तेजस्वी यादव का हमला: बिहार सरकार से कोई उम्मीद नहीं, CM पर ही गंभीर आरोप
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने शनिवार, 16 मई को पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान बिहार की एनडीए सरकार पर तीखा सियासी प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिस सरकार के मुख्यमंत्री पर ही कई गंभीर आरोप लगे हों, उससे आम जनता कोई उम्मीद नहीं रख सकती।
मंत्रिमंडल पर परिवारवाद का आरोप
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार के मौजूदा मंत्रिमंडल में 18 ऐसे मंत्री हैं जो परिवारवाद की पृष्ठभूमि से आते हैं। उनके शब्दों में, 'केवल परिवारवादी और आपराधिक इतिहास वाले इस मंत्रिमंडल में हैं। आप समझ सकते हैं कि बिहार की स्थिति क्या है। इस सरकार से कोई उम्मीद नहीं है। कोई विजन नहीं है, कोई रोडमैप नहीं है। दिनभर केवल फोटोशूट चलता है। 50 मीटर पैदल चलना है और फोटोशूट कराना है।' यह बयान सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रति विपक्ष की गहरी नाराज़गी को दर्शाता है।
महंगाई और जनता का गुस्सा
राजद नेता ने कहा कि चुनाव समाप्त होते ही पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों में बेतहाशा वृद्धि हुई है, जिससे आम लोग आवश्यक वस्तुएँ खरीदने से भी कतरा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हमने कहा ही था कि चुनाव के बाद सरकार महंगाई बढ़ाएगी और वैसा ही हुआ। लोगों को ठगा गया।' उनके अनुसार जनता में इस सरकार के प्रति अब खुला गुस्सा है।
खजाना खाली, कानून-व्यवस्था पर सवाल
तेजस्वी यादव ने यह भी दावा किया कि बिहार का खजाना खाली है और राज्य में विकास कार्य ठप पड़े हैं। उन्होंने ब्लैकआउट की स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि अँधेरे का फायदा उठाकर व्यापारियों की हत्याएँ हो रही हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहज़े में पूछा कि 'ये लोग बंकर कब बना रहे हैं?' — जो कि मौजूदा राष्ट्रीय सुरक्षा परिस्थितियों के संदर्भ में एक सियासी कटाक्ष था।
केंद्र सरकार पर भी निशाना
विपक्षी नेता ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को निशाने पर लेते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल देश को 'बैलगाड़ी के दौर' में ले जाना चाहता है। प्रधानमंत्री के विदेश दौरों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि वे या तो चुनावी दौरे पर रहते हैं या विदेश दौरे पर — और इसी कारण देश की यह दशा है।
आगे क्या
तेजस्वी यादव के इस बयान से बिहार में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच सियासी तनाव और गहरा होने के संकेत हैं। राजद आने वाले दिनों में महंगाई और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सड़क से लेकर विधानसभा तक सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर सकती है।