छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर नियंत्रण: पीएम मोदी और अमित शाह का योगदान, सीएम विष्णु देव साय का आभार
सारांश
Key Takeaways
- नक्सलवाद के खात्मे के बाद सुकमा में विकास कार्यों का उद्घाटन।
- प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह का योगदान महत्वपूर्ण।
- स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर।
- इमली प्रसंस्करण केंद्र का उद्घाटन।
- पुनर्वासित लोगों को सहायता राशि और रोजगार के अवसर।
सुकमा, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नक्सलवाद के विघटन के बाद बस्तर क्षेत्र की उनकी पहली यात्रा सुकमा की धरती से शुरू होना एक महत्वपूर्ण अवसर है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह उनकी नक्सलवाद समाप्त होने के बाद की पहली यात्रा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के योगदान के कारण छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर नियंत्रण पाया गया है।
मीडिया से बातचीत में सीएम साय ने कहा कि उनकी सरकार स्वच्छ और पारदर्शी प्रशासन प्रदान करने का प्रयास कर रही है। पूर्व की सरकारों में खुले भ्रष्टाचार के रास्तों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है और अब भ्रष्टाचार के दोषियों को सजा मिल रही है।
उन्होंने कहा कि सुकमा, जो कभी नक्सलवाद के अंधेरे में था, अब विकास और विश्वास की नई किरण के साथ आगे बढ़ रहा है। सुकमा मिनी स्टेडियम में उन्होंने कई विकास कार्यों का उद्घाटन किया और विभागीय स्टालों का निरीक्षण किया। हितग्राहियों को सामग्री और सहायता राशि वितरित की। हितग्राहियों के चेहरों पर आत्मविश्वास और संतोष इस बात का संकेत है कि हमारी योजनाएं अब वास्तविकता में परिवर्तित हो रही हैं। वनांचल का हर घर मुख्यधारा से जुड़ रहा है। यही सुशासन सरकार की प्रतिबद्धता है और यही विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा है।
सुशासन सरकार के अंतर्गत बस्तर क्षेत्र अब नक्सलवाद से मुक्त होकर नए अवसरों के साथ निरंतर प्रगति कर रहा है। स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के बेहतर अवसर प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है।
इसी दिशा में, आज सुकमा जिले में इमली प्रसंस्करण केंद्र का उद्घाटन किया गया। यह केंद्र वनांचल की माताओं-बहनों और किसानों की मेहनत को नई पहचान देने की एक महत्वपूर्ण पहल है।
यह केंद्र वनोपज के मूल्यवर्धन के साथ स्थानीय परिवारों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बस्तर में विकास की यह धारा निरंतर बहती रहे, हर घर तक समृद्धि पहुंचे और हर परिवार को सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिले, यही हमारा अटल संकल्प है।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भटके हुए लोगों को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक जीवन, रोजगार, और समान अवसर प्रदान करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। सुकमा प्रवास के दौरान उन्होंने जिला मुख्यालय में पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया और उन पुनर्वासित भाई-बहनों से संवाद किया, जिन्होंने शांति और विकास का मार्ग चुना है।
सीएम ने कहा कि उनकी आंखों में आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण है कि सही अवसर मिलने पर हर भटका हुआ कदम नई शुरुआत कर सकता है। इस दौरान पुनर्वासित भाई-बहनों को मोबाइल, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की चाबियाँ, नियुक्ति पत्र, और सहायता राशि वितरित की गई। कौशल विकास प्रशिक्षण से जुड़कर वे आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहे हैं।