अराघची ने अमेरिकी खुफिया जानकारी को बताया फर्जी, होर्मुज स्ट्रेट पर ट्रंप के दावे को नकारा
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने 13 अगस्त को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए अमेरिकी प्रशासन की खुफिया क्षमताओं पर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि गलत खुफिया जानकारी के कारण ही ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू हुआ। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका के 'पूर्ण नियंत्रण' का दावा किया है।
अराघची का एक्स पर सीधा हमला
अराघची ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'अमेरिका लंबे समय से खुफिया जानकारी से जुड़ी गलतियों के कारण गलत आकलन करता रहा है। इसका एक उदाहरण ईरान के खिलाफ युद्ध है। अब होर्मुज स्ट्रेट को लेकर उससे भी बड़ी गलत गणना की जा रही है।' उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा, 'फर्जी खबरों से भी ज्यादा खतरनाक चीज फर्जी खुफिया जानकारी होती है। सावधान रहें।'
अराघची का यह बयान सीधे तौर पर अमेरिकी दावों को चुनौती देता है कि होर्मुज स्ट्रेट पर वाशिंगटन का नियंत्रण है। ईरान इस दावे को बार-बार खारिज करता रहा है।
ट्रंप का 'स्टील की दीवार' वाला दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में कहा, 'होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का पूरा कंट्रोल है। मुझे लगता है कि हम इसे बनाए रखेंगे।' ट्रंप ने नौसैनिक घेराबंदी का जिक्र करते हुए दावा किया, 'हर कोई हमारी नौसैनिक घेराबंदी को स्टील की दीवार कह रहा है और ईरान इसके बारे में कुछ नहीं कर सकता।'
ट्रंप के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर अमेरिकी नौसेना का पूर्ण नियंत्रण है और ईरान जाने वाले जहाजों को अनुमति नहीं दी जा रही। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को और बड़े स्तर तक बढ़ाने की संभावना अभी भी मौजूद है।
होर्मुज स्ट्रेट का रणनीतिक महत्व
होर्मुज स्ट्रेट विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहाँ से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल और प्राकृतिक गैस का परिवहन होता है। यह जलमार्ग ओमान की खाड़ी और फारस की खाड़ी को जोड़ता है। ईरान और अमेरिका दोनों इस जलमार्ग पर अपने-अपने दावे करते आए हैं, और यह विवाद दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव की केंद्रीय धुरी बन चुका है।
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है और होर्मुज स्ट्रेट इस भू-राजनीतिक टकराव का प्रमुख केंद्र बन गया है।
ईरान की स्थिति और आगे की राह
अराघची का यह बयान ईरान की उस नीति का हिस्सा है जिसमें वह अमेरिकी सैन्य और खुफिया दावों को कूटनीतिक मंचों पर चुनौती देता है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर किसी भी विदेशी नियंत्रण को स्वीकार करने से इनकार किया है। दोनों पक्षों के बीच यह वाकयुद्ध ऐसे समय में तेज हुआ है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस क्षेत्र में स्थिरता के लिए कूटनीतिक हल की उम्मीद लगाए बैठा है।