अमेरिका ने ईरान के 80+ सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, तेल लाइसेंस तत्काल रद्द
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने 8 जुलाई 2026 को ईरान के 80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर नए हवाई हमले शुरू किए। इसके साथ ही अमेरिकी वित्त विभाग (ट्रेजरी) ने वह अहम लाइसेंस रद्द कर दिया जिसके तहत तेहरान को कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पाद बेचने की अनुमति मिली हुई थी। यह कदम होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तीन वाणिज्यिक जहाज़ों पर ईरान द्वारा कथित हमले के जवाब में उठाया गया है।
हमलों का दायरा और लक्ष्य
सेंटकॉम के अनुसार, इन हवाई हमलों में ईरान की वायु रक्षा प्रणालियों, कमांड एवं कंट्रोल नेटवर्क, तटीय रडार ठिकानों और जहाज-रोधी मिसाइल क्षमताओं को निशाना बनाया गया। इसके अलावा, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की 60 से अधिक छोटी नौकाओं को भी ध्वस्त किया गया, जो रणनीतिक जलमार्ग के आसपास तैनात थीं।
सेंटकॉम ने कहा कि यह अभियान 'होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों पर ईरान के ताज़ा हमलों के तत्काल जवाब' के रूप में चलाया गया। कमांड के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उस क्षमता को कमज़ोर करना था जिसके ज़रिए वह दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों पर अंतरराष्ट्रीय जहाज़ों को निशाना बना सकता है।
तीन जहाज़ों पर हमले का आरोप
पेंटागन के अनुसार, ईरान ने हाल ही में होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन वाणिज्यिक जहाज़ों पर हमला किया। इनमें मार्शल द्वीप के ध्वज वाला एम/टी अल रेकय्यात, सऊदी अरब के ध्वज वाला एम/टी वेदयान और लाइबेरिया के ध्वज वाला एम/टी साइप्रस प्रॉस्पेरिटी शामिल हैं।
सेंटकॉम ने इसे 'युद्धविराम का स्पष्ट और गंभीर उल्लंघन' करार दिया और कहा कि यह आक्रामकता समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता को कमज़ोर करती है। गौरतलब है कि पिछले महीने तेहरान के साथ हुए युद्धविराम के बाद यह वाशिंगटन की ओर से अब तक की सबसे कड़ी सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है।
तेल लाइसेंस रद्द — आर्थिक दबाव की वापसी
हवाई हमलों की घोषणा से कुछ घंटे पहले अमेरिकी ट्रेजरी ने 21 जून को जारी जनरल लाइसेंस X को रद्द कर उसकी जगह जनरल लाइसेंस X-1 लागू कर दिया। इस फैसले के साथ युद्धविराम व्यवस्था के तहत ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के उत्पादन, आपूर्ति और बिक्री की अस्थायी अनुमति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई।
नया लाइसेंस पहले से अधिकृत लेनदेन को समाप्त करने के लिए केवल 17 जुलाई तक की सीमित अवधि देता है। साथ ही, 7 जुलाई के बाद ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोलियम या पेट्रोकेमिकल उत्पादों की किसी भी नई खरीद या लोडिंग पर स्पष्ट रूप से रोक लगा दी गई है।
ट्रंप प्रशासन की दोहरी रणनीति
यह सैन्य अभियान और तेल प्रतिबंधों की बहाली इस बात का संकेत है कि ट्रंप प्रशासन ने ईरान द्वारा कथित तौर पर युद्धविराम के उल्लंघन के जवाब में सैन्य और आर्थिक — दोनों तरह के दबाव की एकसाथ रणनीति अपनाई है। अमेरिकी सेना ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तेहरान समझौते का उल्लंघन जारी रखता है, तो आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
सेंटकॉम ने कहा, 'समझौते का पालन नहीं किए जाने या उसका उल्लंघन होने की स्थिति में ईरान को जवाबदेह ठहराने के लिए हमारी सेनाएं पूरी तरह तैयार और तैनात हैं।' यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज़ जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है और क्षेत्र में तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ारों पर पड़ सकता है।