चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाई को 'अवैध' बताया, ईरान के साथ एकजुटता का ऐलान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाई को 'अवैध' बताया, ईरान के साथ एकजुटता का ऐलान

सारांश

पश्चिम एशिया संकट में चीन ने खुलकर ईरान का पक्ष लिया — वांग यी ने अमेरिका-इजरायल की कार्रवाई को 'अवैध' बताया और व्यापक युद्धविराम की माँग की। इसी बीच ट्रंप ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' पर अस्थायी रोक लगाई, लेकिन ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी जारी है — संकट का कूटनीतिक और सैन्य दोनों मोर्चे एक साथ सक्रिय हैं।

मुख्य बातें

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 6 मई 2026 को बीजिंग में अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाई को "अवैध" करार दिया।
वांग यी ने पश्चिम एशिया को "निर्णायक मोड़" पर बताते हुए तत्काल व्यापक संघर्ष विराम को "अनिवार्य" कहा।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चीन के रुख की सराहना की और तेहरान-बीजिंग सहयोग और मज़बूत करने की बात कही।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने "प्रोजेक्ट फ्रीडम" को अस्थायी रूप से रोका — पाकिस्तान सहित अन्य देशों के अनुरोध और ईरान शांति वार्ता की प्रगति का हवाला दिया।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में फँसे वाणिज्यिक जहाज़ों की सुरक्षा के लिए शुरू किया गया अभियान मंगलवार रात बंद किया गया; ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी जारी।

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने 6 मई 2026 को बीजिंग में ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई को "अवैध" करार दिया और पश्चिम एशिया में तत्काल व्यापक संघर्ष विराम को "अनिवार्य" बताया। यह बयान बीजिंग में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान आया, जो क्षेत्रीय तनाव के बीच कूटनीतिक सक्रियता का स्पष्ट संकेत है।

बैठक में क्या हुआ

चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, वांग यी ने कहा कि पश्चिम एशिया इस समय "निर्णायक मोड़" पर खड़ा है और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए दोनों पक्षों के बीच सीधी बातचीत ही एकमात्र व्यावहारिक समाधान है। उन्होंने तनाव कम करने के प्रयासों के प्रति चीन की प्रतिबद्धता भी दोहराई। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम न्यूज़ के अनुसार यह जानकारी सामने आई।

अराघची ने बैठक में चीन के "दृढ़ रुख" की सराहना की और कहा कि अमेरिका-इजरायल की कार्रवाई की निंदा करने में बीजिंग की भूमिका अहम रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तेहरान और बीजिंग के बीच द्विपक्षीय सहयोग आने वाले दिनों में पहले से अधिक मज़बूत होगा।

ट्रंप का 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' पर फैसला

इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार शाम सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए "प्रोजेक्ट फ्रीडम" को फिलहाल रोकने की घोषणा की। ट्रंप ने कहा कि यह निर्णय पाकिस्तान और अन्य देशों के अनुरोध पर लिया गया है, साथ ही ईरान के साथ संभावित शांति समझौते की दिशा में हो रही प्रगति को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि "प्रोजेक्ट फ्रीडम" को "कुछ समय के लिए रोका जा रहा है, ताकि यह देखा जा सके कि क्या ईरान के साथ अंतिम समझौता पूरा किया जा सकता है।" हालाँकि, अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर लगाया गया दबाव और नाकाबंदी फिलहाल जारी रहेगी।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में समुद्री संकट

यह अभियान सोमवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में फँसे वाणिज्यिक जहाज़ों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए शुरू किया गया था, क्योंकि हालिया तनाव के कारण समुद्री यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इसे मानवता के लिए ज़रूरी करार दिया था, लेकिन मंगलवार रात इसे फिर से बंद कर दिया गया।

व्यापक संदर्भ और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में कूटनीतिक प्रयास एक साथ कई मोर्चों पर तेज़ हो गए हैं। गौरतलब है कि चीन ने पहले भी इस क्षेत्र में मध्यस्थ की भूमिका निभाई है — 2023 में उसने सऊदी अरब और ईरान के बीच राजनयिक संबंधों की बहाली में अहम भूमिका अदा की थी। अब बीजिंग की सक्रियता यह संकेत देती है कि वह इस संकट में भी केंद्रीय कूटनीतिक खिलाड़ी बनना चाहता है। आने वाले दिनों में ईरान-अमेरिका वार्ता की प्रगति और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर स्थिति यह तय करेगी कि क्षेत्रीय तनाव और बढ़ेगा या शांति की दिशा में कोई ठोस कदम उठेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि नाकाबंदी जारी रखते हुए वार्ता की बात अंतर्विरोधी लगती है — यह देखना होगा कि यह कूटनीतिक लचीलापन है या घरेलू दबाव में लिया गया निर्णय।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन ने अमेरिका-इजरायल की कार्रवाई को 'अवैध' क्यों बताया?
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 6 मई 2026 को बीजिंग में ईरानी विदेश मंत्री अराघची के साथ बैठक में यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में क्षेत्रीय स्थिरता के लिए व्यापक युद्धविराम अनिवार्य है और सीधी बातचीत ही समाधान का रास्ता है।
'प्रोजेक्ट फ्रीडम' क्या है और ट्रंप ने इसे क्यों रोका?
'प्रोजेक्ट फ्रीडम' अमेरिका का वह अभियान था जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में फँसे वाणिज्यिक जहाज़ों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए सोमवार को शुरू किया गया था। ट्रंप ने मंगलवार शाम इसे अस्थायी रूप से रोका, यह कहते हुए कि पाकिस्तान सहित अन्य देशों के अनुरोध और ईरान के साथ संभावित शांति समझौते की प्रगति को देखते हुए यह फैसला किया गया।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में क्या स्थिति है?
हालिया तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में समुद्री यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और वाणिज्यिक जहाज़ फँसे हुए हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को मानवता के लिए ज़रूरी बताया था, लेकिन मंगलवार रात इसे बंद कर दिया गया जबकि ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी जारी है।
ईरान और चीन के बीच संबंध कितने मज़बूत हैं?
ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि तेहरान और बीजिंग के बीच सहयोग पहले से अधिक मज़बूत होगा। चीन ने 2023 में सऊदी अरब और ईरान के बीच राजनयिक संबंधों की बहाली में भी अहम भूमिका निभाई थी, जो इस साझेदारी की गहराई को दर्शाता है।
इस संकट का आगे क्या असर हो सकता है?
ईरान-अमेरिका वार्ता की प्रगति और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर स्थिति यह तय करेगी कि क्षेत्रीय तनाव और बढ़ेगा या शांति की दिशा में कोई ठोस कदम उठेगा। चीन की सक्रिय कूटनीतिक भूमिका और ट्रंप के अस्थायी रोक के बीच अगले कुछ दिन निर्णायक माने जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले