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ईरान विदेश मंत्री अराघची: अमेरिकी हमलों ने अप्रैल सीजफायर को किया निष्प्रभावी, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद

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ईरान विदेश मंत्री अराघची: अमेरिकी हमलों ने अप्रैल सीजफायर को किया निष्प्रभावी, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद

सारांश

ईरान-अमेरिका तनाव खतरनाक मोड़ पर — अराघची ने अप्रैल सीजफायर को मृत घोषित किया, IRGC ने तीन देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा किया, और होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

मुख्य बातें

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने 12 जून 2026 को कहा कि अमेरिकी हमलों ने अप्रैल का सीजफायर बेअसर कर दिया।
CENTCOM ने ईरान में सैन्य निगरानी, संचार और वायु रक्षा ठिकानों पर हमले की पुष्टि की।
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को तेल टैंकरों समेत सभी जहाजों के लिए बंद किया।
IRGC ने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले का दावा किया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर ईरान पर 'बहुत जोरदार हमले' की चेतावनी दी।

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने 12 जून 2026 को स्पष्ट किया कि अमेरिका के ताज़ा सैन्य हमलों ने दोनों देशों के बीच अप्रैल में स्थापित हुए युद्धविराम (सीजफायर) को पूरी तरह बेअसर कर दिया है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है और होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी जहाजों के लिए बंद कर दिया गया है।

अराघची का यूरोपीय संघ को संदेश

अराघची ने यूरोपीय संघ (EU) की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास के साथ फोन पर हुई बातचीत में अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का 'खुला उल्लंघन' करार दिया। अराघची ने यह भी कहा कि अमेरिका इन हमलों के 'खतरनाक नतीजों' के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड का पक्ष

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 12 जून की सुबह एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि उसकी सेनाओं ने ईरान के 'बेवजह और लगातार हमलों' के जवाब में कार्रवाई की। CENTCOM के अनुसार, अमेरिकी मरीन कॉर्प्स, वायु सेना और नौसेना के संसाधनों ने ईरान में सैन्य निगरानी क्षमताओं, संचार प्रणालियों और वायु रक्षा ठिकानों पर सटीक हथियारों से हमले किए। CENTCOM ने कहा कि ये ठिकाने अमेरिकी सेना और क्षेत्र में आवाजाही करने वाले अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा थे।

होर्मुज जलडमरूमध्य बंद, ईरान की जवाबी कार्रवाई

अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के मुख्य सैन्य कमांड खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने होर्मुज जलडमरूमध्य को तेल टैंकरों और वाणिज्यिक जहाजों समेत सभी प्रकार के जहाजों के लिए बंद करने की घोषणा की। इस कदम का वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है, क्योंकि दुनिया का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से तेल आपूर्ति पर निर्भर है।

इसके साथ ही ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उन्होंने जवाबी कार्रवाई में जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।

ट्रंप की नई धमकी और टैंकर विवाद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ और सख्त सैन्य कार्रवाई की धमकी दी। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका ईरान के 'जरूरी तेल इंफ्रास्ट्रक्चर' पर नियंत्रण कर सकता है। ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, 'अमेरिका आज रात ईरान पर बहुत जोरदार हमला करेगा।' यह बयान अमेरिकी सेना द्वारा तीसरे वाणिज्यिक टैंकर को निष्क्रिय करने के कुछ घंटों बाद आया, जिस पर वाशिंगटन की नाकाबंदी तोड़ने का आरोप लगाया गया है।

आगे क्या हो सकता है

गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों में उथल-पुथल मचने की आशंका है। यूरोपीय संघ की मध्यस्थता की कोशिशें जारी हैं, लेकिन दोनों पक्षों के बीच बढ़ता सैन्य टकराव किसी भी कूटनीतिक समाधान को फिलहाल दूर की कौड़ी बना रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की संभावित आपात बैठक पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे ईरान पहले भी संकट के दौर में आज़मा चुका है। अराघची का 'सीजफायर निष्प्रभावी' वाला बयान कूटनीतिक दरवाज़ा बंद करने का संकेत है, लेकिन EU की मध्यस्थता की कोशिश यह भी बताती है कि पश्चिमी देश इस संघर्ष को और बढ़ते नहीं देखना चाहते। ट्रंप का 'तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर नियंत्रण' वाला बयान — अगर अमल में आया — तो यह 2003 के इराक़ से भी बड़ा भू-राजनीतिक भूकंप होगा। भारत के लिए यह स्थिति दोहरी चुनौती है: होर्मुज से गुज़रने वाली ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्र में फँसे भारतीय नागरिक — दोनों पर नज़र रखना अब अनिवार्य है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने अप्रैल सीजफायर के बारे में क्या कहा?
अराघची ने 12 जून 2026 को कहा कि अमेरिका के ताज़ा सैन्य हमलों ने अप्रैल में हुए सीजफायर को पूरी तरह बेअसर कर दिया है। उन्होंने EU विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास के साथ फोन पर इसे UN चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों बंद किया गया?
अमेरिकी सैन्य हमलों के जवाब में ईरान के मुख्य सैन्य कमांड खतम अल-अनबिया ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी जहाजों — तेल टैंकरों और वाणिज्यिक जहाजों समेत — के लिए बंद करने की घोषणा की। यह वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है।
CENTCOM ने ईरान में किन ठिकानों पर हमला किया?
CENTCOM के अनुसार, अमेरिकी मरीन कॉर्प्स, वायु सेना और नौसेना ने ईरान में सैन्य निगरानी क्षमताओं, संचार प्रणालियों और वायु रक्षा ठिकानों पर सटीक हथियारों से हमले किए। CENTCOM ने इसे ईरान के 'बेवजह और लगातार हमलों' का जवाब बताया।
IRGC ने किन देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया?
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उन्होंने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए। यह अमेरिकी हमलों के प्रतिशोध में उठाया गया कदम बताया गया।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर क्या चेतावनी दी?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा कि 'अमेरिका आज रात ईरान पर बहुत जोरदार हमला करेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान के जरूरी तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर नियंत्रण कर सकता है — यह बयान तीसरे वाणिज्यिक टैंकर को निष्क्रिय करने के कुछ घंटों बाद आया।
राष्ट्र प्रेस
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