15 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स ने 500 अंकों की बढ़त पाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स ने 500 अंकों की बढ़त पाई

सारांश

कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को हरे निशान में शुरुआत की। सेंसेक्स में 500 अंकों की बढ़त और निफ्टी में 0.50% से अधिक की वृद्धि देखने को मिली। जानिए इससे जुड़ी और महत्वपूर्ण जानकारी।

मुख्य बातें

सेंसेक्स में 500 अंकों की बढ़त हुई है।
निफ्टी में 0.50% से अधिक की वृद्धि हुई।
बाजार में सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा की कीमतों में गिरावट संभव है।
आगामी अर्निंग सीजन सकारात्मक रहने की संभावना है।

मुंबई, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में चल रहे तनावों के बावजूद, सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने तेजी के साथ हरे निशान में शुरुआत की। इस अवसर पर घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी में 0.50 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।

हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के नाजुक युद्धविराम समझौते को लेकर चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं।

इस दौरान, बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 76,631.65 से 489.36 अंक या 0.64 प्रतिशत उछलकर 77,121.01 पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी50 अपने पिछले बंद स्तर 23,775.10 से 105.45 अंक या 0.44 प्रतिशत बढ़कर 23,880.55 पर खुला। वहीं, बैंक निफ्टी इंडेक्स 360.55 अंक या 0.66 प्रतिशत बढ़कर 55,182.25 पर खुला।

हालांकि, खबर लिखे जाने तक (सुबह 9.38 बजे के आसपास) सेंसेक्स 497.82 अंक यानी 0.65 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,129.47 पर ट्रेड कर रहा था, जबकि निफ्टी50 159.85 अंक यानी 0.67 प्रतिशत बढ़कर 23,934.95 पर था।

व्यापक बाजारों ने प्रमुख बेंचमार्कों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया, क्योंकि निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांकों में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई।

सेक्टरवार विश्लेषण करें तो निफ्टी मेटल्स, निफ्टी ऑटो, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी मीडिया, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त हुई। जबकि, निफ्टी फार्मा में 0.14 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी आईटी में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई।

निफ्टी 50 पैक में श्रीराम फाइनेंस, एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक, आयशर मोटर्स, आईसीआईसीआई बैंक, एमएंडएम, बजाज-ऑटो, बजाज फिनसर्व और एसबीआई के शेयरों में सबसे अधिक बढ़त देखने को मिली। वहीं, इसके विपरीत इंफोसिस, टीसीएस, सनफार्मा, एचसीएलटेक और टेक महिंद्रा के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट आई।

एक बाजार विशेषज्ञ ने कहा, "शेयर बाजारों में हमने जो गिरावट देखी है, वह ऊर्जा बाजारों में आए बदलाव से इतनी बड़ी नहीं लगती। लेकिन, मेरा मानना है कि यह दर्शाता है कि ऊर्जा की कीमतें नीचे आने की संभावना है। हमारा मूल अनुमान यह है कि अगले तीन से छह महीनों में ऊर्जा की कीमतें धीरे-धीरे कम होती रहेंगी।"

विशेषज्ञ ने आगे कहा कि इसका असर आर्थिक विकास पर थोड़ा दबाव डाल सकता है और महंगाई में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन कुल मिलाकर यह माहौल इक्विटी बाजारों के लिए सकारात्मक रहेगा, खासकर जब हम आगामी अर्निंग सीजन की ओर बढ़ेंगे, जो हमारे अनुसार काफी मजबूत रहने वाला है।

एक्सपर्ट ने बताया कि निफ्टी में 23,660 एक महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर बना हुआ है। जब तक इंडेक्स इसके ऊपर बना रहेगा, तब तक तेजी (बुलिश ट्रेंड) कायम रह सकती है और 24,250 तक का रास्ता खुल सकता है।

हालांकि, यदि निफ्टी 23,660 के नीचे टूटता है, तो गैप फिलिंग देखने को मिल सकती है, जिससे इंडेक्स 23,200 के स्तर तक गिर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सतर्कता जरूरी है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या भारतीय शेयर बाजार की वृद्धि स्थायी होगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऊर्जा की कीमतें स्थिर रहती हैं, तो बाजार में वृद्धि जारी रह सकती है।
निफ्टी का सपोर्ट स्तर क्या है?
निफ्टी का महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर 23,660 है।
बाजार में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव और वैश्विक आर्थिक स्थिति गिरावट का कारण बन रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले