अमित शाह का बयान: नरेंद्र मोदी की सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध, हथियार उठाने वालों का होगा हिसाब
सारांश
Key Takeaways
- बस्तर का विकास: नक्सलवाद के प्रभाव में कमी आई है।
- मोदी सरकार की योजनाएं: गरीबों को घर, गैस, और पानी की उपलब्धता।
- विपक्ष की नाकामी: कांग्रेस पर विकास में बाधा डालने का आरोप।
नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में देश को वामपंथी उग्रवाद से मुक्त करने के प्रयासों पर चल रही चर्चा के दौरान सदन को संबोधित किया।
अमित शाह ने कहा कि सबसे पहले मैं उस क्षेत्र का जिक्र करना चाहता हूं, जिसे रेड कॉरिडोर के नाम से जाना जाता है, जिसमें 12 राज्य और 70 प्रतिशत भूभाग शामिल हैं। इस क्षेत्र में रहने वाली जनसंख्या के प्रति मैं सदन को धन्यवाद देना चाहता हूं।
गृह मंत्री ने कहा कि आज बस्तर से नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है। बस्तर के हर गांव में स्कूल और राशन की दुकानें खोलने की मुहिम चल रही है। मैं यह पूछना चाहता हूं कि जो लोग कहते हैं कि आदिवासियों का विकास अब तक क्यों नहीं हुआ, वे खुद बताएं कि 70 सालों में उन्होंने क्या किया?
उन्होंने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार आने के बाद देश के हर गरीब को घर, गैस, शुद्ध पानी, 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा और प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो मुफ्त अनाज मिला है। लेकिन, क्या बस्तर वाले इस विकास से वंचित रह गए थे?
अमित शाह ने कहा, "मैं इसलिए कह रहा हूं कि सच को झुठलाया जा रहा है। बस्तर वाले इसलिए छूट गए थे क्योंकि वहां लाल आतंक की परछाई थी, जिससे विकास नहीं पहुंचा। अब मोदी सरकार में वह परछाई हट गई है और बस्तर विकास कर रहा है। यह नरेंद्र मोदी की सरकार है, जो हथियार उठाएगा, उसका हिसाब लिया जाएगा।"
उन्होंने कहा, "मैं पूछना चाहता हूं कि 75 साल में से 60 साल तक शासन आपने किया, आदिवासी विकास से क्यों वंचित रहे? अब नरेंद्र मोदी ही उनका विकास कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि आपने (कांग्रेस) 60 साल तक उन्हें घर, पानी, स्कूल, और बैंक की सुविधाएं नहीं दीं। इसलिए पहले अपने गिरेबान में झांककर देखें कि असली दोषी कौन है।