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प्रोस्टेट कैंसर को मात दे चुके हैं इजरायली PM नेतन्याहू, ईरान तनाव के बीच बड़ा खुलासा

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प्रोस्टेट कैंसर को मात दे चुके हैं इजरायली PM नेतन्याहू, ईरान तनाव के बीच बड़ा खुलासा

सारांश

इजरायली PM नेतन्याहू ने खुलासा किया कि दिसंबर 2024 में उन्हें प्रोस्टेट कैंसर का पता चला था। टारगेटेड इलाज से ट्यूमर पूरी तरह खत्म हो गया। ईरान तनाव के बीच उन्होंने जानबूझकर यह जानकारी दो महीने रोकी थी।

मुख्य बातें

दिसंबर 2024 में एक रूटीन चेकअप के दौरान PM नेतन्याहू के प्रोस्टेट में मैलिग्नेंट ट्यूमर पाया गया था।
ट्यूमर एक सेंटीमीटर से भी छोटा था और बिल्कुल शुरुआती अवस्था में था — किसी अन्य अंग तक नहीं फैला था।
नेतन्याहू ने टारगेटेड ट्रीटमेंट का विकल्प चुना और इलाज के बाद ट्यूमर का कोई निशान नहीं बचा।
उन्होंने अपनी वार्षिक मेडिकल रिपोर्ट को दो महीने इसलिए रोका ताकि ईरान को प्रोपेगेंडा का मौका न मिले।
येरुशलम के हदास हॉस्पिटल की मेडिकल टीम ने उनका सफल इलाज किया।
नेतन्याहू ने इजरायली नागरिकों से अपील की कि वे नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं और डॉक्टरों की सलाह मानें।

तेल अवीव, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के साथ चल रहे गंभीर तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी सेहत से जुड़ा एक बड़ा राज़ सार्वजनिक किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर जानकारी दी कि वे मैलिग्नेंट प्रोस्टेट ट्यूमर से पीड़ित थे, लेकिन अब वे पूरी तरह ठीक हो चुके हैं।

कैसे हुआ कैंसर का पता?

द टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार, पीएम नेतन्याहू ने पहले बिनाइन प्रोस्टेट एनलार्जमेंट की सर्जरी करवाई थी। इसके बाद एक नियमित मेडिकल जांच के दौरान दिसंबर 2024 में उनके प्रोस्टेट में एक सेंटीमीटर से भी छोटा एक संदिग्ध धब्बा पाया गया। जांच में यह मैलिग्नेंट ट्यूमर की अत्यंत प्रारंभिक अवस्था निकला, जो किसी अन्य अंग तक नहीं फैला था।

नेतन्याहू ने क्या कहा?

नेतन्याहू ने एक्स पर लिखा, "आज मेरी वार्षिक मेडिकल रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। मैंने इसके प्रकाशन में दो महीने की देरी का अनुरोध किया था ताकि यह युद्ध के दौरान जारी न हो और ईरानी आतंकी सरकार को इजरायल के खिलाफ झूठा प्रोपेगेंडा फैलाने का अवसर न मिले।"

उन्होंने आगे लिखा कि डेढ़ साल पहले बढ़े हुए बिनाइन प्रोस्टेट की सफल सर्जरी हुई थी और तब से वे नियमित मेडिकल निगरानी में हैं। पिछली जांच में प्रोस्टेट में एक छोटा धब्बा मिला, जिसे बाद में प्रारंभिक चरण का मैलिग्नेंट ट्यूमर पाया गया।

इलाज और ठीक होने की प्रक्रिया

नेतन्याहू ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें दो विकल्प दिए थे — पहला, केवल निगरानी में रहना क्योंकि यह बीमारी उनकी उम्र के पुरुषों में सामान्य है; दूसरा, टारगेटेड ट्रीटमेंट करवाकर समस्या की जड़ खत्म करना। उन्होंने दूसरा विकल्प चुना।

उन्होंने कहा, "मैंने टारगेटेड इलाज करवाया, जिससे समस्या पूरी तरह दूर हो गई और उसका कोई निशान नहीं बचा। मैंने कुछ छोटे उपचार करवाए, एक किताब पढ़ी और काम करता रहा। वह दाग पूरी तरह गायब हो गया। ईश्वर का शुक्र है, मैं इससे भी उबर गया।"

येरुशलम के डॉक्टरों का आभार

नेतन्याहू ने येरुशलम के हदास हॉस्पिटल की मेडिकल टीम को विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने इजरायल के नागरिकों से अपील की कि वे अपनी सेहत का ध्यान रखें, नियमित जांच करवाएं और डॉक्टरों की सलाह का पालन करें।

रणनीतिक संदर्भ और गहरा विश्लेषण

यह खुलासा ऐसे समय में आया है जब इजरायल और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर है। नेतन्याहू का यह स्वीकारना कि उन्होंने जानबूझकर रिपोर्ट दो महीने रोकी, यह दर्शाता है कि वे किस हद तक सूचना प्रबंधन को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हैं। गौरतलब है कि 2023 में नेतन्याहू को हृदय संबंधी समस्या के चलते पेसमेकर लगाया गया था — यानी यह उनकी स्वास्थ्य से जुड़ी दूसरी बड़ी चुनौती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी देश के सर्वोच्च नेता की स्वास्थ्य स्थिति को सार्वजनिक करना या छुपाना — दोनों ही राजनीतिक निहितार्थ रखते हैं। नेतन्याहू का यह खुलासा उनकी "मैं हर चुनौती को हराता हूं" वाली छवि को और मजबूत करता है, जो घरेलू राजनीति में उन्हें लाभ दे सकता है।

आने वाले हफ्तों में नेतन्याहू की सेहत और उनके नेतृत्व पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी रहेगी, खासकर जब गाजा युद्धविराम वार्ता और ईरान परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत एक साथ चल रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह सूचना युद्ध की रणनीति है, पारदर्शिता नहीं। दूसरी तरफ, यह खुलासा उनकी 'अजेय नेता' वाली छवि को घरेलू राजनीति में और चमकाता है — जब वे न्यायिक दबाव और युद्ध दोनों से एक साथ जूझ रहे हैं। मुख्यधारा की मीडिया इसे सहानुभूति की खबर बना रही है, लेकिन असली सवाल यह है कि एक लोकतांत्रिक देश के नागरिकों को अपने नेता की स्वास्थ्य स्थिति जानने का अधिकार है या नहीं?
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इजरायली PM नेतन्याहू को कौन सा कैंसर था?
नेतन्याहू को प्रोस्टेट का मैलिग्नेंट ट्यूमर था, जो दिसंबर 2024 में एक रूटीन चेकअप के दौरान पकड़ा गया। यह बीमारी एकदम शुरुआती स्टेज में थी और किसी अन्य अंग तक नहीं फैली थी।
नेतन्याहू का कैंसर का इलाज कैसे हुआ?
उन्होंने टारगेटेड ट्रीटमेंट करवाया जिससे ट्यूमर का कोई निशान नहीं बचा। येरुशलम के हदास हॉस्पिटल की मेडिकल टीम ने उनका उपचार किया।
नेतन्याहू ने अपनी बीमारी की जानकारी क्यों छुपाई?
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट को दो महीने इसलिए रोका गया ताकि युद्ध के दौरान ईरान को इजरायल के खिलाफ झूठा प्रोपेगेंडा फैलाने का मौका न मिले। यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से लिया गया।
क्या नेतन्याहू पूरी तरह ठीक हो गए हैं?
हां, नेतन्याहू ने खुद पुष्टि की कि इलाज के बाद ट्यूमर का कोई निशान नहीं रहा। उन्होंने कहा 'भगवान का शुक्र है, मैं इससे भी उबर गया।'
प्रोस्टेट कैंसर क्या होता है और क्या यह आम है?
प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में पाई जाने वाली एक सामान्य बीमारी है, खासकर अधिक उम्र में। नेतन्याहू के डॉक्टरों ने भी बताया कि उनकी उम्र के पुरुषों में यह काफी आम है और शुरुआती चरण में इसका इलाज संभव है।
राष्ट्र प्रेस
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