ब्रिक्स बैठक में अराघची का बड़ा बयान: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की बाधा के लिए अमेरिकी प्रतिबंध जिम्मेदार

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ब्रिक्स बैठक में अराघची का बड़ा बयान: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की बाधा के लिए अमेरिकी प्रतिबंध जिम्मेदार

सारांश

नई दिल्ली में ब्रिक्स बैठक के मंच से ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने होर्मुज की बाधा का ठीकरा अमेरिकी प्रतिबंधों पर फोड़ा — और यह बयान उस दिन आया जब गुजरात का जहाज 'हाजी अली' उसी जलडमरूमध्य में हमले का शिकार होकर डूब गया। 14 भारतीय नाविक बचाए गए।

मुख्य बातें

ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने 14 मई 2025 को नई दिल्ली में ब्रिक्स बैठक के दौरान कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की मौजूदा बाधाएँ अमेरिकी प्रतिबंधों की देन हैं।
13 मई 2025 की सुबह 3:30 बजे गुजरात के द्वारका निवासी सुलतान अहमद अंसार का जहाज एमएसवी हाजी अली ओमान के तट के पास हमले का शिकार होकर डूब गया।
जहाज से कथित तौर पर ड्रोन या मिसाइल टकराई; ओमान कोस्टगार्ड ने सभी 14 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचाया।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारतीय जहाज पर हमले की कड़ी निंदा की और इसे किसी भी हालत में अस्वीकार्य बताया।
अराघची ने ब्रिक्स बैठक से पहले PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और लावरोव , माउरो विएरा व मोहम्मद हसन से द्विपक्षीय वार्ता की।

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने 14 मई 2025 को नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान मीडिया से स्पष्ट कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में मौजूदा व्यवधानों की जड़ में अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह जलमार्ग उन सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए पूरी तरह खुला है, जो ईरानी नौसेना के साथ सहयोग करते हैं।

अराघची का स्पष्ट रुख

ईरान इस्लामिक रिपब्लिक के आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट पर साझा जानकारी के अनुसार, अराघची ने बैठक के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए कहा — 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज उन सभी कमर्शियल जहाजों के लिए खुला है, जो ईरानी नौसेना के साथ सहयोग करते हैं। मौजूदा रुकावटें अमेरिका की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों के कारण पैदा हुई हैं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव अपने चरम पर है।

गुजरात के जहाज पर हमला — मुख्य घटनाक्रम

अराघची के इस बयान से ठीक एक दिन पहले, 13 मई 2025 की सुबह करीब 3:30 बजे, ओमान के समुद्री तट के निकट एमएसवी हाजी अली नामक भारतीय झंडे वाला मालवाहक जहाज हमले का शिकार हुआ। यह जहाज गुजरात के द्वारका निवासी और जहाज मालिक सुलतान अहमद अंसार का था और बेरबेरा पोर्ट से शारजाह की ओर जा रहा था।

चालक दल के अनुसार, जहाज से किसी विस्फोटक — कथित तौर पर ड्रोन या मिसाइल — के टकराने की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद जहाज में भीषण आग लग गई। हालात बिगड़ते देख सभी 14 क्रू मेंबर्स ने लाइफबोट के सहारे जहाज छोड़ा। ओमान कोस्टगार्ड ने तत्परता दिखाते हुए सभी 14 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया।

भारत सरकार की प्रतिक्रिया

विदेश मंत्रालय (MEA) ने आधिकारिक बयान में कहा कि 13 मई को ओमान के तट पर भारतीय झंडे वाले जहाज पर हुआ हमला किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। मंत्रालय ने व्यावसायिक जहाजों और आम नाविकों को लगातार निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की।

अराघची की द्विपक्षीय बैठकें

अराघची बुधवार रात भारत पहुँचे और ब्रिक्स बैठक में भाग लेने से पहले उन्होंने सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बैठक के दौरान उन्होंने मलेशिया के विदेश मंत्री मोहम्मद हसन, ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता की। इन बातचीत में द्विपक्षीय संबंध, क्षेत्रीय घटनाक्रम और बहुपक्षीय ढाँचों के भीतर समन्वय प्रमुख विषय रहे।

आगे क्या

गौरतलब है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत संवेदनशील गलियारा है और इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव भारत सहित तमाम देशों की ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है। भारतीय नाविकों की सुरक्षा और व्यावसायिक जहाजरानी की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना आने वाले दिनों में कूटनीतिक प्राथमिकता बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

ईरान की उस रणनीति का हिस्सा है जो पश्चिमी दबाव को वैधता से वंचित करने की कोशिश करती है। लेकिन ठीक उसी दिन गुजरात के जहाज पर हुए हमले ने इस कथ्य को जटिल बना दिया — क्योंकि जहाज किस पक्ष का निशाना बना, यह अभी स्पष्ट नहीं है। भारत के लिए यह स्थिति दोहरी चुनौती है: एक तरफ ईरान से कूटनीतिक संवाद, दूसरी तरफ अपने नाविकों और व्यापारिक हितों की सुरक्षा। MEA की निंदा सही दिशा में है, लेकिन होर्मुज में भारतीय जहाजों की सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक नीतिगत ढाँचे की अनुपस्थिति एक बड़ा सवाल बनी हुई है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अराघची ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर क्या कहा?
ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने 14 मई 2025 को नई दिल्ली में ब्रिक्स बैठक के दौरान कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में मौजूदा बाधाएँ अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण हैं और यह जलमार्ग ईरानी नौसेना के साथ सहयोग करने वाले सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुला है।
एमएसवी हाजी अली जहाज पर क्या हुआ?
13 मई 2025 की सुबह करीब 3:30 बजे ओमान के समुद्री तट के पास गुजरात के द्वारका निवासी सुलतान अहमद अंसार का मालवाहक जहाज एमएसवी हाजी अली कथित तौर पर ड्रोन या मिसाइल की चपेट में आकर डूब गया। जहाज बेरबेरा पोर्ट से शारजाह जा रहा था और सभी 14 क्रू मेंबर्स को ओमान कोस्टगार्ड ने सुरक्षित बचा लिया।
भारत सरकार ने इस हमले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
विदेश मंत्रालय (MEA) ने आधिकारिक बयान में कहा कि भारतीय झंडे वाले जहाज पर हुआ हमला किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है और व्यावसायिक जहाजों व नाविकों को निशाना बनाने की कड़ी निंदा की गई।
अराघची ने नई दिल्ली में किन नेताओं से मुलाकात की?
अराघची ने ब्रिक्स बैठक से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सेवा तीर्थ में मुलाकात की। बैठक के दौरान उन्होंने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा और मलेशिया के विदेश मंत्री मोहम्मद हसन से भी द्विपक्षीय वार्ता की।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत संवेदनशील गलियारा है, जिससे भारत की ऊर्जा आयात का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव भारत की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक जहाजरानी दोनों को सीधे प्रभावित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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