16 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

होर्मुज स्ट्रेट में बड़ा खतरा: ईरानी हरकतों पर हेगसेथ की कड़ी चेतावनी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
होर्मुज स्ट्रेट में बड़ा खतरा: ईरानी हरकतों पर हेगसेथ की कड़ी चेतावनी

सारांश

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पेंटागन में चेतावनी दी कि ईरानी गतिविधियों के चलते होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर खतरा बढ़ा है। माइन्स बिछाने पर तत्काल कार्रवाई की धमकी दी गई। ईरान पहले भी पाँच जहाजों पर हमला कर चुका है।

मुख्य बातें

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने २५ अप्रैल को पेंटागन ब्रीफिंग में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पहले से अधिक खतरनाक हो गया है।
ईरान तेज रफ्तार छोटी नावों से व्यापारी जहाजों को धमका रहा है और समुद्री माइन्स बिछाने की आशंका है।
हेगसेथ ने चेतावनी दी कि माइन्स बिछाने पर अमेरिका बिना हिचक उन्हें नष्ट करेगा।
जनरल डैन केन ने बताया कि ईरान अब तक पाँच व्यापारी जहाजों पर हमला कर चुका है और दो को जब्त किया है।
अमेरिकी नौसेना ने ईरान से जुड़े बंदरगाहों वाले जहाजों पर सख्त रोक लगाई है, बाकी को नियंत्रित हालात में जाने दिया जा रहा है।
होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग २०% हिस्सा गुजरता है, जिससे भारत सहित कई देश सीधे प्रभावित हो सकते हैं।

वॉशिंगटन, 25 अप्रैल। होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की आक्रामक गतिविधियों के चलते समुद्री सुरक्षा को लेकर अमेरिका ने शुक्रवार को गंभीर चेतावनी जारी की। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पेंटागन में एक प्रेस ब्रीफिंग में स्पष्ट किया कि इस अहम जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही तो जारी है, लेकिन हालात पहले से कहीं अधिक खतरनाक हो चुके हैं।

होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ता संकट

हेगसेथ ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से यातायात हो रहा है, लेकिन यह उस स्तर पर नहीं है जितना होना चाहिए और इसमें पहले की तुलना में जोखिम काफी बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि ईरान तेज रफ्तार वाली छोटी नावों का उपयोग करके व्यापारिक जहाजों को सीधे धमकी दे रहा है।

यह वही जलमार्ग है जिससे दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग २०% हिस्सा गुजरता है। इस रास्ते के बाधित होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कच्चे तेल की कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है।

माइन्स बिछाने पर अमेरिका की कड़ी चेतावनी

हेगसेथ ने साफ शब्दों में कहा कि अगर ईरान समुद्र में नौसैनिक बारूदी सुरंगें (माइन्स) बिछाता है, तो अमेरिका बिना किसी हिचकिचाहट के उन्हें नष्ट कर देगा। यह बयान अमेरिकी सैन्य नीति में एक स्पष्ट और कड़े रुख को दर्शाता है।

अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने यह भी बताया कि इन खतरों पर लगातार नजर रखी जा रही है और उन्हें निष्क्रिय करने की तैयारियां जारी हैं। हालांकि, किसी माइन को हटाने में लगने वाले समय का खुलासा नहीं किया गया।

ईरान का आक्रामक इतिहास और वर्तमान स्थिति

ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने याद दिलाया कि ईरान इस क्षेत्र में पहले भी व्यापारी जहाजों पर हमला कर चुका है। उनके अनुसार ईरान ने पाँच व्यापारी जहाजों पर हमला किया है और उनमें से दो को जब्त भी कर लिया था।

गौरतलब है कि २०१९ से २०२३ के बीच ईरान ने होर्मुज क्षेत्र में कई बार अंतरराष्ट्रीय जहाजों को रोका और जब्त किया था। यह पैटर्न दर्शाता है कि ईरान इस जलमार्ग को अपनी कूटनीतिक और सैन्य दबाव की रणनीति के रूप में उपयोग करता आया है।

अमेरिकी नौसेना की सख्त निगरानी और नाकाबंदी

पेंटागन ने बताया कि अमेरिकी नौसेना ने ईरान से जुड़े बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों पर कड़ी रोक लगा रखी है। बाकी जहाजों को नियंत्रित और सुरक्षित परिस्थितियों में गुजरने की अनुमति दी जा रही है।

हेगसेथ ने यह भी कहा कि इस सख्त कार्रवाई से आगे के हमलों की कोशिशें रुकी हैं और दुनिया को एक स्पष्ट संदेश गया है कि यह कोई दिखावटी नाकाबंदी नहीं है।

वैश्विक व्यापार और भारत पर संभावित असर

होर्मुज स्ट्रेट की अस्थिरता का सीधा असर भारत पर भी पड़ सकता है, क्योंकि भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। इस रास्ते पर किसी भी बाधा से भारत में ईंधन कीमतें और आयात लागत बढ़ सकती है।

आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान के बीच चल रही परमाणु वार्ता के नतीजे इस तनाव की दिशा तय करेंगे। अगर वार्ता विफल होती है, तो होर्मुज स्ट्रेट पर सैन्य टकराव की आशंका और बढ़ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए सीधी चुनौती है। ईरान का यह आचरण कोई नई बात नहीं — वह दशकों से इस जलमार्ग को कूटनीतिक दबाव के हथियार के रूप में इस्तेमाल करता आया है। विडंबना यह है कि जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता चल रही है, उसी दौरान समुद्री उकसावे जारी हैं — यह दोहरी रणनीति ईरान की असली मंशा को उजागर करती है। भारत जैसे देशों को इस घटनाक्रम को सिर्फ दूर की खबर नहीं, बल्कि अपनी ऊर्जा सुरक्षा नीति के लिए एक गंभीर संकेत मानना चाहिए।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का खतरा क्यों बढ़ा है?
ईरान तेज रफ्तार छोटी नावों से व्यापारिक जहाजों को धमका रहा है और समुद्री माइन्स बिछाने की आशंका है। अमेरिकी रक्षा सचिव हेगसेथ ने पेंटागन ब्रीफिंग में इसे पहले से अधिक खतरनाक बताया।
पीट हेगसेथ ने ईरान को क्या चेतावनी दी?
हेगसेथ ने कहा कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट में नौसैनिक माइन्स बिछाता है तो अमेरिका बिना किसी हिचकिचाहट उन्हें नष्ट कर देगा। यह अमेरिका की ओर से दी गई सबसे कड़ी सैन्य चेतावनियों में से एक है।
होर्मुज स्ट्रेट का महत्व क्या है?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग है जिससे वैश्विक कच्चे तेल व्यापार का लगभग २०% हिस्सा गुजरता है। इसके बाधित होने से वैश्विक ऊर्जा कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं।
ईरान ने पहले कितने जहाजों पर हमला किया है?
जनरल डैन केन के अनुसार ईरान पाँच व्यापारी जहाजों पर हमला कर चुका है और उनमें से दो को जब्त भी किया है। यह इतिहास बताता है कि ईरान इस क्षेत्र में आक्रामक रवैया अपनाता रहा है।
होर्मुज स्ट्रेट तनाव का भारत पर क्या असर पड़ सकता है?
भारत अपनी कच्चे तेल की बड़ी जरूरत खाड़ी देशों से पूरी करता है जो इसी रास्ते से आती है। इस मार्ग पर किसी भी बाधा से भारत में ईंधन की कीमतें और आयात लागत बढ़ सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले