नीट पेपर लीक: गहलोत के करीबी पूर्व RPSC अध्यक्ष गिरफ्तार, राजस्थान BJP ने कांग्रेस को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान भाजपा अध्यक्ष मदन राठौर ने 16 मई 2026 को अलवर में आयोजित 'पंडित दीनदयाल महाअभियान' प्रशिक्षण शिविर के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए नीट परीक्षा पेपर लीक विवाद पर कांग्रेस को तीखे शब्दों में आड़े हाथों लिया। राठौर ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माने जाने वाले पूर्व राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) अध्यक्ष को पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है, इसलिए कांग्रेस को भाजपा सरकार पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
मुख्य घटनाक्रम
हसन खान स्थित पालीवाल जैन भवन में आयोजित प्रशिक्षण शिविर के तीसरे सत्र में राठौर ने कहा, 'आरपीएससी अध्यक्ष को पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया गया है। वे खुद भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, फिर भी वे हम पर सवाल उठाते हैं।' उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासनकाल में 17 परीक्षा प्रश्नपत्र लीक हुए, जबकि वर्तमान भजनलाल शर्मा सरकार के कार्यकाल में एक भी प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ।
NTA की कार्रवाई पर BJP का रुख
राठौर ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा नीट परीक्षा को तत्काल रद्द कर नई तारीख घोषित करने के फैसले की सराहना की। उनका तर्क था कि इस तरह की त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई छात्रों के हित में है। उन्होंने इसकी तुलना एसआई भर्ती परीक्षा विवाद से की, जहाँ उम्मीदवारों को नौकरी मिलने के बाद भी दोबारा परीक्षा देनी पड़ी थी, जिससे उनकी तैयारी का क्रम बाधित हुआ।
BJP कार्यकर्ताओं को संदेश
राठौर ने भाजपा कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे जनता के बीच जाकर पार्टी की विचारधारा का प्रचार करें और मतदाताओं को कांग्रेस शासन के दौरान हुए कथित घोटालों की याद दिलाएँ। उन्होंने स्पष्ट किया कि नीट पेपर लीक मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब नीट-UG 2024 पेपर लीक विवाद पूरे देश में राजनीतिक तूफान बना हुआ है और विपक्षी दल केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं। गौरतलब है कि राजस्थान में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच परीक्षा घोटालों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का यह सिलसिला नया नहीं है।
आगे क्या
पूर्व RPSC अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद जाँच एजेंसियों की कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं। राठौर के बयान से स्पष्ट है कि भाजपा इस मुद्दे को आगामी राजनीतिक अभियानों में प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है।