ईरानी विदेश मंत्री अराघची की चेतावनी: 'प्रोजेक्ट फ्रीडम ही प्रोजेक्ट डेडलॉक है', अमेरिका-यूएई को सैन्य कार्रवाई से बचने की नसीहत

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ईरानी विदेश मंत्री अराघची की चेतावनी: 'प्रोजेक्ट फ्रीडम ही प्रोजेक्ट डेडलॉक है', अमेरिका-यूएई को सैन्य कार्रवाई से बचने की नसीहत

सारांश

ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को सीधे 'प्रोजेक्ट डेडलॉक' करार दिया — और अमेरिका व यूएई को सैन्य रास्ते से बचने की नसीहत दी। इस बीच ट्रंप ने सीजफायर की स्थिति पर अनिश्चितता बनाए रखी, जबकि मेर्सक का जहाज अमेरिकी सुरक्षा में होर्मुज से निकल गया।

मुख्य बातें

ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने 5 मई 2026 को अमेरिका और यूएई को चेतावनी दी कि सैन्य कार्रवाई राजनीतिक संकट का हल नहीं है।
अराघची ने प्रोजेक्ट फ्रीडम को 'प्रोजेक्ट डेडलॉक' बताया और अमेरिका को अपने दुश्मनों से सावधान रहने की नसीहत दी।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर जारी रहने या न रहने पर स्पष्ट जवाब देने से इनकार किया, लेकिन कहा कि सैन्य युद्ध

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने 5 मई 2026 को अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सैन्य कार्रवाई किसी भी राजनीतिक संकट का समाधान नहीं है। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में फंसे जहाजों की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए शुरू किए गए 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के तुरंत बाद आया है।

अराघची का बयान: 'प्रोजेक्ट फ्रीडम ही प्रोजेक्ट डेडलॉक है'

अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा,

संपादकीय दृष्टिकोण

पर युद्ध की ज़िम्मेदारी से बचती है। पाकिस्तान की मध्यस्थता का उल्लेख संकेत देता है कि बातचीत का एक चैनल अभी भी सक्रिय है। असली सवाल यह है कि होर्मुज में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति कूटनीति को सुगम बनाएगी या उसे और जटिल करेगी।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रोजेक्ट फ्रीडम क्या है और ईरान ने इसका विरोध क्यों किया?
प्रोजेक्ट फ्रीडम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू किया गया वह मिशन है जिसके तहत होर्मुज स्ट्रेट में फंसे जहाजों को अमेरिकी सैन्य सुरक्षा में निकाला जा रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने इसे 'प्रोजेक्ट डेडलॉक' बताते हुए कहा कि यह राजनीतिक समाधान की बजाय तनाव बढ़ाने वाला कदम है।
ईरान-अमेरिका सीजफायर की मौजूदा स्थिति क्या है?
राष्ट्रपति ट्रंप ने CNN को दिए बयान में सीजफायर जारी रहने या न रहने पर स्पष्ट जवाब देने से इनकार कर दिया। हालाँकि उन्होंने फॉक्स न्यूज़ को दिए एक अलग इंटरव्यू में कहा कि ईरान के साथ सैन्य युद्ध 'असल में खत्म हो चुका है।'
मेर्सक का जहाज होर्मुज स्ट्रेट में क्यों फंसा था?
डेनमार्क की शिपिंग कंपनी मेर्सक का जहाज 'अलायंस फेयरफैक्स' फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद से फारस की खाड़ी में फंसा था। अमेरिकी सेना ने हाल ही में मेर्सक से संपर्क किया और अपनी सुरक्षा में जहाज को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकाला।
पाकिस्तान की इस संकट में क्या भूमिका है?
अराघची ने अपने बयान में कहा कि 'पाकिस्तान की अच्छी कोशिश से बातचीत आगे बढ़ रही है,' जिससे संकेत मिलता है कि पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। हालाँकि इस मध्यस्थता का आधिकारिक ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है।
ट्रंप ने ईरानी सेना को क्या चेतावनी दी?
फॉक्स न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अगर ईरानी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट या फारस की खाड़ी में अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश की तो वे 'धरती से मिट जाएंगे।' यह बयान उनके उस दावे के साथ आया कि सैन्य युद्ध 'असल में खत्म हो चुका है।'
राष्ट्र प्रेस
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