रूस-यूक्रेन के बीच '1,000 के बदले 1,000' कैदी अदला-बदली की तैयारी, पेस्कोव ने दी जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
रूस और यूक्रेन के बीच 1,000 कैदियों की अदला-बदली की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है। मॉस्को में 14 मई 2026 को क्रेमलिन के प्रेस सचिव दिमित्री पेस्कोव ने पुष्टि की कि दोनों पक्षों के बीच कैदियों की सूची को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत जारी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच युद्धविराम के बाद कूटनीतिक संपर्क के संकेत मिल रहे हैं।
पेस्कोव का बयान और वार्ता की स्थिति
दिमित्री पेस्कोव ने कहा, 'लिस्ट को लेकर बातचीत चल रही है। यही इस प्रक्रिया का सबसे मुश्किल हिस्सा है, लेकिन काम काफी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों पक्षों की संबंधित एजेंसियाँ कैदियों की सूची पर सक्रिय रूप से कार्यरत हैं और समझौता होते ही अदला-बदली शुरू कर दी जाएगी।
ट्रंप के प्रस्ताव और रूस की सहमति
रूसी राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव ने पहले बताया था कि रूस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, जिसमें 9 से 11 मई तक यूक्रेन के साथ युद्धविराम और '1,000 के बदले 1,000' कैदियों की अदला-बदली का सुझाव दिया गया था। यह युद्धविराम सोवियत संघ की द्वितीय विश्व युद्ध में जीत की 81वीं वर्षगांठ के समारोह से पहले घोषित किया गया था।
यूक्रेन की स्थिति और जेलेंस्की का रुख
11 मई को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने घोषणा की कि यूक्रेन ने प्रस्तावित अदला-बदली के लिए 1,000 बंदियों की सूची रूस को सौंप दी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, जेलेंस्की ने कहा, 'अब पुतिन खुद कह रहे हैं कि वे आखिरकार वास्तविक बातचीत के लिए तैयार हैं। हमने उन्हें थोड़ा इस दिशा में आगे बढ़ाया है और हम खुद भी काफी समय से ऐसी बातचीत के लिए तैयार थे।' जेलेंस्की ने यह भी ज़ोर दिया कि संघर्ष को समाप्त करने के साथ-साथ भरोसेमंद सुरक्षा गारंटी मिलनी चाहिए।
युद्धविराम के बाद भी सैन्य अभियान जारी
12 मई को रूस के रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि युद्धविराम समाप्त होने के बाद रूसी सेना का 'स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन' जारी है। मॉस्को ने यह भी आरोप लगाया कि युद्धविराम के दौरान यूक्रेन ने 'स्पेशल ऑपरेशन जोन' में 30,383 बार युद्धविराम का उल्लंघन किया। यूक्रेन की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।
आगे क्या होगा
कैदियों की सूची पर सहमति बनना इस प्रक्रिया की सबसे बड़ी चुनौती बताई जा रही है। यदि दोनों पक्ष सूची पर राज़ी हो जाते हैं, तो यह अदला-बदली रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान अब तक की सबसे बड़ी कैदी विनिमय कार्रवाइयों में से एक होगी। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम व्यापक शांति वार्ता की दिशा में एक संभावित संकेत हो सकता है, हालाँकि ज़मीनी स्तर पर संघर्ष अभी भी जारी है।