ईरान-पाकिस्तान विदेश मंत्रियों की फोन वार्ता: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच क्षेत्रीय शांति पर चर्चा, ईरानी जहाज के 22 क्रू सदस्य पाकिस्तान पहुँचे
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने 4 मई को फोन पर विस्तृत बातचीत की, जिसमें अमेरिका-ईरान के बीच मौजूदा तनाव और क्षेत्र में शांति व स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान की चल रही कूटनीतिक पहलों पर चर्चा हुई। इसी के साथ पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि अमेरिका द्वारा जब्त किए गए ईरानी कंटेनर जहाज 'एमवी तोऊसका' के 22 क्रू सदस्यों को विश्वास बहाली के उपाय के तहत पाकिस्तान लाया गया है।
वार्ता की मुख्य बातें
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि दोनों पक्षों ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और पाकिस्तान की जारी कूटनीतिक कोशिशों पर विचार-विमर्श किया। अराघची ने संबंधित पक्षों के बीच पाकिस्तान की संरचनात्मक भूमिका और ईमानदार मध्यस्थता प्रयासों की सराहना की।
डार ने रचनात्मक संवाद को आगे बढ़ाने के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने जोर देकर कहा कि बातचीत और कूटनीति ही मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान और इस क्षेत्र में स्थायी शांति व स्थिरता हासिल करने का एकमात्र सही रास्ता है।
ईरानी जहाज और क्रू सदस्यों का मामला
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने एक्स पर पुष्टि की कि अमेरिका द्वारा जब्त किए गए ईरानी कंटेनर जहाज 'एमवी तोऊसका' के 22 क्रू सदस्यों को विश्वास बहाली के उपाय के तहत पाकिस्तान लाया गया है और उन्हें ईरान को सौंपा जाएगा।
अंद्राबी ने यह भी बताया कि 'एमवी तोऊसका' जहाज को आवश्यक मरम्मत के बाद पाकिस्तानी जलक्षेत्र से उसके मूल मालिकों को लौटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में ईरान और अमेरिका दोनों तरफ से सहयोग जारी है, जो पाकिस्तान की मध्यस्थता की सफलता को दर्शाता है।
पाकिस्तान की कूटनीतिक भूमिका
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव चरम पर है। पाकिस्तान ने खुद को एक तटस्थ मध्यस्थ के रूप में प्रस्तुत किया है, जो दोनों पक्षों के साथ संपर्क में है। गौरतलब है कि पाकिस्तान की यह कूटनीतिक सक्रियता उस दौर में आई है जब दक्षिण एशिया और पश्चिम एशिया दोनों क्षेत्रों में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है।
अंद्राबी ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए अपनी मध्यस्थता की कोशिशों को जारी रखेगा और बातचीत तथा कूटनीति को सुगम बनाता रहेगा।
आगे क्या होगा
ईरानी जहाज की मरम्मत के बाद उसे वापस करने की प्रक्रिया और क्रू सदस्यों की वापसी पाकिस्तान की मध्यस्थता भूमिका की तत्काल परीक्षा होगी। विश्लेषकों के अनुसार, यदि यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी होती है, तो पाकिस्तान अमेरिका-ईरान के बीच व्यापक वार्ता में भी अहम भूमिका निभाने की स्थिति में होगा।