बस्तर नक्सल मुक्ति और ईंधन अफवाहों पर सीएम विष्णु देव साय ने अमित शाह से की चर्चा

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बस्तर नक्सल मुक्ति और ईंधन अफवाहों पर सीएम विष्णु देव साय ने अमित शाह से की चर्चा

सारांश

दिल्ली दौरे से लौटे सीएम विष्णु देव साय ने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह से नक्सल मुक्त बस्तर और 36 लाख लोगों तक स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने के अभियान पर चर्चा हुई। साथ ही उन्होंने पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहों को खारिज करते हुए प्रदेशवासियों से संयम बरतने की अपील की।

मुख्य बातें

सीएम विष्णु देव साय ने 14 मई 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
बैठक में नक्सल मुक्त बस्तर की प्रगति और क्षेत्र की विकास परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
' मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान ' के तहत 36 लाख लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने का लक्ष्य।
मध्य क्षेत्र की अगली बैठक बस्तर, छत्तीसगढ़ में होगी — मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड भी शामिल।
सीएम साय ने पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहों को खारिज किया; कहा — सभी ऑयल डिपो में पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अनावश्यक ईंधन संग्रहण से बचने की अपील की है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 14 मई 2026 को नई दिल्ली के एकदिवसीय दौरे से रायपुर लौटने के बाद बताया कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नक्सल मुक्त बस्तर, 'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान' और राज्य की विकास परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों को खारिज करते हुए प्रदेशवासियों से संयम बरतने की अपील की।

बस्तर नक्सल मुक्ति पर केंद्र-राज्य समन्वय

सीएम साय ने बताया कि दिल्ली दौरे के दौरान गृह मंत्री अमित शाह से बस्तर में नक्सल उन्मूलन की प्रगति पर गहन विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण बस्तर नक्सल मुक्त हुआ है। इस दौरे में राज्य के गृह मंत्री भी उनके साथ थे।

गौरतलब है कि बस्तर दशकों से नक्सल हिंसा का केंद्र रहा है और हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों के अभियानों के चलते इस क्षेत्र में स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब केंद्र और राज्य सरकार दोनों बस्तर में विकास की रफ्तार तेज़ करने पर जोर दे रही हैं।

मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान: 36 लाख लोगों तक पहुँचने का लक्ष्य

सीएम साय ने बताया कि बस्तर में 'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान' के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों की जाँच कर रही हैं और जरूरतमंदों को अस्पताल भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का लक्ष्य 36 लाख लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना है।

इसके अतिरिक्त, ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर सरकारी दस्तावेज़ बनवाए जा रहे हैं, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों के निवासियों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। क्षेत्र में चल रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा भी गृह मंत्री के साथ बैठक में हुई।

बस्तर में होगी मध्य क्षेत्र की अहम बैठक

सीएम साय ने बताया कि इस बार मध्य क्षेत्र की बैठक बस्तर, छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाली है, जिसमें मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री ने इसकी घोषणा पहले ही कर दी थी और यह बैठक राज्य के लिए गौरव की बात है।

पेट्रोल-डीजल अफवाहों पर सरकार का स्पष्टीकरण

रायपुर लौटते ही सीएम साय ने प्रदेश में ईंधन की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है और सरकार पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि कभी-कभी एक-दो दिन की मामूली असुविधा हो सकती है, लेकिन इसे लेकर अनावश्यक भय फैलाना उचित नहीं।

इसके साथ ही सीएम साय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने लिखा कि प्रदेश के सभी ऑयल डिपो में नियमित रूप से ईंधन की आपूर्ति हो रही है और वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की जा रही है। प्रदेश सरकार और ऑयल कंपनियाँ पूर्ण समन्वय के साथ स्थिति पर निगरानी बनाए हुए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अनावश्यक खरीदारी और संग्रहण से बचने की अपील की है। साय ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे केवल आवश्यकतानुसार ईंधन लें और किसी भी भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें।

आगे की राह

बस्तर में मध्य क्षेत्र की बैठक के आयोजन और 'स्वस्थ बस्तर अभियान' की प्रगति के साथ, राज्य सरकार के सामने यह सुनिश्चित करने की चुनौती है कि विकास की गति जमीनी स्तर तक पहुँचे। ईंधन आपूर्ति को लेकर सरकार की पारदर्शी प्रतिक्रिया से जनता में विश्वास बहाली की कोशिश की गई है, लेकिन दीर्घकालिक आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करना ही स्थायी समाधान होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि सुरक्षा के बाद विकास की रफ्तार ज़मीन पर कितनी दिखती है — 36 लाख लोगों तक स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, पर इसकी प्रगति की स्वतंत्र निगरानी अभी स्पष्ट नहीं है। पेट्रोल-डीजल की अफवाहों पर सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया सराहनीय है, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में राज्य की आपूर्ति श्रृंखला कितनी मज़बूत है। बस्तर में मध्य क्षेत्र की बैठक का आयोजन प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण है — यह संकेत देता है कि केंद्र सरकार इस क्षेत्र को मुख्यधारा में लाने के संकल्प को दोहराना चाहती है।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम विष्णु देव साय और गृह मंत्री अमित शाह की बैठक में क्या हुआ?
14 मई 2026 को नई दिल्ली में हुई इस बैठक में नक्सल मुक्त बस्तर की प्रगति, 'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान' और क्षेत्र की विकास परियोजनाओं पर चर्चा हुई। राज्य के गृह मंत्री भी इस एकदिवसीय दौरे में साथ थे।
मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान क्या है?
यह छत्तीसगढ़ सरकार का एक स्वास्थ्य अभियान है जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें बस्तर में घर-घर जाकर लोगों की जाँच करती हैं और जरूरतमंदों को अस्पताल भेजा जाता है। इस अभियान का लक्ष्य बस्तर के 36 लाख लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना है।
छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहें क्यों फैलीं और सरकार का क्या कहना है?
वैश्विक परिस्थितियों के बीच सोशल मीडिया पर ईंधन की कमी की अफवाहें फैलीं, जिसके बाद सीएम साय ने स्पष्ट किया कि राज्य के सभी ऑयल डिपो में पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है और आपूर्ति सुचारू है। उन्होंने प्रदेशवासियों से केवल आवश्यकतानुसार ईंधन लेने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
बस्तर में मध्य क्षेत्र की बैठक में कौन-से राज्य शामिल होंगे?
इस बैठक में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ शामिल होंगे। गृह मंत्री अमित शाह ने पहले ही इसकी घोषणा कर दी थी और यह बैठक बस्तर में आयोजित होने वाली है।
बस्तर नक्सल मुक्त कैसे हुआ और आगे क्या योजना है?
सीएम साय के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और सुरक्षा बलों के अभियानों के कारण बस्तर नक्सल मुक्त हुआ है। अब सरकार का ध्यान स्वास्थ्य, दस्तावेज़ीकरण और विकास परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में स्थायी बदलाव लाने पर है।
राष्ट्र प्रेस
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