होर्मुज स्ट्रेट में बड़ा खतरा: ईरानी हरकतों पर हेगसेथ की कड़ी चेतावनी
सारांश
Key Takeaways
- अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने २५ अप्रैल को पेंटागन ब्रीफिंग में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पहले से अधिक खतरनाक हो गया है।
- ईरान तेज रफ्तार छोटी नावों से व्यापारी जहाजों को धमका रहा है और समुद्री माइन्स बिछाने की आशंका है।
- हेगसेथ ने चेतावनी दी कि माइन्स बिछाने पर अमेरिका बिना हिचक उन्हें नष्ट करेगा।
- जनरल डैन केन ने बताया कि ईरान अब तक पाँच व्यापारी जहाजों पर हमला कर चुका है और दो को जब्त किया है।
- अमेरिकी नौसेना ने ईरान से जुड़े बंदरगाहों वाले जहाजों पर सख्त रोक लगाई है, बाकी को नियंत्रित हालात में जाने दिया जा रहा है।
- होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग २०%25 हिस्सा गुजरता है, जिससे भारत सहित कई देश सीधे प्रभावित हो सकते हैं।
वॉशिंगटन, 25 अप्रैल। होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की आक्रामक गतिविधियों के चलते समुद्री सुरक्षा को लेकर अमेरिका ने शुक्रवार को गंभीर चेतावनी जारी की। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पेंटागन में एक प्रेस ब्रीफिंग में स्पष्ट किया कि इस अहम जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही तो जारी है, लेकिन हालात पहले से कहीं अधिक खतरनाक हो चुके हैं।
होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ता संकट
हेगसेथ ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से यातायात हो रहा है, लेकिन यह उस स्तर पर नहीं है जितना होना चाहिए और इसमें पहले की तुलना में जोखिम काफी बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि ईरान तेज रफ्तार वाली छोटी नावों का उपयोग करके व्यापारिक जहाजों को सीधे धमकी दे रहा है।
यह वही जलमार्ग है जिससे दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग २०%25 हिस्सा गुजरता है। इस रास्ते के बाधित होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कच्चे तेल की कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है।
माइन्स बिछाने पर अमेरिका की कड़ी चेतावनी
हेगसेथ ने साफ शब्दों में कहा कि अगर ईरान समुद्र में नौसैनिक बारूदी सुरंगें (माइन्स) बिछाता है, तो अमेरिका बिना किसी हिचकिचाहट के उन्हें नष्ट कर देगा। यह बयान अमेरिकी सैन्य नीति में एक स्पष्ट और कड़े रुख को दर्शाता है।
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने यह भी बताया कि इन खतरों पर लगातार नजर रखी जा रही है और उन्हें निष्क्रिय करने की तैयारियां जारी हैं। हालांकि, किसी माइन को हटाने में लगने वाले समय का खुलासा नहीं किया गया।
ईरान का आक्रामक इतिहास और वर्तमान स्थिति
ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने याद दिलाया कि ईरान इस क्षेत्र में पहले भी व्यापारी जहाजों पर हमला कर चुका है। उनके अनुसार ईरान ने पाँच व्यापारी जहाजों पर हमला किया है और उनमें से दो को जब्त भी कर लिया था।
गौरतलब है कि २०१९ से २०२३ के बीच ईरान ने होर्मुज क्षेत्र में कई बार अंतरराष्ट्रीय जहाजों को रोका और जब्त किया था। यह पैटर्न दर्शाता है कि ईरान इस जलमार्ग को अपनी कूटनीतिक और सैन्य दबाव की रणनीति के रूप में उपयोग करता आया है।
अमेरिकी नौसेना की सख्त निगरानी और नाकाबंदी
पेंटागन ने बताया कि अमेरिकी नौसेना ने ईरान से जुड़े बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों पर कड़ी रोक लगा रखी है। बाकी जहाजों को नियंत्रित और सुरक्षित परिस्थितियों में गुजरने की अनुमति दी जा रही है।
हेगसेथ ने यह भी कहा कि इस सख्त कार्रवाई से आगे के हमलों की कोशिशें रुकी हैं और दुनिया को एक स्पष्ट संदेश गया है कि यह कोई दिखावटी नाकाबंदी नहीं है।
वैश्विक व्यापार और भारत पर संभावित असर
होर्मुज स्ट्रेट की अस्थिरता का सीधा असर भारत पर भी पड़ सकता है, क्योंकि भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। इस रास्ते पर किसी भी बाधा से भारत में ईंधन कीमतें और आयात लागत बढ़ सकती है।
आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान के बीच चल रही परमाणु वार्ता के नतीजे इस तनाव की दिशा तय करेंगे। अगर वार्ता विफल होती है, तो होर्मुज स्ट्रेट पर सैन्य टकराव की आशंका और बढ़ सकती है।