्रभक्तों के लिए प्रेरणा है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत भी बने। भारत की आज़ादी की दिशा में उनका योगदान अनमोल है।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलिदान दिवस क्यों मनाया जाता है?
बलिदान दिवस मंगल पांडे के बलिदान को याद करने के लिए मनाया जाता है, जिन्होंने स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
कौन-कौन से नेता मंगल पांडे को श्रद्धांजलि दी?
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला , केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा सहित कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मंगल पांडे का योगदान क्या था?
मंगल पांडे ने १८५७ की क्रांति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और स्वतंत्रता संग्राम की नींव रखी।
क्या मंगल पांडे की विरासत आज भी जीवित है?
हाँ, मंगल पांडे की विरासत आज भी लोगों को अन्याय के खिलाफ खड़े होने और मातृभूमि के प्रति समर्पण की प्रेरणा देती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 1 साल पहले