30 जुलाई 2026
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आंध्र प्रदेश के नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर अमरावती विधेयक को मंजूरी देने के लिए आभार व्यक्त किया

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आंध्र प्रदेश के नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर अमरावती विधेयक को मंजूरी देने के लिए आभार व्यक्त किया

सारांश

आंध्र प्रदेश के मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की और अमरावती को स्थायी राजधानी के रूप में मान्यता देने के लिए धन्यवाद दिया। यह महत्वपूर्ण कदम राज्य की राजनीतिक स्थिरता को बढ़ाएगा।

मुख्य बातें

अमरावती को स्थायी राजधानी के रूप में मान्यता मिलने से राज्य में राजनीतिक स्थिरता बढ़ेगी।
राष्ट्रपति ने किसानों और राज्य के नेतृत्व की सराहना की।
राज्य के नेताओं ने प्रधानमंत्री का भी धन्यवाद किया।
विधेयक के पारित होने से आंध्र प्रदेश का भविष्य उज्जवल हो सकता है।
यह कदम आंध्र प्रदेश के विकास में सहायक सिद्ध होगा।

नई दिल्ली, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश के मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश ने सोमवार को राज्य के एनडीए सांसदों के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की और अमरावती को राज्य की स्थायी राजधानी के रूप में कानूनी मान्यता देने के लिए आभार व्यक्त किया।

मंत्री नारा लोकेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलना उनके लिए एक सम्मान की बात थी, और उन्होंने आंध्र प्रदेश के करोड़ों नागरिकों की ओर से अमरावती को राज्य की राजधानी बनाने वाले विधेयक को मंजूरी देने के लिए धन्यवाद दिया।

तेलुगु देशम पार्टी के महासचिव नारा लोकेश ने साझा किया कि राष्ट्रपति मुर्मु ने किसानों की असाधारण समर्पण और बलिदान की सराहना की, साथ ही मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के मजबूत नेतृत्व की भी प्रशंसा की, जिसने राज्य की राजधानी को लेकर लम्बे समय से चली आ रही अनिश्चितता को समाप्त किया।

लोकेश ने कहा, "मुझे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को एक कॉफी टेबल बुक भेंट करने का सौभाग्य मिला, जिसमें अमरावती की यात्रा और हमारे किसानों के संघर्ष की प्रेरणादायक कहानी प्रस्तुत की गई है।"

राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक एक्स अकाउंट के अनुसार, आंध्र प्रदेश के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की, जिसमें केंद्रीय इस्पात और भारी उद्योग राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा, मंत्री नारा लोकेश, और राज्य के राज्यसभा व लोकसभा सांसद शामिल थे।

राष्ट्रपति मुर्मु ने ६ अप्रैल को आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, २०२६ को मंजूरी दी थी, जिसे संसद ने पारित किया था। उसी दिन केंद्र सरकार ने राजपत्र अधिसूचना जारी कर अमरावती को आंध्र प्रदेश की एकमात्र और स्थायी राजधानी का कानूनी दर्जा दिया।

यह संशोधन अधिनियम २०१४ के आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम में बदलाव करता है। संसद ने २ अप्रैल को इस विधेयक को अंतिम मंजूरी दी थी, जिसमें अमरावती को आधिकारिक रूप से राजधानी घोषित किया गया।

राज्यसभा ने लोकसभा द्वारा पारित किए जाने के एक दिन बाद इसे ध्वनि मत से पास किया।

संसद से बिल पारित होने के बाद मंत्री नारा लोकेश और एनडीए सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर उनका भी धन्यवाद किया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमरावती को स्थायी राजधानी कब घोषित किया गया?
अमरावती को स्थायी राजधानी के रूप में ६ अप्रैल २०२६ को राष्ट्रपति द्वारा कानूनी मान्यता दी गई।
इस विधेयक का उद्देश्य क्या है?
इस विधेयक का उद्देश्य आंध्र प्रदेश की स्थायी राजधानी को कानूनी मान्यता प्रदान करना है।
कौन-कौन से नेता इस मुलाकात में शामिल थे?
इस मुलाकात में मंत्री नारा लोकेश और अन्य एनडीए सांसद शामिल थे।
राष्ट्रपति ने किस चीज की सराहना की?
राष्ट्रपति ने किसानों के धैर्य और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व की सराहना की।
इस विधेयक को मंजूरी देने के बाद क्या हुआ?
विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद राज्य के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी धन्यवाद किया।
राष्ट्र प्रेस
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