27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ईरानी विदेश मंत्री अराघची की अमेरिका को कड़ी चेतावनी: 'हर हमले का मुंहतोड़ जवाब देंगे, फारस की खाड़ी छोड़ो'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ईरानी विदेश मंत्री अराघची की अमेरिका को कड़ी चेतावनी: 'हर हमले का मुंहतोड़ जवाब देंगे, फारस की खाड़ी छोड़ो'

सारांश

अमेरिकी जवाबी हमले के बाद ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने एक्स पर सीधी चेतावनी दी — 'फारस की खाड़ी छोड़ो, वरना मुंहतोड़ जवाब मिलेगा।' होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी हमलों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है।

मुख्य बातें

ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने 10 जून 2026 को एक्स पर अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी।
अराघची ने कहा — 'किसी भी हमले या धमकी का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा; विदेशी सेनाएं हमारे इलाके से हट जाएं।' CENTCOM ने 9 जून को होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान की वायु रक्षा प्रणालियों, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और निगरानी रडार पर हमले किए।
अमेरिकी हमले का कारण एक दिन पहले ईरानी हवाई हमले में अपाचे हेलीकॉप्टर का मार गिराया जाना बताया गया।
अराघची ने स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र नहीं, बल्कि ईरान और ओमान के बीच बंटा है।

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने 10 जून 2026 को अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान की शक्तिशाली सेनाएं किसी भी हमले या धमकी का निर्णायक जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह बयान उस घटनाक्रम के बाद आया जब अमेरिकी सेना ने 9 जून को ईरानी हवाई हमले में अपाचे हेलीकॉप्टर मार गिराए जाने के बाद जवाबी कार्रवाई की।

अराघची का एक्स पोस्ट: सीधी और कड़ी भाषा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में अराघची ने लिखा, 'युद्ध के मैदान में हार के बावजूद, अमेरिका ने हमारे संकल्प की परीक्षा लेने का फैसला किया है। हमारी शक्तिशाली सेनाएं किसी भी हमले या धमकी का मुंहतोड़ जवाब देंगी। अगर आप सुरक्षित रहना चाहते हैं, तो हमारे इलाके से चले जाएं। फारस की खाड़ी का इतिहास घुसपैठ करने वाले बाहरी लोगों के बुरे अंजामों की कई कहानियों से भरा पड़ा है।'

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि होर्मुज स्ट्रेट कोई अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र नहीं है, बल्कि यह ईरान और ओमान के बीच बंटा हुआ है और अमेरिकी तटों से हजारों मील दूर स्थित है।

ईरान की सैन्य सतर्कता पर जोर

अराघची ने स्पष्ट किया कि ईरान की सेनाएं देश के हवाई क्षेत्र, जमीन और जलक्षेत्र के किसी भी उल्लंघन के प्रति हमेशा सतर्क रहती हैं। उन्होंने कहा कि ईरानी इलाके के आसपास तैनात विदेशी सेनाओं को 'मानवीय गलतियों, आम हादसों या दोनों तरफ से होने वाली फायरिंग में फंसने का खतरा हमेशा बना रहता है।' उनके अनुसार, इस खतरे को कम करने का सबसे कारगर उपाय यही है कि विदेशी सेनाएं इस इलाके से जल्द से जल्द हट जाएं।

अमेरिकी जवाबी हमले की पृष्ठभूमि

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, राष्ट्रपति के आदेश पर 9 जून को शाम पाँच बजे अमेरिकी पूर्वी समय (21:00 GMT) पर ईरान के खिलाफ हमले शुरू किए गए। CENTCOM के बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई 'आत्मरक्षा' के तहत की गई और इसका कारण एक दिन पहले अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराया जाना था।

अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों ने सटीक निर्देशित हथियारों का इस्तेमाल करते हुए होर्मुज स्ट्रेट के निकट ईरान की वायु रक्षा प्रणालियों, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और निगरानी रडार ठिकानों को निशाना बनाया।

कूटनीति का रास्ता खुला, लेकिन चेतावनी भी साफ

अराघची ने यह भी कहा कि ईरान कूटनीति की भाषा को प्राथमिकता देता है, लेकिन साथ ही जोड़ा कि 'जैसा हमारे बहादुर योद्धाओं ने दुनिया को दिखाया है, हम दूसरी भाषाएं बोलना भी जानते हैं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब फारस की खाड़ी में तनाव अपने उच्चतम स्तर पर है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति शृंखला पर इसके असर की आशंका बढ़ रही है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य गतिविधियों पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे इस समय इतनी सीधी भाषा में कहना दर्शाता है कि तेहरान अब पीछे हटने के मूड में नहीं है। गौरतलब है कि वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पाँचवाँ हिस्सा इसी जलमार्ग से गुजरता है, इसलिए यह तनाव सिर्फ दो देशों का द्विपक्षीय मामला नहीं रहा। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है, वह यह है कि इस तरह की सार्वजनिक चेतावनियाँ अक्सर पर्दे के पीछे चल रही कूटनीतिक बातचीत के समानांतर चलती हैं — असली सवाल यह है कि क्या कोई तीसरा पक्ष इस आग को और भड़काने से पहले दोनों को वार्ता की मेज पर ला सकता है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने अमेरिका को क्या चेतावनी दी?
अराघची ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान की सेनाएं किसी भी हमले या धमकी का मुंहतोड़ जवाब देंगी और विदेशी सेनाओं को फारस की खाड़ी के इलाके से हट जाना चाहिए। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र मानने से इनकार किया।
अमेरिका ने ईरान पर हमला क्यों किया?
CENTCOM के अनुसार, 9 जून को अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को ईरानी हवाई हमले में मार गिराए जाने के बाद राष्ट्रपति के आदेश पर आत्मरक्षा में जवाबी हमले किए गए। अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान की वायु रक्षा प्रणालियों और रडार ठिकानों को निशाना बनाया।
होर्मुज स्ट्रेट का विवाद क्या है?
ईरान का दावा है कि होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र नहीं है, बल्कि यह ईरान और ओमान के बीच बंटा हुआ है। अमेरिका इसे अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए खुला मानता है; यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस तनाव का वैश्विक असर क्या हो सकता है?
होर्मुज स्ट्रेट से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है, इसलिए इस क्षेत्र में सैन्य संघर्ष बढ़ने पर ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल की आशंका है। भारत समेत कई देश इस इलाके से ऊर्जा आयात पर निर्भर हैं।
क्या ईरान कूटनीतिक रास्ता भी खुला रख रहा है?
अराघची ने अपने बयान में कहा कि ईरान कूटनीति की भाषा को प्राथमिकता देता है, हालांकि साथ ही सैन्य जवाब देने की क्षमता का भी उल्लेख किया। विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के बयान अक्सर पर्दे के पीछे चल रही बातचीत के साथ-साथ आते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 4 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले