नीट-2026 पेपर लीक: राजस्थान कांग्रेस ने NTA को बताया 'NGO जैसी संस्था', 22 लाख छात्रों के भविष्य पर उठाए सवाल

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नीट-2026 पेपर लीक: राजस्थान कांग्रेस ने NTA को बताया 'NGO जैसी संस्था', 22 लाख छात्रों के भविष्य पर उठाए सवाल

सारांश

राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा ने नीट-2026 पेपर लीक पर NTA को 'NGO जैसी संस्था' बताते हुए केंद्र सरकार पर 22 लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाया। जमवारामगढ़ नेटवर्क से जुड़े खुलासों और BJP नेताओं की कथित संलिप्तता के आरोपों ने इस विवाद को नई धार दे दी है।

मुख्य बातें

3 मई 2026 को आयोजित नीट-2026 परीक्षा पेपर लीक उजागर होने के बाद रद्द कर दी गई; 22 लाख से अधिक छात्र प्रभावित।
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने NTA को 'NGO जैसी संस्था' बताते हुए उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
जाँच में जयपुर के जमवारामगढ़ के दो व्यक्तियों — मांगीलाल और दिनेश बीवाल — से जुड़े संगठित नेटवर्क का कथित खुलासा।
डोटासरा का दावा — नीट-2025 का पेपर भी राजस्थान में लीक हुआ था, लेकिन SOG ने एफआईआर दर्ज नहीं की।
कांग्रेस ने BJP के शिक्षा मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर के बयानों पर भी निशाना साधा।
नीट-2024 और नीट-2025 की परीक्षाएँ भी कथित अनियमितताओं से प्रभावित रहीं।

राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शुक्रवार, 15 मई 2026 को जयपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल दागे। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट-2026 समेत लगातार हो रहे पेपर लीक विवादों के बीच केंद्र सरकार 22 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने में पूरी तरह विफल रही है।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

डोटासरा ने कहा कि 3 मई 2026 को आयोजित नीट-2026 परीक्षा में लाखों छात्रों ने महीनों की मेहनत और महँगी कोचिंग के बाद हिस्सा लिया, लेकिन पेपर लीक उजागर होने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह कोई पहली घटना नहीं है — कथित तौर पर 2024 और 2025 की नीट परीक्षाएँ भी अनियमितताओं से अछूती नहीं रहीं।

उनके अनुसार, 2026 के पेपर लीक की जाँच में एक गिरफ्तार नेता की जानकारी से पता चला कि नीट-2025 का प्रश्नपत्र भी राजस्थान में लीक हुआ था। डोटासरा ने आरोप लगाया कि यह जानकारी मिलने के बावजूद राजस्थान स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने उस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की, जिससे यह सवाल उठता है कि किसे बचाने की कोशिश की जा रही थी।

जमवारामगढ़ नेटवर्क का खुलासा

डोटासरा के दावों के अनुसार, 2026 के पेपर लीक की जाँच में जयपुर जिले के जमवारामगढ़ के दो व्यक्तियों — मांगीलाल और दिनेश बीवाल — से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। इन पर आरोप है कि इन्होंने बार-बार नीट के प्रश्नपत्र हासिल कर पैसों के बदले परिवार के सदस्यों और अन्य उम्मीदवारों को बेचे।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि इन दोनों परिवारों के पाँच बच्चों ने नीट-2024 में बेहद कम अंक प्राप्त किए थे, किंतु नीट-2025 में — बिना किसी औपचारिक कोचिंग के — उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पा लिया। उनके अनुसार, 2025 के पेपर लीक का मामला तब सामने आया जब 2026 की जाँच में उसी नेटवर्क की पुनः संलिप्तता पाई गई।

सत्तारूढ़ पक्ष पर निशाना

डोटासरा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं के बयानों पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने दावा किया कि राज्य के शिक्षा मंत्री ने पेपर लीक पर कहा था, 'तो क्या हुआ अगर पेपर लीक हो गया?' — जबकि BJP प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर ने कथित तौर पर यह कहकर विवाद को कम करने की कोशिश की कि यह लीक 'केरल से शुरू हुआ था।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नीट-2026 पेपर लीक में कथित तौर पर BJP नेता शामिल हैं और जाँच में प्रभावशाली लोगों को बचाया जा रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उन वादों की याद दिलाई, जिनमें पेपर लीक माफिया को जड़ से खत्म करने का आश्वासन दिया गया था। डोटासरा ने कहा कि इन वादों के बावजूद लीक न रुकना सरकार की इच्छाशक्ति पर सवाल खड़ा करता है।

NTA की भूमिका पर सवाल

डोटासरा ने NTA को 'NGO जैसी संस्था' बताते हुए सवाल किया कि नीट जैसी अत्यंत महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय परीक्षा की जिम्मेदारी ऐसी संस्था को क्यों सौंपी जा रही है। उन्होंने माँग की कि परीक्षा प्रणाली में आमूल सुधार किया जाए और जाँच निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए।

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नीट की विश्वसनीयता को लेकर छात्र संगठनों और अभिभावकों में गहरा आक्रोश है। आने वाले दिनों में इस मामले में न्यायालय और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर हलचल तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

गिरफ्तारी और राजनीतिक बयानबाज़ी के बावजूद व्यवस्था जस की तस रही। SOG द्वारा 2025 के लीक पर एफआईआर न दर्ज करने का आरोप — यदि सत्य है — तो यह महज प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि संस्थागत मिलीभगत की ओर इशारा करता है। असली सवाल यह नहीं कि NTA सक्षम है या नहीं — असली सवाल यह है कि जब बार-बार एक ही नेटवर्क पकड़ में आता है, तो पहली बार में कार्रवाई क्यों नहीं हुई। 22 लाख छात्रों का एक साल बर्बाद होना महज आँकड़ा नहीं है — यह उस परीक्षा प्रणाली पर भरोसे का टूटना है जिसे देश की मेडिकल प्रतिभा की पहचान करनी है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट-2026 पेपर लीक विवाद क्या है?
3 मई 2026 को आयोजित नीट-2026 परीक्षा का प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक हो गया, जिसके बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। इससे 22 लाख से अधिक छात्र प्रभावित हुए जिन्होंने महीनों की तैयारी और महँगी कोचिंग के बाद परीक्षा दी थी।
गोविंद सिंह डोटासरा ने NTA पर क्या आरोप लगाए?
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा ने NTA को 'NGO जैसी संस्था' बताते हुए सवाल उठाया कि नीट जैसी राष्ट्रीय परीक्षा की जिम्मेदारी ऐसी संस्था को क्यों दी जा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार पर छात्रों के भविष्य की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप भी लगाया।
जमवारामगढ़ नेटवर्क से क्या संबंध है?
डोटासरा के दावों के अनुसार, नीट-2026 की जाँच में जयपुर के जमवारामगढ़ के मांगीलाल और दिनेश बीवाल से जुड़े एक नेटवर्क का खुलासा हुआ। आरोप है कि इन्होंने बार-बार प्रश्नपत्र हासिल कर परिवार के सदस्यों और उम्मीदवारों को बेचे, जिससे नीट-2025 में उनके परिवार के पाँच बच्चों के अंक असामान्य रूप से बढ़ गए।
क्या नीट-2025 का पेपर भी लीक हुआ था?
डोटासरा के अनुसार, नीट-2026 की जाँच के दौरान गिरफ्तार एक नेता की जानकारी से यह सामने आया कि नीट-2025 का पेपर भी राजस्थान में लीक हुआ था। उनका आरोप है कि यह जानकारी मिलने के बावजूद SOG ने उस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की।
इस विवाद में BJP नेताओं की क्या भूमिका बताई जा रही है?
डोटासरा ने आरोप लगाया कि नीट-2026 पेपर लीक में कथित तौर पर BJP नेता शामिल हैं और जाँच में प्रभावशाली लोगों को बचाया जा रहा है। उन्होंने राज्य के शिक्षा मंत्री और BJP प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर के बयानों को भी उद्धृत किया, जिन पर उन्होंने विवाद को कम करने की कोशिश का आरोप लगाया।
राष्ट्र प्रेस
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