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अमेरिका ने ईरान के 80+ सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, तेल लाइसेंस तत्काल रद्द

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अमेरिका ने ईरान के 80+ सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, तेल लाइसेंस तत्काल रद्द

सारांश

युद्धविराम के बावजूद ईरान ने होर्मुज़ में तीन जहाज़ों पर हमला किया — अमेरिका ने जवाब में 80+ सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए और तेल लाइसेंस तत्काल रद्द कर दिया। ट्रंप प्रशासन ने सैन्य व आर्थिक दोनों मोर्चों पर एकसाथ दबाव बनाया है।

मुख्य बातें

सेंटकॉम ने 8 जुलाई 2026 को ईरान के 80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए।
निशाने पर ईरान की वायु रक्षा प्रणालियाँ , कमांड नेटवर्क , तटीय रडार और आईआरजीसी की 60+ नौकाएं शामिल।
ईरान पर होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तीन वाणिज्यिक जहाज़ों — एम/टी अल रेकय्यात , एम/टी वेदयान , एम/टी साइप्रस प्रॉस्पेरिटी — पर हमले का आरोप।
अमेरिकी ट्रेजरी ने जनरल लाइसेंस X रद्द कर जनरल लाइसेंस X-1 लागू किया; ईरानी तेल की नई खरीद पर तत्काल रोक।
पुराने लेनदेन समाप्त करने की अंतिम तिथि 17 जुलाई 2026 निर्धारित।
अमेरिका ने चेतावनी दी — उल्लंघन जारी रहने पर आगे भी कार्रवाई संभव।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने 8 जुलाई 2026 को ईरान के 80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर नए हवाई हमले शुरू किए। इसके साथ ही अमेरिकी वित्त विभाग (ट्रेजरी) ने वह अहम लाइसेंस रद्द कर दिया जिसके तहत तेहरान को कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पाद बेचने की अनुमति मिली हुई थी। यह कदम होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तीन वाणिज्यिक जहाज़ों पर ईरान द्वारा कथित हमले के जवाब में उठाया गया है।

हमलों का दायरा और लक्ष्य

सेंटकॉम के अनुसार, इन हवाई हमलों में ईरान की वायु रक्षा प्रणालियों, कमांड एवं कंट्रोल नेटवर्क, तटीय रडार ठिकानों और जहाज-रोधी मिसाइल क्षमताओं को निशाना बनाया गया। इसके अलावा, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की 60 से अधिक छोटी नौकाओं को भी ध्वस्त किया गया, जो रणनीतिक जलमार्ग के आसपास तैनात थीं।

सेंटकॉम ने कहा कि यह अभियान 'होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों पर ईरान के ताज़ा हमलों के तत्काल जवाब' के रूप में चलाया गया। कमांड के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उस क्षमता को कमज़ोर करना था जिसके ज़रिए वह दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों पर अंतरराष्ट्रीय जहाज़ों को निशाना बना सकता है।

तीन जहाज़ों पर हमले का आरोप

पेंटागन के अनुसार, ईरान ने हाल ही में होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन वाणिज्यिक जहाज़ों पर हमला किया। इनमें मार्शल द्वीप के ध्वज वाला एम/टी अल रेकय्यात, सऊदी अरब के ध्वज वाला एम/टी वेदयान और लाइबेरिया के ध्वज वाला एम/टी साइप्रस प्रॉस्पेरिटी शामिल हैं।

सेंटकॉम ने इसे 'युद्धविराम का स्पष्ट और गंभीर उल्लंघन' करार दिया और कहा कि यह आक्रामकता समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता को कमज़ोर करती है। गौरतलब है कि पिछले महीने तेहरान के साथ हुए युद्धविराम के बाद यह वाशिंगटन की ओर से अब तक की सबसे कड़ी सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है।

तेल लाइसेंस रद्द — आर्थिक दबाव की वापसी

हवाई हमलों की घोषणा से कुछ घंटे पहले अमेरिकी ट्रेजरी ने 21 जून को जारी जनरल लाइसेंस X को रद्द कर उसकी जगह जनरल लाइसेंस X-1 लागू कर दिया। इस फैसले के साथ युद्धविराम व्यवस्था के तहत ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के उत्पादन, आपूर्ति और बिक्री की अस्थायी अनुमति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई।

नया लाइसेंस पहले से अधिकृत लेनदेन को समाप्त करने के लिए केवल 17 जुलाई तक की सीमित अवधि देता है। साथ ही, 7 जुलाई के बाद ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोलियम या पेट्रोकेमिकल उत्पादों की किसी भी नई खरीद या लोडिंग पर स्पष्ट रूप से रोक लगा दी गई है।

ट्रंप प्रशासन की दोहरी रणनीति

यह सैन्य अभियान और तेल प्रतिबंधों की बहाली इस बात का संकेत है कि ट्रंप प्रशासन ने ईरान द्वारा कथित तौर पर युद्धविराम के उल्लंघन के जवाब में सैन्य और आर्थिक — दोनों तरह के दबाव की एकसाथ रणनीति अपनाई है। अमेरिकी सेना ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तेहरान समझौते का उल्लंघन जारी रखता है, तो आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

सेंटकॉम ने कहा, 'समझौते का पालन नहीं किए जाने या उसका उल्लंघन होने की स्थिति में ईरान को जवाबदेह ठहराने के लिए हमारी सेनाएं पूरी तरह तैयार और तैनात हैं।' यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज़ जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है और क्षेत्र में तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ारों पर पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि ट्रंप प्रशासन का यह संदेश भी है कि सैन्य कार्रवाई और प्रतिबंध एक ही पैकेज में आएंगे। असली सवाल यह है कि क्या यह दबाव तेहरान को वार्ता की मेज़ पर वापस लाएगा या खाड़ी में तनाव को और गहरा करेगा — जिसका सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति और भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ेगा।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले क्यों किए?
सेंटकॉम के अनुसार, ये हमले होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तीन वाणिज्यिक जहाज़ों पर ईरान के कथित हमलों के जवाब में किए गए, जिन्हें युद्धविराम का स्पष्ट उल्लंघन बताया गया। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की समुद्री आक्रामकता की क्षमता को कमज़ोर करना है।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य में किन जहाज़ों पर हमला हुआ?
पेंटागन के अनुसार, तीन जहाज़ों पर हमला हुआ — मार्शल द्वीप के ध्वज वाला एम/टी अल रेकय्यात, सऊदी अरब के ध्वज वाला एम/टी वेदयान और लाइबेरिया के ध्वज वाला एम/टी साइप्रस प्रॉस्पेरिटी। ये सभी जहाज़ जलडमरूमध्य से गुजर रहे थे।
अमेरिका ने ईरान का तेल लाइसेंस क्यों रद्द किया?
अमेरिकी ट्रेजरी ने जनरल लाइसेंस X को रद्द कर जनरल लाइसेंस X-1 लागू किया, जिससे युद्धविराम के तहत दी गई ईरानी तेल बिक्री की अनुमति तत्काल समाप्त हो गई। यह कदम सैन्य हमलों के साथ-साथ आर्थिक दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है।
नए तेल लाइसेंस X-1 के तहत क्या नियम हैं?
जनरल लाइसेंस X-1 के अनुसार, 7 जुलाई के बाद ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोलियम या पेट्रोकेमिकल उत्पादों की कोई नई खरीद या लोडिंग नहीं हो सकती। पहले से अधिकृत लेनदेन को समाप्त करने के लिए 17 जुलाई 2026 तक की सीमित अवधि दी गई है।
क्या अमेरिका आगे और कार्रवाई कर सकता है?
अमेरिकी सेना ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ईरान युद्धविराम का उल्लंघन जारी रखता है तो आगे भी कार्रवाई की जाएगी। सेंटकॉम ने कहा कि उसकी सेनाएं ईरान को जवाबदेह ठहराने के लिए पूरी तरह तैयार और तैनात हैं।
राष्ट्र प्रेस
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