ईरानी विदेश मंत्री अराघची आज रात इस्लामाबाद पहुंचेंगे, इशाक डार और असीम मुनीर से हुई अहम बातचीत

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ईरानी विदेश मंत्री अराघची आज रात इस्लामाबाद पहुंचेंगे, इशाक डार और असीम मुनीर से हुई अहम बातचीत

सारांश

ईरानी विदेश मंत्री अराघची शुक्रवार रात डेलिगेशन के साथ इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं। इशाक डार और असीम मुनीर से फोन पर बातचीत हो चुकी है। अमेरिकी सुरक्षा टीम पहले से इस्लामाबाद में मौजूद है। पाकिस्तान अमेरिका-ईरान वार्ता के दूसरे दौर की मेजबानी की तैयारी में जुटा है।

Key Takeaways

  • ईरानी विदेश मंत्री अराघची अपने डेलिगेशन के साथ शुक्रवार देर रात इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं।
  • इशाक डार और असीम मुनीर ने अराघची के साथ फोन पर क्षेत्रीय शांति और सीजफायर पर बातचीत की।
  • अमेरिका की लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा टीम पहले से ही इस्लामाबाद में मौजूद है।
  • होर्मुज स्ट्रेट विवाद और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी प्रतिबंध के कारण वार्ता के दूसरे दौर में देरी हुई।
  • गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने अमेरिकी चार्ज डी'अफेयर्स नताली बेकर के साथ गुरुवार को आपात बैठक की।
  • पाकिस्तान अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभाकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

इस्लामाबाद, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची अपने डेलिगेशन के साथ शुक्रवार देर रात पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं। इससे पहले उन्होंने पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार और फील्ड मार्शल असीम मुनीर के साथ टेलीफोन पर महत्वपूर्ण बातचीत की। यह दौरा अमेरिका-ईरान परमाणु सीजफायर वार्ता के दूसरे दौर को इस्लामाबाद में आयोजित कराने की पाकिस्तानी कूटनीतिक पहल का हिस्सा है।

मुख्य घटनाक्रम: फोन कॉल से दौरे तक की कहानी

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि इशाक डार और अराघची के बीच हुई फोन वार्ता में क्षेत्रीय विकास, सीजफायर की स्थिति और अमेरिका-ईरान बातचीत के संदर्भ में इस्लामाबाद की कूटनीतिक भूमिका पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

मंत्रालय के अनुसार, डार ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को प्राथमिकता देते हुए सभी लंबित मुद्दों के समाधान के लिए निरंतर संवाद और कूटनीतिक जुड़ाव की अहमियत पर विशेष जोर दिया। वहीं, अराघची ने इस प्रक्रिया में पाकिस्तान की सक्रिय और रचनात्मक मध्यस्थ भूमिका की सराहना की।

ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने भी पुष्टि की कि अधिकारियों के बीच क्षेत्रीय विकास और सीजफायर से जुड़े विषयों पर गहन चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, अराघची ने इराक के सेमी-ऑटोनॉमस कुर्दिश क्षेत्र के राष्ट्रपति निचेरवन बरजानी के साथ भी एक अलग फोन कॉल में क्षेत्रीय हालात पर बात की।

अमेरिकी टीम पहले से मौजूद, दूसरे दौर की वार्ता की तैयारी

पाकिस्तानी अखबार डॉन ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अमेरिका की लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा टीम पहले से ही इस्लामाबाद में मौजूद है। यह तथ्य इस बात का संकेत है कि अमेरिका-ईरान वार्ता का दूसरा दौर पाकिस्तान की धरती पर जल्द आयोजित हो सकता है।

गौरतलब है कि गुरुवार को पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने इस्लामाबाद में अमेरिकी चार्ज डी'अफेयर्स नताली बेकर के साथ एक आपात बैठक की। इस बैठक में इस्लामाबाद में प्रस्तावित अमेरिका-ईरान वार्ता के दूसरे राउंड की तैयारियों और कूटनीतिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

देरी की वजह: होर्मुज स्ट्रेट और बंदरगाह विवाद

पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान को वार्ता की मेज पर वापस लाने के लिए अपनी कूटनीतिक सक्रियता में उल्लेखनीय वृद्धि की है। हालांकि, दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के कारण इस प्रक्रिया में देरी हुई।

विशेष रूप से ईरान के होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की धमकी और अमेरिका की ओर से ईरानी बंदरगाहों पर प्रतिबंध लगाने के फैसले ने दूसरे दौर की वार्ता को और जटिल बना दिया। ये दोनों घटनाएं वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार मार्गों के लिए अत्यंत संवेदनशील मानी जाती हैं।

पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका का रणनीतिक महत्व

यह ध्यान देने योग्य है कि पाकिस्तान एक ऐसे नाजुक दौर में यह भूमिका निभा रहा है जब वह खुद आर्थिक दबाव और आईएमएफ की शर्तों से जूझ रहा है। ऐसे में अमेरिका और ईरान जैसी दो वैश्विक शक्तियों के बीच मध्यस्थता की भूमिका पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक नई साख दिला सकती है।

विश्लेषकों का मानना है कि अगर इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता का दूसरा दौर सफल रहा, तो यह पाकिस्तान की विदेश नीति के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी और क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकता है।

आने वाले घंटों में अराघची के इस्लामाबाद दौरे और वहां होने वाली बैठकों के नतीजे यह तय करेंगे कि अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता का अगला चरण कब और कहां होगा।

Point of View

बल्कि एक सुविचारित रणनीतिक दांव है — ऐसे समय में जब इस्लामाबाद खुद आर्थिक संकट और अंतरराष्ट्रीय अलगाव से जूझ रहा है। विडंबना यह है कि जो देश अपने घरेलू मोर्चे पर आईएमएफ की शर्तें मान रहा है, वह वैश्विक परमाणु कूटनीति में अहम खिलाड़ी बनने की कोशिश कर रहा है। यह भूमिका अगर सफल रही तो पाकिस्तान को अमेरिका और ईरान दोनों से कूटनीतिक लाभ मिल सकता है, लेकिन विफलता की स्थिति में यह दांव उल्टा भी पड़ सकता है। मुख्यधारा की मीडिया इस खबर को महज एक बैठक की रिपोर्ट की तरह कवर कर रही है, जबकि असली सवाल यह है कि पाकिस्तान इस मध्यस्थता के बदले क्या चाहता है।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

ईरानी विदेश मंत्री अराघची पाकिस्तान क्यों आ रहे हैं?
अराघची अमेरिका-ईरान सीजफायर वार्ता के दूसरे दौर को लेकर पाकिस्तान की कूटनीतिक पहल के तहत इस्लामाबाद आ रहे हैं। पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
इशाक डार और अराघची के बीच किस मुद्दे पर बातचीत हुई?
इशाक डार और अराघची ने क्षेत्रीय विकास, सीजफायर की स्थिति और अमेरिका-ईरान वार्ता में पाकिस्तान की कूटनीतिक भूमिका पर फोन पर विस्तृत चर्चा की। दोनों नेता निकट संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए।
अमेरिका-ईरान वार्ता के दूसरे दौर में देरी क्यों हुई?
ईरान की होर्मुज स्ट्रेट बंद करने की धमकी और अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर प्रतिबंध लगाने के कारण दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा, जिससे वार्ता के दूसरे दौर में देरी हुई।
पाकिस्तान में अमेरिकी टीम की मौजूदगी का क्या मतलब है?
अमेरिका की लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा टीम का पहले से इस्लामाबाद में होना यह संकेत देता है कि अमेरिका-ईरान वार्ता का दूसरा दौर पाकिस्तान में जल्द आयोजित हो सकता है। यह कूटनीतिक तैयारियों का हिस्सा है।
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने किससे मुलाकात की?
मोहसिन नकवी ने गुरुवार को इस्लामाबाद में अमेरिकी चार्ज डी'अफेयर्स नताली बेकर से मुलाकात की। इस बैठक में अमेरिका-ईरान वार्ता के दूसरे दौर की तैयारियों पर चर्चा हुई।
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