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अमित शाह का बड़ा बयान: वामपंथियों ने आदिवासियों को किया बहका, नक्सलवाद का है यही कारण

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अमित शाह का बड़ा बयान: वामपंथियों ने आदिवासियों को किया बहका, नक्सलवाद का है यही कारण

सारांश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में नक्सलवाद और वामपंथी उग्रवाद पर महत्वपूर्ण बयान दिया। उनका कहना है कि वामपंथी विचारधारा के चलते यह समस्या उत्पन्न हुई है, और मोदी सरकार के कार्यकाल में इस पर नियंत्रण पाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्य बातें

वामपंथी विचारधारा ने नक्सलवाद को बढ़ावा दिया है।
मोदी सरकार ने कई नीतियों के माध्यम से इस समस्या का समाधान किया है।
नक्सलवाद से प्रभावित 12 राज्य हैं।
सरकार संवाद के लिए तैयार है, लेकिन हथियार डालने की शर्त है।
हिंसा का रास्ता चुनने वालों को कड़ा जवाब दिया जाएगा।

नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में देश को वामपंथी उग्रवाद से मुक्त करने के प्रयासों पर चल रही चर्चा के दौरान सदन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वामपंथी विचारधारा के कारण नक्सलवाद का विस्तार हुआ है, जिसे इंदिरा गांधी ने राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने के लिए भी स्वीकार किया था।

उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी माना था कि कश्मीर और नॉर्थ-ईस्ट की तुलना में देश में आंतरिक सुरक्षा की सबसे बड़ी समस्या माओवादी हैं, लेकिन उस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। 2014 में परिवर्तन आया और नरेंद्र मोदी के शासन में कई पुरानी समस्याओं का समाधान हुआ।

उन्होंने बताया कि धारा 370 का हटना, राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण, जीएसटी का कार्यान्वयन, सीएए का आना, और विधायी मंडलों में मातृशक्ति को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना, ये सब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुए महत्वपूर्ण कार्य हैं।

लोकसभा में नियम 193 के तहत वामपंथी उग्रवाद के खात्मे से जुड़ी चर्चा का उत्तर देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्त भारत का निर्माण भी नरेंद्र मोदी के शासन के दौरान हो रहा है। ये बारह वर्ष देश के लिए कई मायनों में शुभ साबित हुए हैं। नक्सलवाद का मूल विकास की मांग नहीं है, बल्कि यह एक विचारधारा है, जिसे इंदिरा गांधी ने 1970 में राष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए अपनाया था।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार, बंगाल, केरल, कर्नाटक के कुछ हिस्से और उत्तर प्रदेश के तीन जिले इस समस्या से प्रभावित हुए हैं। इस प्रकार पूरा 'रेड कॉरिडोर' बन गया था, जहां कानून का राज खत्म हो गया। बारह करोड़ लोग वर्षों तक गरीबी में रहे और किसी ने उनकी चिंता नहीं की। हजारों युवा अपनी जानें गंवा चुके हैं और कई लोग स्थायी रूप से दिव्यांग हो गए हैं। इसके लिए कौन जिम्मेदार है? संवाद के पक्षधर लोगों से मैं यही कहना चाहता हूं जो मैंने बस्तर के सार्वजनिक मंचों से कहा है: अपने हथियार डाल दो, और सरकार तुम्हारा पुनर्वास सुनिश्चित करेगी। लेकिन, वे हथियार डालने से इनकार कर रहे हैं। हमारी सरकार की नीति स्पष्ट है; हम उन लोगों से बातचीत के लिए तैयार हैं जो अपने हथियार डाल देते हैं। हिंसा के रास्ते को चुनने वालों को कड़ा जवाब दिया जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नक्सलियों का लोकतंत्र में कोई विश्वास नहीं है। कई लोगों ने कहा कि वे अन्याय के खिलाफ लड़ रहे हैं। लेकिन, आपकी लड़ाई का तरीका क्या है? हम अब ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के अधीन नहीं रह रहे हैं। कुछ लोग तो भगत सिंह और बिरसा मुंडा से अपनी तुलना करने की कोशिश कर रहे हैं। यह कितनी बेशर्मी है? आप ऐसे शहीदों की तुलना उन लोगों से कर रहे हैं जो संविधान का उल्लंघन करते हैं और निर्दोष लोगों का कत्लेआम करते हैं? ऐसे गंभीर मामलों पर विचार करते समय संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर उठना आवश्यक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और उनके अनुसार, मोदी सरकार ने इस चुनौती का सामना करने के लिए कई कदम उठाए हैं।
RashtraPress
16 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह ने नक्सलवाद के बारे में क्या कहा?
अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद वामपंथी विचारधारा के कारण फैला है और मोदी सरकार इस पर नियंत्रण पाने के लिए प्रयास कर रही है।
क्या नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों का कोई उल्लेख किया गया?
जी हां, शाह ने छत्तीसगढ़, तेलंगाना, ओडिशा सहित कई राज्यों का उल्लेख किया है जो इस समस्या से प्रभावित हैं।
राष्ट्र प्रेस
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