उदित राज ने पीएम मोदी के पत्र पर उठाया सवाल, महिला आरक्षण पर ऑल पार्टी मीटिंग का न होना क्यों?

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उदित राज ने पीएम मोदी के पत्र पर उठाया सवाल, महिला आरक्षण पर ऑल पार्टी मीटिंग का न होना क्यों?

सारांश

महिला आरक्षण बिल को लेकर 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र शुरू हो रहा है। पीएम मोदी ने विपक्षी दलों से सहयोग की अपील की है। कांग्रेस नेता उदित राज ने इस पर सवाल उठाते हुए ऑल पार्टी मीटिंग ना बुलाने पर चिंता व्यक्त की है। जानिए इस मुद्दे पर उनके विचार।

Key Takeaways

  • महिला आरक्षण विधेयक पर संसद का विशेष सत्र १६ अप्रैल से शुरू होगा।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने सभी दलों से सहयोग की अपील की है।
  • उदित राज ने ऑल पार्टी मीटिंग की कमी पर सवाल उठाया है।
  • सोनिया गांधी का कहना है कि डिलिमिटेशन राजनीतिक दृष्टिकोण से होना चाहिए।
  • महिला आरक्षण विधेयक का श्रेय केवल भाजपा को नहीं दिया जाना चाहिए।

नई दिल्ली, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण विधेयक के संदर्भ में संसद का विशेष सत्र १६ अप्रैल से आरंभ होने जा रहा है। तीन दिनों के इस सत्र के लिए, प्रधानमंत्री मोदी ने सभी विपक्षी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर सहयोग का आह्वान किया है। इस पत्र पर कांग्रेस नेता उदित राज ने टिप्पणी की है। उन्होंने पूछा कि जब सभी दलों से सहयोग की बात हो रही है, तो ऑल पार्टी मीटिंग क्यों नहीं बुलाई गई?

महिला आरक्षण विधेयक पर सोनिया गांधी के लेख पर उदित राज ने कहा कि यह विधेयक पहले ही पारित हो चुका है, तो अब यह सब क्यों किया जा रहा है।

उदित राज ने यह भी कहा कि विधानसभा चुनावों के बीच, जब तमिलनाडु और बंगाल में चुनाव हो रहे हैं, तब यह कार्य पहले भी किया जा सकता था, लेकिन तब ऐसा नहीं किया गया। दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि परिसीमन के बिना सीटें नहीं बढ़ाई जा सकतीं। कोई भी आनुपातिक प्रतिनिधित्व पर भी सहमत नहीं है।

सोनिया गांधी के विचारों का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि डिलिमिटेशन केवल अंकगणितीय आधार पर नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टिकोण से भी होना चाहिए। अंकगणितीय का मतलब है कि जिन राज्यों की जनसंख्या अधिक बढ़ी है, उन्हें अतिरिक्त सीटें मिलेंगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण और शिक्षा पर ध्यान दिया, उन्हें सजा क्यों मिलनी चाहिए?

उदित राज ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण विधेयक का श्रेय केवल भाजपा को नहीं दिया जाना चाहिए। इसमें सभी पार्टियों की भूमिका होनी चाहिए। साथ ही, ओबीसी के लिए आरक्षण का प्रावधान भी होना चाहिए।

उन्होंने याद दिलाया कि जब संसद में यह विधेयक पहली बार पेश हुआ था, तब शरद यादव और लालू प्रसाद यादव जैसे नेता इस मुद्दे पर अड़े थे कि ओबीसी को बहुत नुकसान होगा। शरद यादव ने कहा था कि 'बाल कटी महिलाएं संसद पहुँच जाएंगी', जिस पर काफी हंगामा हुआ था। यह भी एक दृष्टिकोण है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सभी सांसदों से समर्थन की अपील पर उदित राज ने कहा कि यह तो मूर्ख बनाने वाली बात है। अगर सभी पार्टियों का सहयोग लेना होता तो ऑल पार्टी मीटिंग बुलानी चाहिए थी। एक तरफ सभी पार्टियों और जनता को भ्रमित किया जा रहा है, दूसरी तरफ काम अपनी मर्जी से किया जा रहा है। इसमें विरोधाभास है।

Point of View

NationPress
16/04/2026

Frequently Asked Questions

महिला आरक्षण बिल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
महिला आरक्षण बिल का मुख्य उद्देश्य संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करना है।
उदित राज ने पीएम मोदी के पत्र पर क्या सवाल उठाया?
उदित राज ने पूछा कि यदि सभी दलों से सहयोग की बात हो रही है, तो ऑल पार्टी मीटिंग क्यों नहीं बुलाई गई?
सोनिया गांधी का इस विषय पर क्या कहना है?
सोनिया गांधी ने कहा है कि डिलिमिटेशन केवल अंकगणितीय नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टिकोण से भी होना चाहिए।
महिला आरक्षण विधेयक के लिए किसका श्रेय नहीं दिया जाना चाहिए?
उदित राज ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक का श्रेय केवल भाजपा को नहीं दिया जाना चाहिए, इसमें सभी पार्टियों की भूमिका है।
क्या ओबीसी के लिए आरक्षण का प्रावधान होगा?
उदित राज ने कहा कि ओबीसी के लिए भी आरक्षण का प्रावधान होना चाहिए।
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