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क्या रूस यूक्रेन से बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अपने मकसद पर अडिग रहेगा?

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क्या रूस यूक्रेन से बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अपने मकसद पर अडिग रहेगा?

सारांश

क्या रूस वास्तव में यूक्रेन के साथ शांति वार्ता के लिए तैयार है? क्रेमलिन प्रवक्ता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, रूस अपने लक्ष्यों पर अडिग है, जबकि यूक्रेन के राष्ट्रपति शांति वार्ता का प्रस्ताव रख रहे हैं। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का प्रभाव भी इस मुद्दे पर बढ़ता जा रहा है।

मुख्य बातें

रूस अपने लक्ष्यों पर अडिग है।
यूक्रेन के साथ शांति वार्ता का प्रस्ताव है।
अमेरिका का हस्तक्षेप स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
सीजफायर के लिए प्रयास आवश्यक हैं।
राजनीतिक तनाव को कम करने की आवश्यकता है।

मॉस्को, 21 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा है कि रूस यूक्रेन मुद्दे पर समझौता करने के लिए तैयार है, लेकिन अपने मकसद से किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेगा।

पेसकोव ने रविवार को सरकारी टेलीविजन पर दिए गए एक इंटरव्यू में बताया, "राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कई बार कहा है कि वह यूक्रेन संकट का शांतिपूर्ण समाधान जल्द से जल्द चाहते हैं। यह एक लंबी प्रक्रिया है और इसके लिए प्रयास आवश्यक हैं। यह आसान नहीं है। हमारे लक्ष्य बिलकुल स्पष्ट हैं, इनमें कोई बदलाव नहीं है।"

रूसी अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि कोई भी शांति समझौता यूक्रेन के चार क्षेत्रों से अपनी सेना वापस बुलाने, नाटो में शामिल होने की अपनी कोशिश छोड़ने और नाटो सैनिकों की तैनाती रोकने पर निर्भर करता है।

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने शनिवार को कहा कि उनके अधिकारियों ने इस हफ्ते मास्को के साथ शांति वार्ता का एक नया दौर आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा, "सीजफायर के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए।"

'समाचार एजेंसी सिन्हुआ' के अनुसार, 14 जुलाई को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस में नाटो महासचिव मार्क रूटे के साथ बैठक के दौरान कहा कि अमेरिका नाटो के जरिए यूक्रेन को हथियार भेजेगा। अगर 50 दिनों में सीजफायर समझौता नहीं हुआ तो रूस पर 'कड़े टैरिफ' लगाने की धमकी दी गई है।

रूस ने ट्रंप के 50 दिन के अल्टीमेटम को खारिज करते हुए इसे अस्वीकार किया है।

इस घोषणा के बाद, नाटो में अमेरिका के स्थायी प्रतिनिधि मैथ्यू व्हिटेकर ने कहा कि यूक्रेन को हथियार आपूर्ति करने और अतिरिक्त रूस-विरोधी प्रतिबंध लगाने के राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों पर रूस की प्रतिक्रिया आने की संभावना है, जिसमें राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल हो सकते हैं।

ट्रंप ने रूस पर 'बहुत कड़े टैरिफ' लगाने की धमकी दी है।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए उन्होंने कहा, "उनसे मेरी बातचीत बहुत अच्छी रही, और फिर रात में मिसाइलें दाग दी गईं।"

ट्रंप ने दोनों देशों के बीच समझौता कराने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा, "मुझे लगा कि रूस और यूक्रेन के बीच हमारे बीच करीब चार बार समझौता हो गया था, लेकिन युद्ध लगातार चलता ही गया।"

संपादकीय दृष्टिकोण

मेरा मानना है कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रही बातचीत के प्रयास बहुत महत्वपूर्ण हैं। युद्ध का समाधान शांति वार्ता में ही है, लेकिन दोनों पक्षों के लक्ष्यों को समझना आवश्यक है। हमें उम्मीद है कि किसी समझौते पर पहुंचा जा सकेगा, जिससे दोनों देशों की स्थिति में सुधार हो।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता का क्या महत्व है?
यह वार्ता दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने और स्थायी शांति सुनिश्चित करने में मदद कर सकती है।
क्या अमेरिका का हस्तक्षेप इस वार्ता को प्रभावित कर सकता है?
हाँ, अमेरिका की नीतियाँ और समर्थन दोनों देशों की बातचीत की दिशा को प्रभावित कर सकती हैं।
क्या रूस अपने लक्ष्यों से पीछे हटेगा?
रूस ने स्पष्ट किया है कि वह अपने लक्ष्यों से पीछे नहीं हटेगा, जिससे वार्ता में चुनौती उत्पन्न होती है।
राष्ट्र प्रेस
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