गिदोन सार ने 'हिंदी लीडर्स' से चर्चा कर इजरायल-भारत संबंधों को बताया 'महत्वपूर्ण'
सारांश
Key Takeaways
- इजरायल और भारत के बीच संबंधों में तेजी से वृद्धि हो रही है।
- सार ने इस साझेदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
- सहयोग के क्षेत्र में रक्षा, कृषि, और नवाचार शामिल हैं।
- इजरायल ने रेडिकल इस्लाम के खिलाफ अभियान चलाया है।
- हमास को आतंकवादी संगठन घोषित करने का महत्व।
तेल अवीव, १६ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने विश्वभर में भारतीय संस्कृति से जुड़े एक समूह के साथ ऑनलाइन वार्ता की। उन्होंने इस महत्वपूर्ण चर्चा को भारत और इजरायल के बढ़ते संबंधों से जोड़ा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने इस बैठक का विवरण साझा किया। सार ने बताया कि इस संवाद में सकारात्मक प्रवृत्तियों पर बल दिया गया। उन्होंने 'हिंदी लीडर्स' समूह से कहा कि दोनों देशों के बीच संरचनात्मक, सुरक्षा और तकनीकी सहयोग तेजी से नई ऊँचाइयों को छू रहा है।
भारत-इजरायल संबंधों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सार ने कहा कि यह साझेदारी केवल कूटनीतिक दायरे में नहीं है, बल्कि रक्षा, कृषि, साइबर सुरक्षा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में भी गहराई से विकसित हो चुकी है। उन्होंने इस सहयोग को भविष्य की वैश्विक स्थिरता के लिए भी आवश्यक बताया।
इस दौरान पिछले ढाई वर्षों में इजरायल द्वारा ‘रेडिकल इस्लाम’ के खिलाफ चलाए गए अभियानों का भी उल्लेख किया गया। गिदोन सार ने कहा कि इस संघर्ष में इजरायल ने विभिन्न मोर्चों पर अपनी रणनीतिक बढ़त को सिद्ध किया है और क्षेत्र में सक्रिय उग्रवादी नेटवर्क को काफी हद तक कमजोर किया है।
उन्होंने इस संदर्भ में ईरान के नेतृत्व में सक्रिय तत्वों का भी उल्लेख किया, जिन पर क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया। सार ने कहा कि इस संघर्ष का प्रभाव केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके दूरगामी वैश्विक परिणाम भी हो सकते हैं।
इस अवसर पर भारत द्वारा हमास को आतंकवादी संगठन घोषित करने के महत्व को भी रेखांकित किया गया। सार ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा समेत अन्य उग्रवादी संगठनों का हमास के साथ संबंध रहा है।