हॉर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिका का ईरान पर 7 घंटे का सैन्य हमला, दर्जनों ठिकाने तबाह
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने 15 जुलाई को पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने हॉर्मुज स्ट्रेट के निकट और ईरान के तटीय क्षेत्रों में दर्जनों ईरानी सैन्य ठिकानों पर लगातार सात घंटे तक सटीक हमले किए। सेंटकॉम के अनुसार, यह ऑपरेशन अमेरिकी समयानुसार रात 10 बजे समाप्त हुआ और इसका उद्देश्य ईरान की उस सैन्य क्षमता को कमज़ोर करना था जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाज़ों और नागरिक चालक दल को सीधा खतरा था।
मुख्य सैन्य कार्रवाई
सेंटकॉम के बयान के अनुसार, अमेरिकी लड़ाकू विमानों, ड्रोन और नौसैनिक जहाज़ों ने ईरान की मिसाइल साइटों, ड्रोन ठिकानों, नौसैनिक क्षमताओं और तटीय रक्षा प्रणालियों पर केंद्रित प्रहार किए। मध्य पूर्व में अमेरिका के 20 से अधिक युद्धपोत और सैकड़ों सैन्य विमान पहले से तैनात थे। कमांड ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना आगे के ऑपरेशन के लिए कमांडर-इन-चीफ के आदेश पर पूरी तरह तैयार है।
हमले की वजह — ईरान पर गंभीर आरोप
अमेरिकी कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि पिछले सात दिनों में ईरान ने जानबूझकर आम नागरिकों को निशाना बनाते हुए सात व्यापारिक जहाज़ों पर हमले किए, जिनमें लगभग एक दर्जन नागरिक चालक दल के सदस्य मारे गए, लापता हुए या घायल हुए। उनके अनुसार, ईरानी सेना ने पड़ोसी खाड़ी देशों की ओर भी दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन दागे। एडमिरल कूपर ने कहा, 'अमेरिकी सेना ईरान को उस गैर-ज़रूरी आक्रामकता के लिए जिम्मेदार ठहरा रही है जिससे बेगुनाह लोगों की जान को खतरा बना हुआ है।'
नाकाबंदी और रणनीतिक संदर्भ
यह सैन्य कार्रवाई उसी दिन हुई जब अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों से आने-जाने वाले जहाज़ों के विरुद्ध अपनी नाकाबंदी पुनः लागू की — यह नाकाबंदी अमेरिकी समयानुसार शाम 4 बजे प्रभावी हुई। हॉर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार का एक अत्यंत संवेदनशील मार्ग है, जिसके बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ारों पर गहरा असर पड़ सकता है।
अस्पष्ट तथ्य और सूचना का अभाव
सेंटकॉम ने उन सटीक ठिकानों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जहाँ हमले किए गए। नुकसान का कोई आकलन नहीं दिया गया और हताहतों की संख्या का भी खुलासा नहीं किया गया। कमांड ने उन सात व्यापारिक जहाज़ों की पहचान भी उजागर नहीं की जिनका एडमिरल कूपर ने उल्लेख किया, और न ही चालक दल के सदस्यों की राष्ट्रीयता या उन खाड़ी देशों के नाम बताए गए जिन्हें कथित तौर पर ईरानी हमलों का सामना करना पड़ा।
आगे क्या होगा
सेंटकॉम ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी सेना आगे के ऑपरेशन के लिए पूरी तरह तैयार है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव पहले से चरम पर है और वैश्विक ऊर्जा बाज़ार इस क्षेत्र की हर हलचल पर नज़र टिकाए हैं। आने वाले दिनों में ईरान की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का रुख इस संघर्ष की दिशा तय करेगा।