नीट (यूजी) 2026 रद्द: गहलोत ने राजस्थान भाजपा सरकार पर दो हफ्ते तक मामला दबाने का आरोप लगाया
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार, 13 मई 2026 को नीट (यूजी) 2026 परीक्षा रद्द होने के मामले में राजस्थान की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि परीक्षा का रद्द होना खुद इस बात का प्रमाण है कि 3 मई 2026 को आयोजित इस परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ हुईं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद परीक्षा रद्द कर दी है और नई तारीखें जल्द घोषित करने का आश्वासन दिया है।
परीक्षा रद्द होने की पृष्ठभूमि
NTA ने 3 मई 2026 को आयोजित नीट (यूजी) 2026 परीक्षा को केंद्र सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद रद्द कर दिया। अधिकारियों के अनुसार परीक्षा की नई तारीखें शीघ्र ही घोषित की जाएंगी। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि वह जाँच में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) के साथ पूर्ण सहयोग करेगी और सभी आवश्यक दस्तावेज़, रिकॉर्ड और सहायता उपलब्ध कराएगी।
गहलोत के आरोप: दो हफ्ते तक मामला दबाया गया
गहलोत ने आरोप लगाया कि राजस्थान की भाजपा सरकार ने इस मामले को जानबूझकर लगभग दो हफ्ते तक दबाने की कोशिश की, जिससे 'लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़' हुआ। उन्होंने कहा कि शुरुआत में एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई, जो प्रशासनिक लापरवाही और मंशा पर सवाल खड़े करता है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि राजस्थान में भाजपा सरकार ने इससे पहले स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड से जुड़े ओएमआर शीट घोटाले को भी प्रशासन की बदनामी से बचाने के लिए दबाने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि कमज़ोर कानूनी पैरवी के चलते उस मामले में आरोपियों को जमानत भी मिल गई थी।
CBI जाँच पर गहलोत का रुख
हालाँकि गहलोत ने भाजपा सरकार की आलोचना की, लेकिन उन्होंने NTA के परीक्षा रद्द करने और जाँच CBI को सौंपने के फैसले को 'विद्यार्थियों के हित और निष्पक्षता के लिए उठाया गया एक बड़ा कदम' बताया। उन्होंने कहा कि अब सच सामने आ गया है, जिससे भाजपा सरकार का असली चेहरा उजागर हो गया है।
आगे क्या होगा
केंद्र सरकार ने परीक्षा से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करने के लिए मामला CBI को सौंप दिया है। NTA ने कहा है कि वह जाँच एजेंसी को सभी ज़रूरी दस्तावेज़ और सहयोग देगी। लाखों मेडिकल प्रवेश परीक्षार्थियों की नज़रें अब नई परीक्षा तारीखों और जाँच की प्रगति पर टिकी हैं। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि CBI की जाँच कितनी तेज़ी से आगे बढ़ती है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।