ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने पाकिस्तान से बात की, अमेरिका के साथ बातचीत पर सफाई दी
सारांश
Key Takeaways
- ईरान की विदेश नीति अमेरिका की मांगों पर निर्भर करती है।
- इशाक डार ने बातचीत के माध्यम से मसलों को सुलझाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
- पाकिस्तान की मध्यस्थता को ईरान ने समर्थन दिया है।
- इजरायल ने पाकिस्तान पर भरोसा न करने की बात की है।
- बातचीत से क्षेत्रीय स्थिरता में सुधार की संभावना है।
इस्लामाबाद, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को उन खबरों का खंडन किया कि ईरान, अमेरिका के साथ भविष्य की बातचीत के लिए इस्लामाबाद जाने के लिए अनिच्छुक है। उन्होंने इस बात पर महत्व दिया कि तेहरान का रुख किसी भी बातचीत की शर्तों पर निर्भर करता है। इसके साथ ही ईरानी विदेश मंत्री ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार से शनिवार की रात फोन पर बातचीत की।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, "डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री सीनेटर मोहम्मद इशाक डार ने आज रात विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बात की। उन्होंने क्षेत्रीय स्थिति पर अपने विचार साझा किए।"
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने बताया कि इशाक डार ने तनाव घटाने की कोशिशों के लिए पाकिस्तान का समर्थन दोहराया और बातचीत एवं कूटनीति के जरिए मुद्दों को सुलझाने की आवश्यकता पर जोर दिया। दोनों ने मौजूदा घटनाक्रम को देखते हुए करीबी संपर्क बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की।
इसी बातचीत से पहले ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने एक पोस्ट में कहा, "अमेरिकी मीडिया ईरान की स्थिति को गलत तरीके से पेश कर रहा है। हम पाकिस्तान की कोशिशों के लिए आभारी हैं और हमने कभी भी इस्लामाबाद जाने से मना नहीं किया है।"
यह ध्यान देने योग्य है कि हालाँकि ईरानी विदेश मंत्री की ओर से सफाई दी गई है, लेकिन पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की 3 अप्रैल 2026 की रिपोर्ट में सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि अमेरिका बातचीत के लिए तैयार था, लेकिन ईरान ने अंतिम क्षण में इस्लामाबाद जाने से मना कर दिया। इसके अलावा, द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने भी इसी तरह की जानकारी साझा की थी।
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि ईरान ने इस्लामाबाद में बातचीत में भाग लेने से मना कर दिया है, यह कहते हुए कि उसे अमेरिका की मांगों पर आपत्ति है और पाकिस्तान की कोशिशें निराशाजनक साबित हुई हैं। ईरानी विदेश मंत्री ने इसी के बाद यह पोस्ट किया।
अराघची के इस पोस्ट पर इशाक डार ने जवाब देते हुए लिखा, "मेरे प्यारे भाई सैयद अब्बास अराघची, आपकी सफाई के लिए धन्यवाद।"
हालांकि ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों को समर्थन दिया है, लेकिन इजरायल ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करता।
राष्ट्र प्रेस के साथ खास बातचीत में भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने जोर दिया कि इजरायल का दृष्टिकोण उसके अपने आकलन और प्रमुख सहयोगियों के आकलन द्वारा निर्देशित होता है। पाकिस्तान की मध्यस्थता पर उन्होंने कहा, "हम ऐसे देश पर भरोसा नहीं करेंगे जिसके साथ हमारे राजनयिक संबंध नहीं हैं। हम अपने विवेक पर और संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के विवेक पर भरोसा करते हैं।"