नीट-2026 पेपर लीक: राजस्थान कांग्रेस ने NTA को बताया 'NGO जैसी संस्था', 22 लाख छात्रों के भविष्य पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शुक्रवार, 15 मई 2026 को जयपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल दागे। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट-2026 समेत लगातार हो रहे पेपर लीक विवादों के बीच केंद्र सरकार 22 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने में पूरी तरह विफल रही है।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
डोटासरा ने कहा कि 3 मई 2026 को आयोजित नीट-2026 परीक्षा में लाखों छात्रों ने महीनों की मेहनत और महँगी कोचिंग के बाद हिस्सा लिया, लेकिन पेपर लीक उजागर होने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह कोई पहली घटना नहीं है — कथित तौर पर 2024 और 2025 की नीट परीक्षाएँ भी अनियमितताओं से अछूती नहीं रहीं।
उनके अनुसार, 2026 के पेपर लीक की जाँच में एक गिरफ्तार नेता की जानकारी से पता चला कि नीट-2025 का प्रश्नपत्र भी राजस्थान में लीक हुआ था। डोटासरा ने आरोप लगाया कि यह जानकारी मिलने के बावजूद राजस्थान स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने उस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की, जिससे यह सवाल उठता है कि किसे बचाने की कोशिश की जा रही थी।
जमवारामगढ़ नेटवर्क का खुलासा
डोटासरा के दावों के अनुसार, 2026 के पेपर लीक की जाँच में जयपुर जिले के जमवारामगढ़ के दो व्यक्तियों — मांगीलाल और दिनेश बीवाल — से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। इन पर आरोप है कि इन्होंने बार-बार नीट के प्रश्नपत्र हासिल कर पैसों के बदले परिवार के सदस्यों और अन्य उम्मीदवारों को बेचे।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि इन दोनों परिवारों के पाँच बच्चों ने नीट-2024 में बेहद कम अंक प्राप्त किए थे, किंतु नीट-2025 में — बिना किसी औपचारिक कोचिंग के — उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पा लिया। उनके अनुसार, 2025 के पेपर लीक का मामला तब सामने आया जब 2026 की जाँच में उसी नेटवर्क की पुनः संलिप्तता पाई गई।
सत्तारूढ़ पक्ष पर निशाना
डोटासरा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं के बयानों पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने दावा किया कि राज्य के शिक्षा मंत्री ने पेपर लीक पर कहा था, 'तो क्या हुआ अगर पेपर लीक हो गया?' — जबकि BJP प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर ने कथित तौर पर यह कहकर विवाद को कम करने की कोशिश की कि यह लीक 'केरल से शुरू हुआ था।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नीट-2026 पेपर लीक में कथित तौर पर BJP नेता शामिल हैं और जाँच में प्रभावशाली लोगों को बचाया जा रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उन वादों की याद दिलाई, जिनमें पेपर लीक माफिया को जड़ से खत्म करने का आश्वासन दिया गया था। डोटासरा ने कहा कि इन वादों के बावजूद लीक न रुकना सरकार की इच्छाशक्ति पर सवाल खड़ा करता है।
NTA की भूमिका पर सवाल
डोटासरा ने NTA को 'NGO जैसी संस्था' बताते हुए सवाल किया कि नीट जैसी अत्यंत महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय परीक्षा की जिम्मेदारी ऐसी संस्था को क्यों सौंपी जा रही है। उन्होंने माँग की कि परीक्षा प्रणाली में आमूल सुधार किया जाए और जाँच निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नीट की विश्वसनीयता को लेकर छात्र संगठनों और अभिभावकों में गहरा आक्रोश है। आने वाले दिनों में इस मामले में न्यायालय और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर हलचल तेज होने की संभावना है।